भारतीय रिज़र्व बैंक ने नव जीवन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, उल्हासनगर पर मौद्रिक दंड लगाया
4 जुलाई 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने नव जीवन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, उल्हासनगर भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 27 जून 2022 के आदेश द्वारा नव जीवन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, उल्हासनगर (बैंक) पर आरबीआई द्वारा एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध - यूसीबी पर जारी निदेशों के उल्लंघन / अननुपालन के लिए ₹2.00 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड आरबीआई द्वारा जारी उपरोक्त निदेशों का पालन करने में बैंक की विफलता को ध्यान में रखते हुए, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और धारा 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है। पृष्ठभूमि 31 मार्च 2020 को बैंक की वित्तीय स्थिति के आधार पर निरीक्षण रिपोर्ट से, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पता चला कि बैंक ने असुरक्षित ऋण की सीमा का उल्लंघन करते हुए कुछ ऋण स्वीकृत किए। उक्त के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उनसे यह पूछा गया कि वे कारण बताएं कि उपरोक्त निदेशों का अननुपालन करने के लिए, जैसा कि उसमें कहा गया है, उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के लिखित उत्तर, व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान किए गए मौखिक प्रस्तुतियों तथा बैंक के द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि आरबीआई द्वारा जारी उपर्युक्त निदेशों के अननुपालन के आरोप सिद्ध हुए हैं और मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है। (योगेश दयाल) प्रेस प्रकाशनी: 2022-2023/470 |
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