RbiSearchHeader

Press escape key to go back

पिछली खोज

पृष्ठ
भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट

Press Releases Marquee

आरबीआई की घोषणाएं
आरबीआई की घोषणाएं

RbiAnnouncementWeb

RBI Announcements
RBI Announcements

असेट प्रकाशक

137433111

भारतीय रिज़र्व बैंक ने कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 11 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच – मूल बचत बैंक जमा खाता’ और ‘कारोबारी प्रतिनिधियों (बीसी) द्वारा किए जाने वाले कार्यों का दायरा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी नियम, 2006 (सीआईसी नियम) के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹61.95 लाख (इकसठ लाख पंचानबे हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।      

31 मार्च 2024 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक का पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु सांविधिक निरीक्षण (आईएसई 2024) किया गया। भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशों, सीआईसी नियम के प्रावधानों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और इससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि आरबीआई निदेशों और सीआईसी नियम के उक्त प्रावधानों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। 

नोटिस पर बैंक के उत्तर और इसके द्वारा किए गए अतिरिक्त प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद भारतीय रिज़र्व बैंक ने अन्य बातों के साथ-साथ यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

  1. बैंक ने उन ग्राहकों का एक और बीएसबीडी खाता खोला जिनके पास पहले से ही बैंक में बीएसबीडी खाता था;
  2. बैंक ने ऐसे कार्य करने के लिए बीसी के साथ समझौता , जो बीसी द्वारा की जा सक्ने वाले कार्यो के दायरे में शामिल नहीं हैं; और
  3. बैंक ने कुछ उधारकर्ताओं के संबंध में, साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को गलत जानकारी दी।

यह कार्रवाई, सांविधिक एवं विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। 

(ब्रिज राज)  
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1742

RbiTtsCommonUtility

प्ले हो रहा है
सुनें

संबंधित एसेट

आरबीआई-इंस्टॉल-आरबीआई-सामग्री-वैश्विक

RbiSocialMediaUtility

आरबीआई मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टॉल करें और लेटेस्ट न्यूज़ का तुरंत एक्सेस पाएं!

हमारा ऐप इंस्टॉल करने के लिए QR कोड स्कैन करें

RbiWasItHelpfulUtility

पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया:

क्या यह पेज उपयोगी था?