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भारतीय रिज़र्व बैंक ने अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की जमाराशियों और क्रेडिट पर तिमाही सांख्यिकी जारी कीः जून 2016

30 अगस्त 2016

भारतीय रिज़र्व बैंक ने अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की जमाराशियों और क्रेडिट
पर तिमाही सांख्यिकी जारी कीः जून 2016

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 जून 2016 की स्थिति के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) की जमाराशियों और क्रेडिट पर तिमाही सांख्यिकी आज जारी की। ये आंकड़े क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) सहित अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के तिमाही सर्वेक्षण पर आधारित हैं और इनमें राज्यों, जिलों, केंद्रों, जनसंख्या समूहों और बैंक समूहों के अनुसार जमाराशियों (जमाराशि का प्रकार भी) और क्रेडिट संबंधी आंकड़े शामिल हैं। उक्त आंकड़े dbie.rbi.org.in पर उपलब्ध हैं और इन्हें https://dbie.rbi.org.in/DBIE/dbie.rbi?site=publications#!3 लिंक के माध्यम से सीधा देखा जा सकता है।

मुख्य अंश :

  • समग्र जमाराशियों और सकल बैंक क्रेडिट में एक वर्ष पूर्व के 10.6 प्रतिशत और 8.6 प्रतिशत की तुलना में जून 2016 में क्रमशः 9.2 प्रतिशत और 9.4 प्रतिशत (वर्ष-दर-वर्ष) की वृद्धि हुई।

  • भारतीय स्टेट बैंक और इसके सहयोगियों, निजी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के क्रेडिट में पिछले एक वर्ष के स्तर की तुलना में इस संदर्भ अवधि के दौरान वर्ष-दर-वर्ष आधार पर वृद्धि हुई।

  • जमाराशियों की वृद्धि में गिरावट सभी जनसंख्या समूहों में व्यापक आधारित रही जो मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कारण रही। तथापि, इन बैंकों ने कुल जमाराशियों के 70 प्रतिशत के साथ अपनी प्रबल स्थिति कायम रखी।

  • मीयाती जमाराशियों की हिस्सेदारी कुल जमाराशियों में सबसे अधिक (65.5 प्रतिशत) रही जिसके बाद बचत राशियों (27.2 प्रतिशत) और चालू जमाराशियों (7.3 प्रतिशत) की हिस्सेदारी रही।

  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के कुल कारोबार के आकार (जमाराशियां और क्रेडिट) के अनुसार महाराष्ट्र, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात जैसे सात राज्यों का कुल कारोबार में 68 प्रतिशत हिस्सा रहा। अकेले महाराष्ट्र ने कुल कारोबार के 25 प्रतिशत का योगदान दिया। इन सात राज्यों ने एक साथ मिलकर अखिल भारतीय स्तर पर जमाराशियों के 66 प्रतिशत और क्रेडिट के 72 प्रतिशत का योगदान दिया।

  • अखिल भारतीय स्तर पर सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का ऋण-जमा अनुपात 24 जून 2016 को 75.9 प्रतिशत रहा। 36 राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में 6 राज्यों/संघ शासित प्रदेशों का ऋण-जमा अनुपात अखिल भारतीय स्तर से उच्च रहा। तमिलनाडु का ऋण-जमा अनुपात सबसे अधिक (113.2 प्रतिशत) रहा जिसके बाद चंडीगढ़ (104.3 प्रतिशत), आंध्र प्रदेश (104.0 प्रतिशत), तेलंगाना (102.2 प्रतिशत), महाराष्ट्र (99.9 प्रतिशत) और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (91.6 प्रतिशत) रहा जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का ऋण-जमा अनुपात 72.5 प्रतिशत रहा जो निजी क्षेत्र और विदेशी बैंकों के अनुपात से 80 प्रतिशत अधिक था।

अजीत प्रसाद
सहायक परामर्शदाता

प्रेस प्रकाशनी: 2016-2017/537

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