आरबीआई ने 'एनबीएफसी/एआरसी की स्वाधिकृत निधि/ टियर 1 पूंजी की गणना और 'ऋण/ निवेश संकेंद्रण' मानदंडों पर उक्त गणना के लागू होने संबंधी स्पष्टीकरण' के मसौदा संशोधन निदेशों पर जन-सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की
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भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज ‘एनबीएफसी/एआरसी की स्वाधिकृत निधि/ टियर 1 पूंजी की गणना और ‘'ऋण/ निवेश संकेंद्रण’’ मानदंडों पर उक्त गणना के लागू होने संबंधी स्पष्टीकरण’ पर संशोधन निदेशों के मसौदे जारी किए हैं, जिसके माध्यम से निम्नलिखित मास्टर निदेशों में संशोधन किए गए हैं: (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश, 2025। (ii)भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - संकेन्द्रण जोखिम प्रबंधन) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 द्वारा मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - संकेन्द्रण जोखिम प्रबंधन) निदेश, 2025। (iii)भारतीय रिज़र्व बैंक (आवास वित्त कंपनियां) संशोधन निदेश, 2026 द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक (आवास वित्त कंपनियां) निदेश, 2025। (iv)भारतीय रिज़र्व बैंक (मूल निवेश कंपनी) संशोधन निदेश, 2026 द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक (मूल निवेश कंपनी) निदेश, 2025। (v)भारतीय रिज़र्व बैंक (बंधक गारंटी कंपनी) संशोधन निदेश, 2026 द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक (बंधक गारंटी कंपनी) निदेश, 2025। (vi)भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियां) संशोधन निदेश, 2026 द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियां) निदेश, 2025। (vii)भारतीय रिज़र्व बैंक (एकल प्राथमिक व्यापारी) संशोधन निदेश, 2026 द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक (एकल प्राथमिक व्यापारी) निदेश, 2025। उक्त संशोधन निदेशों के मसौदे पर हितधारकों से टिप्पणियां 28 जनवरी 2026 तक आमंत्रित किए जाते हैं। ये टिप्पणियां/प्रतिक्रियाएँ, रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट 2 रेगुलेट' खंड के अंतर्गत लिंक के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है या वैकल्पिक रूप से निम्नलिखित पते पर- मुख्य महाप्रबंधक प्रेषित किए जा सकते हैं, जिसकी विषय पंक्ति में एनबीएफसी/एआरसी की स्वाधिकृत निधि/ टियर 1 पूंजी की गणना और ‘'ऋण/ निवेश संकेंद्रण’’ मानदंडों पर उक्त गणना के लागू होने संबंधी स्पष्टीकरण पर संशोधन निदेशों के मसौदे पर प्रतिक्रिया लिखी होनी चाहिए। पृष्ठभूमि और उद्देश्य वर्तमान में, ऋण/निवेश संकेंद्रण मानदंडों का अनुपालन करते हुए एनबीएफसी (एनबीएफसी-यूएल के अलावा) और एआरसी, पिछले वर्ष के 31 मार्च की स्थिति के अनुसार टियर 1 पूंजी की गणना करते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक को इन प्रावधानों की समीक्षा के साथ-साथ स्वाधिकृत निधि/टियर 1 पूंजी के कतिपय पहलुओं पर स्पष्टीकरण के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से अनुरोध प्राप्त होते रहे हैं। तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने संबंधित प्रावधानों/ निदेशों/ दिशानिर्देशों की समीक्षा की है और इस मामले में स्पष्टीकरण और संशोधन का प्रस्ताव किया है। (ब्रिज राज) प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1911 |
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