RbiSearchHeader

Press escape key to go back

पिछली खोज

पृष्ठ
भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट

Press Releases Marquee

आरबीआई की घोषणाएं
आरबीआई की घोषणाएं

RbiAnnouncementWeb

RBI Announcements
RBI Announcements

असेट प्रकाशक

137602136

भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट, दिसंबर 2025 जारी की

आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) का दिसंबर 2025 अंक जारी किया, जो भारतीय वित्तीय प्रणाली की आघात सहनीयता और वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिमों पर वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप-समिति के सामूहिक मूल्यांकन को दर्शाता है।   

मुख्य बातें:

  • वैश्विक अर्थव्यवस्था आघात-सह बनी हुई है, जिसे वित्तीय उपायों, अग्रिम व्यापार और एआई से संबंधित मजबूत निवेश का समर्थन प्राप्त है। तथापि, अभी भी अत्यधिक अनिश्चितता, उच्च सार्वजनिक ऋण और बाजार में अव्यवस्थित करेक्शन के जोखिम के कारण अधोगामी जोखिम बने हुए हैं।

  • वैश्विक वित्तीय बाजार सतह पर मजबूत प्रतीत होते हैं, लेकिन उनकी अंतर्निहित कमजोरियां बढ़ रही हैं। इक्विटी और अन्य जोखिम युक्त आस्तियों में तेजी से वृद्धि, गैर-बैंक वित्तीय मध्यवर्ती संस्थाएं की बढ़ती भूमिका और बैंकों के साथ उनकी गहन अंतर्संबद्धता, तथा स्टेबलक्वाइन्स की वृद्धि सभी वैश्विक वित्तीय प्रणाली की कमजोरियों को बढ़ाती हैं।

  • एक अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण वैश्विक आर्थिक पृष्ठभूमि के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से बढ़ती जा रही है, जिसका आधार मजबूत घरेलू मांग, सौम्य मुद्रास्फीति और विवेकपूर्ण समष्टि आर्थिक नीतियां हैं।

  • घरेलू वित्तीय प्रणाली मजबूत एवं आघात-सह बनी हुई है, जिसे मजबूत तुलन पत्रों, सुलभ वित्तीय परिस्थितियों और निम्न वित्तीय बाजार अस्थिरता का समर्थन प्राप्त है। तथापि, बाह्य अनिश्चितताओं — भू-राजनीतिक और व्यापार से संबंधित — से अल्पकालिक जोखिम बने हुए हैं।

  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) की स्थिति मजबूत पूंजी और चलनिधि बफर, बेहतर आस्ति गुणवत्ता और मजबूत लाभप्रदता के साथ अच्छी बनी हुई है।

  • समष्टि दबाव परीक्षण के परिणाम से पुष्टि होती है कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी) काल्पनिक प्रतिकूल परिस्थितियों में हानि सहन करने और विनियामक न्यूनतम से काफी अधिक पूंजी बफर बनाए रखने में सक्षम हैं। दबाव परीक्षणों ने म्यूचुअल फंड और समाशोधन निगमों की आघात सहनीयता की भी पुष्टि की है।

  • गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफ़सी) मजबूत पूंजी बफर, मजबूत आय और सुधरती आस्ति गुणवत्ता के समर्थन से मजबूत बनी हुई हैं।

  • बीमा क्षेत्र में तुलन पत्र की की सुदृढ़ता बनी हुई है तथा समेकित शोधन अनुपात न्यूनतम निर्धारित सीमा से ऊपर बना हुआ है।

(ब्रिज राज)     
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1807

RbiTtsCommonUtility

प्ले हो रहा है
सुनें

संबंधित एसेट

आरबीआई-इंस्टॉल-आरबीआई-सामग्री-वैश्विक

RbiSocialMediaUtility

आरबीआई मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टॉल करें और लेटेस्ट न्यूज़ का तुरंत एक्सेस पाएं!

हमारा ऐप इंस्टॉल करने के लिए QR कोड स्कैन करें

RbiWasItHelpfulUtility

पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया:

क्या यह पेज उपयोगी था?