भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘भारत की अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सांख्यिकी – 2016’ पर आंकड़े जारी किए
30 जून 2017 भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘भारत की अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सांख्यिकी – 2016’ पर आंकड़े जारी किए भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपना वेब प्रकाशन ‘भारत में बैंकों की अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सांख्यिकी (आईबीएस) पर आंकड़े’ जारी किया। इसमें (क) स्थानिक बैंकिंग सांख्यिकी (एलबीएस) जो लिखत/घटकों, मुद्रा, निवासी देश और काउंटरपार्टी/लेनदेन यूनिट तथा रिपोर्टिंग बैंकों की राष्ट्रीयता के संबंध में भारत में बैंकों के अंतरराष्ट्रीय दावों और देयताओं पर आंकड़े प्रस्तुत करती है, (ख) समेकित बैंकिंग सांख्यिकी (सीबीएस) जिसमें अवशिष्ट परिपक्वता और आसन्न उधारकर्ता (इमीडियट बॉरोवर) देश के एक्सपोजर के साथ उधारकर्ता के क्षेत्र तथा अंतिम जोखिम वाले देश पर दावों के पुनर्आबंटन (अर्थात जोखिम हस्तांतरण) पर आंकड़े कवर किए जाते हैं, शामिल हैं। आंकड़ों को भारतीय रुपया और अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। इस वेब प्रकाशन में दिसंबर 2014 से दिसंबर 2016 तक की अवधि के लिए तिमाही आधार पर भारत के बैंकों की स्थानिक बैंकिंग सांख्यिकी (एलबीएस) और समेकित बैंकिंग सांख्यिकी (सीबीएस) दी गई है तथा इसे भारतीय अर्थव्यवस्था पर डेटाबेस (डीबीआईई) पोर्टल (web-link: https://dbie.rbi.org.in) के माध्यम से https://dbie.rbi.org.in/DBIE/dbie.rbi?site=publications#!14 पर एक्सेस किया जा सकता है। भारत में अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सांख्यिकी-2016 पर विश्लेषणात्मक लेख भारतीय रिज़र्व बैंक बुलेटिन के जुलाई 2017 अंक में प्रकाशित किया जाएगा। अजीत प्रसाद प्रेस प्रकाशनी : 2016-2017/3545 |
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