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भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - पंजीकरण, छूट और स्केल आधारित विनियमन के लिए ढांचा) संशोधन निदेश, 2026 के मसौदे पर जन सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की

रिज़र्व बैंक ने दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के भाग के रूप में सार्वजनिक निधियों का लाभ न लेने वाले और ग्राहक इंटरफेस न रखने वाले (‘टाइप I गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों सहित) वाले पात्र गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को पंजीकरण से छूट के लिए संशोधन निदेश का मसौदा जारी करने की घोषणा की थी। तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां-पंजीकरण, छूट और स्केल आधारित विनियमन के लिए ढांचा) संशोधन निदेश, 2026 का मसौदा जन सामान्य से टिप्पणियों के लिए जारी किया गया है।

2. संशोधन निदेशों के मसौदे पर एनबीएफसी, जन सामान्य और अन्य हितधारकों से टिप्पणियां/ प्रतिक्रियाएँ 4 मार्च 2026 तक आमंत्रित की जाती है। भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट 2 रेगुलेट' खंड के अंतर्गत लिंक के माध्यम से टिप्पणियां/ प्रतिक्रिया प्रस्तुत की जा सकती हैं या वैकल्पिक रूप से निम्नलिखित पत्र पर:

प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक  
विनियमन विभाग (एसआईजी-एनबीएफसी)
भारतीय रिज़र्व बैंक
12वीं मंजिल, केंद्रीय कार्यालय भवन
शहीद भगत सिंह मार्ग, फोर्ट, मुंबई - 400 001

या
ईमेल द्वारा

प्रेषित की जा सकती है, जिसके विषय पंक्ति में 'भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां-पंजीकरण, छूट और स्केल आधारित विनियमन के लिए ढांचा) संशोधन निदेश, 2026' के मसौदे पर प्रतिक्रिया लिखी होनी चाहिए।

पृष्ठभूमि और उद्देश्य

दिनांक 22 अक्तूबर 2021 के परिपत्र द्वारा शुरू की गई एनबीएफसी के लिए स्केल आधारित विनियामक ढांचा (एसबीआर) में कहा गया है कि ‘ऐसे एनबीएफसी जो सार्वजनिक निधियों का लाभ नहीं ले रहे हैं और जिनका कोई ग्राहक इंटरफेस नहीं है' का एक अलग जोखिम प्रोफ़ाइल है और इसलिए वे अलग विनियामकीय नियंत्रण के पात्र हैं। तदनुसार, इन एनबीएफसी को एसबीआर ढांचे के अंतर्गत विनियामकीय संरचना के आधार स्तर पर रखा गया है और वे सौम्य विनियामकीय अपेक्षाओं के अधीन हैं। यह भी निर्णय लिया गया था कि भारतीय रिज़र्व बैंक इन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए यथासमय अलग विनियमन जारी करेगा। तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने उन 'गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों' के लिए विनियामक ढांचे की समीक्षा की है जो सार्वजनिक निधियों का लाभ नहीं उठा रहे हैं और जिनके पास ग्राहक इंटरफेस नहीं है। उनके विशिष्ट कारोबारी मॉडल और कम जोखिम वाले प्रोफ़ाइल को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि ₹1000 करोड़ से कम आस्ति आकार वाले एनबीएफ़सी, जो सार्वजनिक निधियों का लाभ नहीं उठा रहे हैं  और जिनके पास  ग्राहक इंटरफेस नहीं है, को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन विधिवत रूप से भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ पंजीकरण करने की आवश्यकता से छूट दी जाएगी। प्रस्तावित निदेशों में (क) विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन उपर्युक्त छूट, (ख) 'टाइप I एनबीएफसी' के रूप में पंजीकरण प्रमाणपत्र धारण करने वाली एनबीएफसी सहित मौजूदा एनबीएफ़सी, जो सार्वजनिक निधियों का लाभ नहीं उठा रहे हैं  और जिनके पास  ग्राहक इंटरफेस नहीं है, के पंजीकरण रद्द करने या परिवर्तन के लिए प्रक्रिया और (ग) अन्य संबंधित पहलू शामिल हैं। हितधारकों के लाभ के लिए संशोधनों की अपेक्षाओं और विनियामकीय आवश्यकता को समझने के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का एक सेट भी जारी किया गया है।

(ब्रिज राज)     
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2084

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