आरबीआई ने भारतीय रिज़र्व बैंक (राज्य/ केंद्रीय सहकारी बैंकों द्वारा गैर-एसएलआर लिखतों में निवेश) निदेश, 2025 जारी किए
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भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज भारतीय रिज़र्व बैंक (राज्य/ केंद्रीय सहकारी बैंकों द्वारा गैर-एसएलआर लिखतों में निवेश) निदेश, 2025 जारी किए हैं। 2. रिज़र्व बैंक ने अप्रैल 2025 में राज्य सहकारी बैंकों और केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए एक साझा सेवा इकाई (एसएसई) की स्थापना के लिए नाबार्ड के प्रस्ताव को विनियामकीय अनुमोदन प्रदान कर दिया है, जिसके अंतर्गत यह परिकल्पना की गई है कि राज्य सहकारी बैंक और केंद्रीय सहकारी बैंक स्वैच्छिक आधार पर एसएसई की शेयर पूंजी में अभिदान कर सकते हैं। इस संदर्भ में, 14 जुलाई 2016 के परिपत्र द्वारा जारी राज्य सहकारी बैंकों /केंद्रीय सहकारी बैंकों द्वारा गैर-एसएलआर लिखतों में निवेश संबंधी मौजूदा अनुदेशों में उचित संशोधन किया जा रहा है। 3. इन निदेशों, में, अन्य बातों के साथ-साथ, एसएसई की पूंजी में निवेश के संबंध में निम्नलिखित शामिल किए गए हैं: क. एसएसई की पूंजी को स्वीकार्य गैर-एसएलआर लिखत के रूप में शामिल करना ख. विवेकपूर्ण सीमाओं से छूट ग. एक्स्पोज़र सीमा निर्दिष्ट करनाा 4. ये निदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। (पुनीत पंचोली) प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1180 |
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