भारतीय रिजर्व बैंक ने निवासियों के पण्य-वस्तु मूल्य के जोखिम की हेजिंग पर कार्यसमूह गठित किया
14 सितंबर 2016 भारतीय रिजर्व बैंक ने निवासियों के पण्य-वस्तु मूल्य के पण्य-वस्तुओं के मूल्य जोखिम के लिए भारतीय कंपनियों का एक्सपोजर दुनिया के बाकी हिस्सों के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था के बढ़ते एकीकरण और सीमा पार व्यापार की बढ़ती मात्रा से बढ़ गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने एक कार्य समूह का गठन किया है जो हमारे घरेलू पण्य-वस्तु डेरिवेटिव बाजार के विकास के चरण के दौरान विदेशी बाजारों में निवासियों द्वारा वस्तुओं के मूल्य जोखिम की हेजिंग के लिए दिशानिर्देशों की समीक्षा करेगा। कार्य समूह में भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), वाणिज्यिक बैंकों और कंपनियों के सदस्य हैं। कार्यसमूह का गठन निम्नानुसार है:
कार्यसमूह के विचारार्थ विषय निम्नानुसार होंगे : (i) निवासी संस्थाओं द्वारा सामना किए जा रहे जोखिम और उनके हेजिंग आवश्यकताओं का आकलन, (ii) हेजिंग आवश्यकताओं के संबंध में मौजूदा नियामक ढांचे में अंतराल को पहचानना अर्थात वस्तुओं, प्रतिभागियों और उत्पादों की कवरेज, (iii) पण्य-वस्तुओं के जोखिम की विदेशी हेजिंग के लिए नियामक व्यवस्था के मार्गदर्शन के लिए व्यापक सिद्धांतों का सुझाव, (iv) विदेशों में कमोडिटी जोखिम की हेजिंग करने वाले निवासियों के लिए एक संशोधित ढांचे की सिफारिश करना, (v) कोई अन्य संबंधित अन्य मामला। कार्यसमूह इसके विचारार्थ विषयों से संबंधित किसी भी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से विचार आमंत्रित कर सकता है। निवासी संस्थाएं जिन्हें वस्तुओं के मूल्य जोखिम का खतरा है, उद्योग संगठन, शिक्षा संस्था के सदस्य और अन्य इच्छुक पार्टियां अपने सुझाव / टिप्पणी हमें मेल कर सकते हैं। समूह 28 फरवरी 2017 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। अजीत प्रसाद प्रेस प्रकाशनी: 2016-2017/670 |
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