भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि जालना पीपुल्स कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, जालना, महाराष्ट्र पर मौद्रिक दंड लगाया - आरबीआई - Reserve Bank of India
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि जालना पीपुल्स कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, जालना, महाराष्ट्र पर मौद्रिक दंड लगाया
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 25 मार्च 2025 के आदेश द्वारा दि जालना पीपुल्स कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, जालना, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक के ‘स्वर्ण ऋण – एकबारगी चुकौती – प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)’ संबंधी निदेशों के अननुपालन के लिए ₹0.75 लाख (पचहत्तर हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। 31 मार्च 2024 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया। रिज़र्व बैंक के निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों तथा उससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर, व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है: बैंक ने एकबारगी चुकौती योजना के अंतर्गत निर्धारित विनियामक सीमा से अधिक स्वर्ण ऋण स्वीकृत किए। (पुनीत पंचोली) प्रेस प्रकाशनी: 2024-2025/2479 |