भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘भू-संपदा निवेश न्यास (आरईआईटी) और अवसंरचना निवेश न्यास (आईएनवीआईटी) को उधार' संबंधी अनुदेशों पर संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया
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दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य से टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित संशोधन निदेश के मसौदे जारी किए:
2. उपर्युक्त मसौदा संशोधन निदेशों में वाणिज्यिक बैंकों को, आरईआईटी के एक्सपोजर की विनियामकीय सीमा सहित उचित विवेकपूर्ण सुरक्षा उपायों के अधीन, आरईआईटी को वित्त प्रदान करने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। आईएनवीआईटी को उधार देने के संबंध में मौजूदा दिशानिर्देशों (वाणिज्यिक बैंकों, लघु वित्त बैंकों और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाओं पर लागू) को भी, संगठनात्मक संरचना और जोखिमों में समानता को ध्यान में रखते हुए, आरईआईटी को उधार देने संबंधी प्रस्तावित विवेकपूर्ण सुरक्षा उपायों के साथ समरूपता हेतु सुसंगत बनाने का प्रस्ताव है। 3. विनियमित संस्थाओं और अन्य हितधारकों/जन सामान्य द्वारा संशोधन निदेशों के मसौदे पर टिप्पणियाँ/ प्रतिक्रिया 6 मार्च 2026 को या उससे पहले निम्नलिखित चैनलों के माध्यम से प्रस्तुत की जा सकती हैं:
(ब्रिज राज) प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2116 |
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