भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत की अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सांख्यिकी संबंधी आंकड़े जारी किए : मार्च 2014 से दिसंबर 2014 तक
12 जून 2015 भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत की अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सांख्यिकी संबंधी आंकड़े जारी किए : भारतीय रिज़र्व बैंक ने मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर 2014 को समाप्त तिमाहियों के लिए भारत की अंततराष्ट्रीय बैंकिंग सांख्यिकी संबंधी आंकड़े आज अपनी वेबसाइट पर जारी किए। स्थानिक बैंकिंग सांख्यिकी (एलबीएस) में लिखत/घटकों, करेंसी, निवास देश और प्रतिपक्षकार/लेनदेनकारी इकाई आदि के परिप्रेक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय आस्तियों व देयताओं संबंधी आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं। वहीं, समेकित बैंकिंग सांख्यिकी (सीबीएस) के अंतर्गत अवशिष्ट परिपक्वता अवधि और उधारकर्ता के खंड के साथ-साथ आसन्न उधारकर्ता के देश के एक्सपोज़र तथा परम जोखिम वाले देश को दावों (अर्थात जोखिम अंतरण) के पुनराबंटन संबंधी आंकड़े शामिल हैं। ये आंकड़े भारतीय रुपया और अमेरिकी डॉलर में प्रस्तुत किए गए हैं।
स्थानिक और समेकित बैंकिंग सांख्यिकी में व्यापक प्रवृत्ति का विश्लेषण करते हुए एक आलेख भारतीय रिज़र्व बैंक बुलेटिन के जुलाई 2015 अंक में प्रकाशित किया जाएगा। संगीता दास प्रेस प्रकाशनी : 2014-2015/2648 |
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