भारतीय रिज़र्व बैंक ने धरमवीर संभाजी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुणे पर मौद्रिक दंड लगाया
31 जनवरी 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने धरमवीर संभाजी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुणे भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 25 जनवरी 2022 के आदेश द्वारा धरमवीर संभाजी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुणे(बैंक) पर आरबीआई द्वारा एक्सपोजर मानदंडों तथा सांविधिक/अन्य प्रतिबंधों-यूसीबी पर जारी निदेशों के उल्लंघन/ अननुपालन के लिए ₹1.00 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड आरबीआई द्वारा जारी उपरोक्त निदेशों का पालन करने में बैंक की विफलता को ध्यान में रखते हुए बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और धारा 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है। पृष्ठभूमि 31 मार्च 2020 को अपनी वित्तीय स्थिति के आधार पर बैंक के चुनिंदा कार्यक्षेत्र निरीक्षण और अन्य बातों के साथ-साथ पता चला कि बैंक ने विवेकपूर्ण अंतर-बैंक सकल जोखिम सीमा का पालन नहीं किया था। उक्त के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उनसे यह पूछा गया कि वे कारण बताएं कि उपर्युक्त निदेशों, जैसा कि उसमें उल्लिखित है, का अनुपालन नहीं करने के लिए उन पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के लिखित उत्तर तथा व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान अतिरिक्त प्रस्तुतियों, मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि आरबीआई द्वारा जारी निदेशों के अननुपालन के उपर्युक्त आरोप सिद्ध हुए हैं और मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है। (योगेश दयाल) प्रेस प्रकाशनी : 2021-2022/1643 |
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