भारतीय रिज़र्व बैंक ने “अनुसूचित वाणिज्य बैंकों की जमाराशियां एवं ऋण की तिमाही सांख्यिकी - “दिसंबर 2013“ जारी की
6 मई 2014 भारतीय रिज़र्व बैंक ने “अनुसूचित वाणिज्य बैंकों की जमाराशियां एवं ऋण की तिमाही सांख्यिकी - “दिसंबर 2013“ जारी की भारतीय रिजर्व बैंक ने आज अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की जमाराशियां एवं ऋण की तिमाही सांख्यिकी - दिसम्बर 2013 जारी की। यह प्रकाशन दिसंबर के अंतिम शुक्रवार (अर्थात 27 दिसंबर 2013) की स्थिति के अनुसार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) सहित अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की जमाराशियों एवं सकल बैंक ऋण के स्थानिक वितरण के आंकड़े दर्शाता है। ये आंकड़े मूलभूत-सांख्यिकीय विवरणियों (बीएस्आर)-7 पर आधारित हैं। ये आंकड़े राज्यों, जिलों, केन्द्रों (शीर्ष 100 और 200 केन्द्रों), जनसंख्या समूहों और बैंक समूहों के आधार पर वर्गीकृत किये गये हैं। मुख्य-मुख्य बातें: -
कुल जमाराशियों में वृद्धि दर (वर्ष-दर-वर्ष) पिछले वर्ष के 11.3 प्रतिशत की तुलना में दिसंबर 2013 में बढ़कर 15.4 प्रतिशत हो गई। जमाराशियों में यह वृद्धि सभी जनसंख्या समूहों में देखी गई। -
सकल बैंक ऋण में वृद्धि दर (वर्ष-दर-वर्ष) पिछले वर्ष के 14.7 प्रतिशत और पिछली तिमाही के 15.1 प्रतिशत से घटकर दिसंबर 2013 में 14.2 प्रतिशत हो गई। -
100 मिलियन रूपए या उससे अधिक की जमा राशियों वाले कार्यालय कुल कार्यालयों का 69.7 प्रतिशत थे एवं इनका कुल जमा राशियों में योगदान 97.9 प्रतिशत और सकल बैंक ऋण में योगदान 94.7 प्रतिशत रहा। 100 मिलियन रूपए या उससे अधिक के बकाया सकल बैंक ऋण वाले कार्यालय कुल कार्यालयों का 50.1 प्रतिशत थे जो कि कुल जमा राशियों के 81.2 प्रतिशत और सकल बैंक ऋण के 96.1 प्रतिशत के हिस्सेदार हैं। -
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का ऋण-जमा (सी-डी) अनुपात 27 दिसंबर 2013 को 76.9 प्रतिशत था। बैंक समूह स्तर पर, नए निजी क्षेत्र के बैंकों (84.5 प्रतिशत), विदेशी बैंकों (82.0 प्रतिशत), पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों (77.9 प्रतिशत) और भारतीय स्टेट बैंक और उसके सहयोगी बैंकों (77.6 प्रतिशत) का सी-डी अनुपात औसत अखिल भारतीय स्तर की तुलना में अधिक रहा। संगीता दास निदेशक प्रेस प्रकाशनी : 2013-2014/2150 |