25 मई 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने अनियमित उधार कार्य-प्रणालियों के कारण पांच गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त किया रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) (iv) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित पाँच गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त किया हैI | क्र. सं. | एनबीएफ़सी का नाम | पंजीकृत कार्यालय का पता | सीओआर सं. | सीओआर जारी करने की तिथि | सेवा प्रदाता/मोबाइल ऐप का नाम | | 1 | यूएमबी सिक्योरिटीज लिमिटेड | सं.52, पगरिया प्लाजा, 28वां सी क्रॉस, 11वीं मेन रोड, चौथा ब्लॉक जयनगर, बैंगलोर, कर्नाटक – 560011 | बी-02.00082 | 13 मई 1998 | मेसर्स फास्टैप टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड | | 2 | अनाश्री फिनवेस्ट लिमिटेड | सं. 44/2, 14वीं बी क्रॉस, सरक्की, जेपी नगर फ़र्स्ट फेज़, जेपी नगर मेट्रो स्टेशन के पास, बेंगलुरु, कर्नाटक- 560078 | बी 02-00121 | 3 अप्रैल 2018 | मेसर्स डेटाइम्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स बुलिनटेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स टीजीएचवाई ट्रूस्ट्रोक प्राइवेट लिमिटेड, मृपी, कुश कैश, कर्ण लोन, मिस्टर कैश, फ्लाईकैश, अन्य। | | 3 | चड्ढा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (जिसे अब चड्ढा फाइनेंस लिमिटेड के नाम से जाना जाता है) | हाउस सं. 79, पहली मंजिल, ब्लॉक ए पीकेटी 4 सेक्टर 16, रोहिणी, नई दिल्ली-110085 | बी-14-02415 | 15 दिसंबर 2005 | वाईफ़ाई कैश | | 4 | एलेक्सी ट्रैकॉन प्राइवेट लिमिटेड | 10सी, सर विलियम जोन्स सारणी, चौथी मंजिल, कोलकाता, पश्चिम बंगाल-700071 | बी.05.05016 | 4 मार्च 2003 | बड़ाब्रो/ मैसर्स बड़ाब्रो गीगा वेंचर प्राइवेट लिमिटेड | | 5 | झुरिया फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड | दूसरी मंजिल, बाबू बाजार, गुवाहाटी, असम-781001 | 08.00067 | 27 अगस्त 1998 | मेसर्स एरीटेक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स फिनक्लब टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, मोनीड, मोमो, कैशफिश, क्रेडिपे, रुपीलैंड, रुपी मास्टर | अत: उपर्युक्त कंपनियां भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45 आई के खंड (ए) में यथापरिभाषित गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्था का कारोबार नहीं करेंगी। उपर्युक्त एनबीएफसी के सीओआर को, तीसरी पार्टी के अनुप्रयोग (ऐप) के माध्यम से किए गए उनके डिजिटल उधार परिचालन में आउटसोर्सिंग और उचित व्यवहार संहिता संबंधी आरबीआई के दिशानिर्देशों के उल्लंघन, जिसे जनहित के लिए हानिकारक माना गया, के कारण निरस्त कर दिया गया है। ये कंपनियां अत्यधिक ब्याज वसूलने से संबंधित वर्तमान नियमों का भी पालन नहीं कर रही थीं और ऋण वसूली के उद्देश्यों के लिए ग्राहकों का अनुचित उत्पीड़न किया। (योगेश दयाल) मुख्य महाप्रबंधक प्रेस प्रकाशनी: 2022-2023/265 |