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बैंकिंग सेवाओं में अंतर्राष्‍ट्रीय कारोबार पर सर्वेक्षण: 2011-12

18 अप्रैल 2013

बैंकिंग सेवाओं में अंतर्राष्‍ट्रीय कारोबार पर सर्वेक्षण: 2011-12

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर बैंकिंग सेवाओं में अंतर्राष्‍ट्रीय कारोबार पर सर्वेक्षण: 2011-12 के परिणाम से संबंधित आंकड़े जारी किए।

संकलित आंकड़े ''बैंकिंग सेवाओं में अंतर्राष्‍ट्रीय कारोबार'' पर वार्षिक सर्वेक्षण पर आधारित हैं जिसका अभिप्राय विदेशों में परिचालनरत भारतीय बैंकों की शाखाओं/सहायक संस्‍थाओं तथा भारत में परिचालनरत विदेशी बैंकों की शाखाओं/ सहायक संस्‍थाओं के संबंध में भारत के लिए बैंकिंग सेवाओं में अंतर्राष्‍ट्रीय कारोबार(आईटीबीएस) पर जानकारी उपलब्‍ध कराना है। संगत और तुलनीय आंकड़े ग्राहकों को प्रभारित स्‍पष्‍ट/अस्‍पष्‍ट शुल्‍क/कमीशन पर आधारित बैंकों द्वारा दी गई वित्‍तीय सहायक सेवाओं (इन सेवाओं के ब्‍योरे अनुलग्‍नक में वर्णित हैं) पर शामिल किए गए हैं।

आइटीबीएस-5वें दौर की मुख्‍य-मुख्‍य बातें

  • इस सर्वेक्षण में भारतीय बैंकों की 163 समुद्रपारीय शाखाओं, 158 समुद्रपारीय संस्‍थाओं और भारत में परिचालनरत विदेशी बैंकों की 309 शाखाओं को शामिल किया गया है।

  • विदेशों में परिचालनरत भारतीय बैंकों ने स्‍थानीय स्रोतों से 66.3 प्रतिशत कर्मचारियों, भारत से 30.8 प्रतिशत और शेष 2.9 प्रतिशत कर्मचारियों को अन्‍य देशों से नियोजित किया है। भारत में कार्यरत विदेशी बैंकों के मामले में कुल कर्मचरारियों में स्‍थानीय कर्मचारियों का हिस्‍सा वर्ष 2011-12 में 99.6 प्रतिशत था।

  • विदेशों में परिचालनरत भारतीय बैंकों के कर्मचारियों की संख्‍या 6.1 प्रतिशत बढ़ी है। भारत में परिचालनरत विदेशी बैंकों के मामले में कर्मचारियों की संख्‍या वर्ष 2011-12 में 2.9 प्रतिशत घटी है।

  • विदेशों में परिचालनरत भारतीय बैंकों की शाखाओं द्वारा प्रदान किया गया ऋण 27.0 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,451.1 बिलियन हो गया है। भारत में परिचालनरत विदेशी बैंकों द्वारा प्रदान किया गया ऋण वर्ष 2011-12 के दौरान 21.8 प्रतिशत बढ़कर 2,413.2 बिलियन हो गया है।

  • विदेशों में परिचालनरत भारतीय बैंकों द्वारा प्राप्‍त जमाराशि वर्ष 2011-12 में 27.1 प्रतिशत बढ़ी है। भारत में परिचालनरत विदेशी बैंकों के मामले में प्राप्‍त जमाराशि वर्ष 2011-12 के दौरान 14.3 प्रतिशत बढ़ी है।

  • विदेशों में परिचालनरत भारतीय बैंकों का लाभप्रदता अनुपात अर्थात् कुल आस्तियों में लाभ वर्ष 2011-12 में 0.7 प्रतिशत (1.1 प्रतिशत से) घटा है। भारत में परिचालनरत विदेशी बैंकों का लाभप्रदता अनुपात वर्ष 2011-12 में 2.4 प्रतिशत (2.3 प्रतिशत से) बढ़ा है।

  • बहरीन, बेल्जियम, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, श्रीलंका, यूएई, यूके, और यूएसए प्रमुख देश हैं जिनकी विदेशों में परिचालनरत भारतीय बैंकों की शाखाओं की बैंकिंग सेवाओं में कुल कारोबार लगभग 90.8 प्रतिशत रहा है।

  • भारत में परिचालनरत विदेशी बैंकों की 309 शाखाओं ने वर्ष 2011-12 के दौरान 94.3 बिलियन का कुल शुल्‍क आय प्राप्‍त किया। भारत से बाहर भारतीय बैंकों के मामले में प्राप्‍त कुल शुल्‍क आय 68.0 बिलियन थी।

  • विदेशों में कार्यरत भारतीय बैंकों की शाखाओं ने ऋण संबंधी सेवाएं तथा व्‍यापार वित्‍त संबंधी सेवाएं प्रदान करते हुए शुल्‍क आय का बड़ा हिस्‍सा प्राप्‍त किया। 'डेरिवेटीव, स्‍टॉक, प्रतिभूति, विदेशी मुद्रा कारोबार सेवाएं' तथा 'वित्‍तीय परामर्शी और सलाहकार सेवाएं' भारत में परिचालनरत विदेशी बैंकों के लिए शुल्‍क आय का प्रमुख स्रोत थीं।

संगीता दास
निदेशक

प्रेस प्रकाशनी : 2012-2013/ 1754

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