सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एसआइएफसीएल) द्वारा जमाराशियाँ स्वीकार करने पर प्रतिबंध लगाया गया
4 जून 2008
सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एसआइएफसीएल)
द्वारा जमाराशियाँ स्वीकार करने पर प्रतिबंध लगाया गया
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45के तथा 45एमबी(1) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड जिसका पंजीकृत कार्यालय 1, सहारा भवन, कपूरथला कॉम्प्लेक्स, अलीगंज़, लखनऊ-226024 है, को किसी भी व्यक्ति से किसी भी रूप में चाहे नई जमाराशियों के स्वीकरण अथवा जमाराशियों के नवीकरण अथवा अन्य प्रकार से आम जनता से जमाराशियाँ स्वीकार करने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड जो एक अवशिष्ट गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है, को एक कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किया गया था। इस कारण बताओ नोटिस के जवाब में कंपनी ने एक व्यक्तिगत सुनवाई की माँग की थी जिसकी स्वीकृति दी गई थी। कंपनी ने अपना लिखित जवाब देने के लिए समय-विस्तार का भी अनुरोध किया था जिसकी स्वीकृति दी गई थी। प्राप्त जवाब की सावधानी से जाँच की गई। भारतीय रिज़र्व बैंक इस निष्कर्ष पर पहुचा है कि सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अन्य बातों के साथ-साथ नीचे उल्लिखित प्रकार से निर्देशों/दिशानिर्देशों का लगातार उल्लंघन किया था:
i)आरएनबीसी (आरबी), 1987 के निर्देश के पैरा 6(1) के उल्लंघन में निदेशित निवेशों का रखरखाव।
ii)आरएनबीसी (आरबी), 1987 के निर्देश के पैरा 5 के अंतर्गत निर्धारित दर से न्यूनतम ब्याज दर का भुगतान।
iii)27 जून 2001 के कंपनी परिपत्र 15 में निर्धारित आस्ति देयता प्रबंध निर्देश।
iv)जमाखाता खोलने के लिए निर्धारित अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) मानदण्ड तथा 21 फरवरी 2005 के कंपनी परिपत्र संख्या 48 और 30 दिसंबर 2004 के कंपनी परिपत्र संख्या 46 में जमाराशि वसूली के लिए तैनात कंपनी के एजेंटों पर ब्यौरे।
v)जमाकर्ताओं को उनकी जमाराशियों की परिपक्वता के समय की सूचना देना तथा आरएनबीसी (आरबी), 1987 के निर्देश के पैरा 5ए में निर्देशों की शर्तों के अनुसार परिपक्वता पर जमाराशियों की चुकौती।
उपर्युक्त की दृष्टि से यह संतुष्ट होने पर कि जनहित में जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा की जाए, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 कीधारा 45के और 45एमबी(1) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए ऐसी कार्रवाई त्वरित और अनिवार्य हो गई है। एतदद्वारा भारतीय रिज़र्व निम्नलिखित आदेश पारित करता है :
(i) सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को एतदद्वारा किसी जारी दैनिक जमा के अंतर्गत किस्तों अथवा अन्य आवर्ती जमा योजनाओं अथवा अन्य प्रकारों सहित किसी भी तरीके से अपने वर्तमान जमाकर्ताओं से अथवा नवीकरण अथवा अन्य किसी तरीके से नए जमाकर्ताओं से कोई भी जमाराशि स्वीकार करने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
(ii) सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड जमाराशियों का जैसे ही और जब वे परिपक्तव होती हैं, चुकौती करेगा।
(iii) सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड इस आदेश की तारीख के बाद जमाकर्ताओं द्वारा किसी जारी दैनिक जमा के अंतर्गत किस्तों अथवा अन्य आवर्ती जमा योजनाओं की चुकौती नहीं किए जाने को जमाकर्ताओं की कोई चूक नहीं मानेगा और सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड अपने द्वारा धारित जमाराशि की समस्त अवधि के लिए कोई चूक नहीं मानते हुए वास्तविक राशियों पर सहमत ब्याज दर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(iv) सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड अभिरक्षा के लिए अपनी अभिरक्षा में धारित सभी प्रतिभूतियों को नामित बैंक को सौंप देगा।
(v) सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड उपर्युक्त (i), (ii), (iii) के अधीन भारतीय रिज़र्व बैंक के लागू सभी प्रावधानों, निदेशों, दिशानिदेशों, अनुदेशों और इनके अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी परिपत्रों की सभी अपेक्षाओं का तब तक कड़ाई से पालन करेगा जब तक सभी जमाराशियों की ब्याज के साथ पूर्ण रूप में चुक ाठती नहीं की जाती है। जमाकर्ताओं की चुकौती के लिए सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड आरएनबीसी दिशानिर्देशों के पैराग्राफ 6 के अंतर्गत बनाए रखने के लिए अपेक्षित निवेशों के अलावा अपनी आय और निवेशों का पहले उपयोग करेगा। सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यह सुनिश्चित करेगा कि आरएनबीसी दिशानिर्देशों के पैराग्राफ 6 में यथानिर्देशित निवेश, मूलधन और ब्याज दोनों के लिए जमाकर्ताओं के प्रति अपनी सकल देयता के संबंध में बनाए रखे गए हैं।
(vi) सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड अब से अपने सभी एजेंटों और कर्मचारियों को अधिसूचित करेगा कि उसे जमाराशियाँ स्वीकार करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है और इस आदेश के परिचालनात्मक अंश की एक प्रति अपने प्रत्येक शाखाओं और कार्यालयों के विशिष्ट हिस्सों में चिपका देगा।
(vii) सहारा इंडिया फाइनेन्सियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड उपर्युक्त के प्रति कोई पक्षपात किए बिना कानून के अनुसार अपने अन्य सभी कारोबार को जारी रखने के लिए प्रात्र होगा।
अल्पना किल्लावाला
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी : 2007-2008/1552
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