भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि अहमदाबाद मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अहमदाबाद पर मौद्रिक दंड लगाया
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भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 17 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि अहमदाबाद मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अहमदाबाद (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘सहकारी बैंकों द्वारा ऋण सूचना कंपनियों की सदस्यता’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹23,000/- (तेईस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। 31 मार्च 2024 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई के निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और उससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर, इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान किए गए मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, आरबीआई ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है: बैंक ने 31 मार्च 2024 की स्थिति के अनुसार अपने उधारकर्ताओं की कतिपय ऋण संबंधी जानकारी साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को प्रस्तुत नहीं की। यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। (पुनीत पंचोली) प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1120 |
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