भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अनुसूचित वाणिज्य बैंकों की जमा और उनके ऋण संबंधी तिमाही सांख्यिकी : सितंबर 2015 के लिए जारी प्रकाशन
26 नवंबर 2015 भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 'अनुसूचित वाणिज्य बैंकों की जमा और भारतीय रिज़र्व बैंक ने सितंबर में समाप्त तिमाही के अंतिम शुक्रवार (अर्थात दिनांक 25 सितंबर 2015) की स्थिति के अनुसार 'अनुसूचित वाणिज्य बैंकों (एससीबी) की जमा और ऋण संबंधी तिमाही सांख्यिकी' नामक वेब प्रकाशन जारी किया है। यह प्रकाशन https://dbie.rbi.org.in वेब साइट पर जाकर वेब-पेज https://dbie.rbi.org.in/DBIE/dbie.rbi?site=publications#!3 से प्राप्त किया जा सकता है। इस वेब प्रकाशन में सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंकों (एससीबी) (जिसमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) भी सम्मिलित हैं) द्वारा इस तिमाही सर्वेक्षण में दिये गये आंकडे हैं । यह आंकडे राज्यवार, जिलावार, केंद्रवार, जनसंख्या समूहवार और बैंक समूहवार वर्गीकृत किये गये हैं । प्रमुख तथ्य: सितंबर 2015 मे संकलित जमाराशियों और सकल बैंक ऋण में वृद्धि दर एक वर्ष पूर्व के 12.3 प्रतिशत और 9.5 प्रतिशत से घटकर क्रमशः 10.2 प्रतिशत और 8.9 प्रतिशत हो गयी। उपर्युक्त गिरावट चौतरफा रही और सभी जनसंख्या समूहों [ (क) अर्ध शहरी क्षेत्रों की जमा राशियों में स्थिर वृद्धि दर, और (ख) शहरी क्षेत्रों के सकल बैंक ऋणों में उच्च वृद्धि दर को छोड कर ] में पायी गयी । अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के कुल कारोबार (संकलित जमा राशियाँ और सकल बैंक ऋणों का योग) के आकार के क्रमानुसार सात राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात की संयुक्त हिस्सेदारी 68.1 प्रतिशत रही। अकेले महाराष्ट्र का कुल कारोबार में योगदान 25.1 प्रतिशत रहा । इन राज्यों की हिस्सेदारी संकलित जमाराशियों में 65.8 प्रतिशत और सकल बैंक ऋण में 71.2 प्रतिशत रही । 25 सितंबर 2015 को अखिल भारतीय ऋण-जमा अनुपात 75.0 प्रतिशत था। चंडीगढ़ का ऋण-जमा अनुपात सर्वोच्च (120.9 प्रतिशत) था जिसके बाद तामिलनाडु (115.0 प्रतिशत), तेलंगाना (103.3 प्रतिशत), आंध्र-प्रदेश (103.1 प्रतिशत), महाराष्ट्र (93.8 प्रतिशत), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (91.4 प्रतिशत) और राजस्थान (84.7 प्रतिशत) का स्थान रहा। सितंबर 2015 में संकलित जमाराशियों और सकल बैंक ऋणों में वार्षिक वृद्धि दर भारतीय स्टेट बैंक और इसके सहायक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और निजी क्षेत्र के बैंकों के लिये उनके एक वर्ष पूर्व में रहे स्तर की तुलना में अधिक रही। हालांकि पिछली तिमाही की तुलना में सरकारी क्षेत्र के बैंकों (भारतीय स्टेट बैंक और इसके सहायक और राष्ट्रीयकृत बैंक) की जमा राशियों की वृद्धि दर कम रही। अनुसूचित वाणिज्य बैंकों की संकलित जमाराशियाँ तथा सकल बैंक ऋण में लगभग आधी हिस्सेदारी का अंशदान देकर राष्ट्रीयकृत बैंकों ने अपनी प्रमुख स्थिति को बनाये रखा। ‘भारतीय स्टेट बैंक और इसके सहायक’ तथा निजी क्षेत्र के बैंकों की संकलित जमाराशियाँ तथा सकल बैंक ऋण दोनों की हिस्सेदारियां लगभग समान थीं जो कि 20-23 प्रतिशत की सीमा में रही। संगीता दास प्रेस प्रकाशनी : 2015-2016/1244 |
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