भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि अकोला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अकोला, महाराष्ट्र पर मौद्रिक दंड लगाया
17 अगस्त 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि अकोला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अकोला, महाराष्ट्र भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 10 अगस्त 2022 के आदेश द्वारा दि अकोला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अकोला, महाराष्ट्र (बैंक) पर, 'आय निर्धारण, संपत्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण और अन्य संबंधित मामलों-यूसीबी' (आईआरएसी मानदंड) पर आरबीआई द्वारा जारी निदेशों का अननुपालन करने के लिए ₹15.00 लाख (पंद्रह लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमी पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है। पृष्ठभूमि 31 मार्च 2020 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा किया गया बैंक का वैधानिक निरीक्षण, जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट और उससे सभी संबंधित पत्राचार की जांच से, अन्य बातों के साथ-साथ, आईआरएसी मानदंडों पर आरबीआई के निदेशों का अनुपालन करने में बैंक की विफलता का पता चला। उक्त के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उनसे यह पूछा गया कि वे कारण बताएं कि आरबीआई द्वारा जारी निदेशों, जैसा कि उसमें उल्लिखित है, के अननुपालन के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर पर विचार करने के बाद आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि आरबीआई द्वारा जारी निदेशों के अननुपालन के आरोप सिद्ध हुए हैं और मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है। (योगेश दयाल) प्रेस प्रकाशनी: 2022-2023/718 |
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