भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘विनियमित संस्थाओं द्वारा वित्तीय उत्पादों एवं सेवाओं का विज्ञापन, विपणन और विक्रय' संबंधी संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया
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वर्तमान में, बीमा एजेंसी कारोबार के संदर्भ में ग्राहक उपयुक्तता और अनुकूलता तथा अन्य संबंधित मामलों से संबंधित अनुदेश अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और आवास वित्त कंपनियों को जारी किए गए हैं। समीक्षा करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि सभी बैंकों और एनबीएफसी को वित्तीय उत्पादों और सेवाओं (अन्य पक्षकार उत्पादों और सेवाओं सहित) के विज्ञापन, विपणन और विक्रय संबंधी व्यापक अनुदेश जारी किए जाए, जिसमें प्रत्यक्ष बिक्री एजेंट (डीएसए) / प्रत्यक्ष विपणन एजेंट (डीएमए) के कार्यकलाप, डार्क पैटर्न, अपविक्रय की रोकथाम आदि शामिल होंगे। 2. तदनुसार, 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य से अभिमत के लिए निम्नलिखित संशोधन निदेशों के मसौदे जारी किए हैं, जिसके द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक के विनियमन विभाग द्वारा जारी मौजूदा निदेशों में संशोधन प्रस्तावित है।
3. उपर्युक्त पृष्ठभूमि में, भारतीय रिज़र्व बैंक (वित्तीय सेवाएँ प्रदान करना) निदेश, 2025 के माध्यम से विनियमित संस्थाओं द्वारा जारी 'एजेंसी कारोबार और संदर्भ सेवाएं' पर विनियामक ढांचे की समीक्षा की गई और इसे निम्नलिखित संशोधन निदेशों के मसौदे को जारी करके संशोधित करने का प्रस्ताव है:
4. विनियमित संस्थाओं और जन सामान्य / अन्य हितधारकों द्वारा संशोधन निदेशों के मसौदे पर अभिमत/ प्रतिक्रिया 4 मार्च 2026 को या उससे पहले निम्नलिखित चैनलों के माध्यम से प्रस्तुत की जा सकती हैं:
(ब्रिज राज) प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2091 |
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