भारतीय रिज़र्व बैंक ने पंजाब एंड सिंध बैंक पर मौद्रिक दंड लगाया
2 जुलाई 2021 भारतीय रिज़र्व बैंक ने पंजाब एंड सिंध बैंक पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (रिज़र्व बैंक) ने, दिनांक 2 जुलाई 2021 के आदेश द्वारा पंजाब एंड सिंध बैंक (बैंक) पर दिनांक 2 जून 2016 को 'बैंकों में साइबर सुरक्षा ढांचे' पर रिज़र्व द्वारा जारी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹25.00 लाख (पच्चीस लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और धारा 51 (1) के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के तहत रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है। पृष्ठभूमि बैंक ने 16 मई और 20 मई 2020 को रिज़र्व बैंक को कुछ साइबर घटनाओं की सूचना दी थी। घटना की रिपोर्टों की जांच और उक्त घटनाओं के फोरेंसिक विश्लेषण की रिपोर्ट से पता चला कि उपरोक्त निदेशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। उक्त के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उनसे यह पूछा गया कि वे कारण बताएं कि रिज़र्व बैंक द्वारा जारी निदेशों, जैसा कि उसमें उल्लिखित है, का अनुपालन नहीं करने के लिए उन पर दंड क्यों न लगाया जाए। कारण बताओ नोटिस पर बैंक के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान बैंक द्वारा किए गए मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने तथा बैंक द्वारा प्रस्तुत किए गए अन्य स्पष्टीकरणों/दस्तावेजों की जांच के बाद रिज़र्व बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि रिज़र्व बैंक द्वारा जारी निदेशों के अननुपालन के आरोपों की जहां तक पुष्टि हुई है, यह मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है। (योगेश दयाल) प्रेस प्रकाशनी: 2021-2022/483 |
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