भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, राउरकेला, ओडिशा पर मौद्रिक दंड लगाया
5 सितंबर 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, राउरकेला, ओडिशा भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 1 सितंबर 2022 के आदेश द्वारा दि अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, राउरकेला (बैंक) पर, आरबीआई द्वारा जारी जमाकर्ता शिक्षण और जागरूकता निधि संबंधी निदेशों के उल्लंघन / अननुपालन के लिए ₹10000 (केवल दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है । यह दंड, आरबीआई द्वारा जारी उपरोक्त निदेशों का अनुपालन करने में बैंक की विफलता को ध्यान में रखते हुए, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और धारा 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है। पृष्ठभूमि बैंक के अभिलेखों की जांच से, अन्य बातों के साथ-साथ, आरबीआई द्वारा जारी उपरोक्त निदेशों के इस सीमा तक उल्लंघन/अननुपालन का पता चला कि बैंक सभी पात्र शेष राशि को जमाकर्ता शिक्षण और जागरूकता निधि में अंतरित करने में विफल रहा था, किन्तु इस संबंध में एक गलत प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। उक्त के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें यह पूछा गया कि वह कारण बताएं कि निदेशों के अननुपालन के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। बैंक के उत्तर और इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि आरबीआई द्वारा जारी निदेशों के अननुपालन के उपरोक्त आरोप सिद्ध हुए हैं और मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है। (योगेश दयाल) प्रेस प्रकाशनी: 2022-2023/815 |
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: