भारतीय रिज़र्व बैंक ने सहकारी बैंकों के वित्तीय विवरणों के प्रारूपों का मसौदा जारी किया
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बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 29 के अनुसार सहकारी बैंकों को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की तीसरी अनुसूची में निर्धारित प्रपत्रों में वर्ष के अंतिम कार्य दिवस पर तुलन पत्र तथा लाभ और हानि खाता तैयार करना आवश्यक है। इन प्रपत्रों को 1981 में अधिसूचित किया गया था। तब से, वित्तीय बाजार के साथ-साथ लेखांकन मानकों और पद्धतियों में कई विकास हुए हैं। तदनुसार, रिज़र्व बैंक ने सहकारी बैंकों के वित्तीय विवरणों के प्रारूपों की व्यापक समीक्षा की है तथा तुलन पत्र और लाभ और हानि खाते के संकलन के लिए अनुदेशों के साथ संशोधित प्रपत्रों और उनकी अनुसूचियों के प्रारूपों के मसौदे जारी किए हैं। प्रारूपों के मसौदों पर टिप्पणियाँ/ प्रतिक्रियाएँ 21 फरवरी 2025 तक या उससे पहले विषय पंक्ति “सहकारी बैंकों के वित्तीय विवरणों के प्रारूपों का मसौदा” के साथ निम्नलिखित पते पर: प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक अथवा ईमेल द्वारा भेजी जा सकती हैं।
(पुनीत पंचोली) प्रेस प्रकाशनी: 2024-2025/1869 |
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