भारतीय रिज़र्व बैंक ने समृद्धि सहकारी बैंक लिमिटेड, नंदगांव, नाशिक, महाराष्ट्र पर मौद्रिक दंड लगाया
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भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 27 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा समृद्धि सहकारी बैंक लिमिटेड, नंदगांव, नाशिक, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘ऋण संस्थानों द्वारा डेटा प्रस्तुत करना’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10,000/- (दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 25 के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। आरबीआई ने 31 मार्च 2025 तक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में उक्त बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया था। आरबीआई के निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और तत्संबंधी पत्राचार के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, आरबीआई ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है: बैंक अपने ग्राहकों की साख सूचना किसी भी साख सूचना कंपनी (सीआईसी) को प्रस्तुत करने में विफल रहा था। यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(ब्रिज राज) प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2217 |
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