भारतीय रिज़र्व बैंक वर्किंग पेपर श्रृंखला 14/2012 - चलनिधि के निर्धारक तथा चलनिधि और मुद्रा के बीच संबंध : एक प्रवेशिका
26 जुलाई 2012 भारतीय रिज़र्व बैंक वर्किंग पेपर श्रृंखला 14/2012 भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाईट पर '' चलनिधि के निर्धारक तथा चलनिधि और मुद्रा के बीच संबंध : एक प्रवेशिका'' शीर्षक वर्किंग पेपर जारी किया। यह पेपर श्री ए.के.मित्रा और सुश्री अभिलाशा द्वारा लिखित है। यह पेपर चलनिधि के निर्धारकों तथा चलनिधि और मुद्रा के बीच अंत:क्रियाओं का अध्ययन करता है और इसका अभिप्राय एक प्रवेशिका की तरह है। केंद्रीय बैंक परिचालनों के बीच कई अंत:क्रियाओं तथा आधार मुद्रा और मुद्रा आपूर्ति पर उनके प्रभाव शैलीबद्ध तुलनपत्र प्रस्तुति तथा वास्तविक आंकड़ों का वर्णन करने चाले चार्ट के माध्यम से दर्शाए गए हैं। एक ब्याज दर लक्ष्य परिचालन ढांचे में मुद्रा के निरंतर महत्व पर चर्चा की गई है। लेखक यह निष्कर्ष देते हैं कि ग्रैंगर कारणत्व पर आधारित जांच पूर्ण रूप से अंतर्ज्ञात होते हुए मुद्रा आपूर्ति के कोई स्पष्ट संकेत नहीं देते है। पेपर का यह निष्कर्ष है कि रिज़र्व बैंक के चलनिधि प्रबंध परिचालनों के प्रभाव का आम जनता और वाणिज्यिक बैंकों के परिवर्तनशील व्यवहार के कारण मुद्रा आपूर्ति पर सर्वदा वांछित प्रभाव नहीं होता है जिससे मुद्रा आपूर्ति के अंतर्ज्ञानता होने के प्रसंग बनते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक ने मार्च 2011 में भारतीय रिज़र्व बैंक वर्किंग पेपर श्रृंखलाएं लागू की थी। ये पेपर भारतीय रिज़र्व बैंक के स्टाफ सदस्यों की प्रगति में अनुसंधान का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा इन्हें स्पष्ट अभिमत और आगे चर्चा के लिए प्रसारित किया जाता है। इन पेपर में व्यक्त विचार लेखकों के हैं, भारतीय रिज़र्व बैंक के नहीं। अभिमत और टिप्पणियों लेखकों को भेजी जाएं। इन पेपरों के उद्धरण और उपयोग इसके अनंतिम स्वरूप को ध्यान में रखकर किए जाएं। अजीत प्रसाद प्रेस प्रकाशनी : 2012-2013/140 |
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