सीमापारीय लेनदेन के लिए विधिक संस्था पहचानकर्ता संख्या (एल.ई.आई.) संबंधी व्यवस्था
अस्वीकारण : अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न तथा फेमा अधिसूचना (अधिसूचनाओं)/ मास्टर निदेश(निदेशों)/ ए.पी. डीआईआर परिपत्र (परीपत्रों) के बीच किसी प्रकार की असंगति (असंगतियाँ) होने की स्थिति में परवर्ती को सही माना जाएगा।
उत्तर. प्राधिकृत व्यापारी बैंक को 01 अक्तूबर 2022 को या उसके पश्चात उसके माध्यम से हुए रुपये 50 करोड़ या उससे अधिक मूल्य के सीमापारीय लेनदेन के लिए वैध एलईआई दर्ज करना अनिवार्य है। इस तारीख के पश्चात, एडी बैंक को सभी सीमापारीय लेनदेन के लिए वैध एलईआई रिपोर्ट करना अनिवार्य है, भले ही लेनदेन का मूल्य कुछ भी हो। तथापि, यदि एडी बैंक के पास संस्था का वैध एलईआई पहले से उपलब्ध है, तो बैंक को उसे सभी लेनदेन में रिपोर्ट किया जाना चाहिए, भले ही उस संस्था ने उस बैंक के माध्यम से रुपये 50 करोड़ या उससे अधिक मूल्य का कोई लेनदेन किया हो।
उत्तर. अनिवासी प्रतिपक्ष/ पारदेशीय संस्थाओं के संबंध में, प्राधिकृत व्यापारी बैंक कृपया उक्त परिपत्र के पैरा 2 में निहित निर्देश का संदर्भ लें।
उत्तर. यदि किसी अनिवासी के भारत में रखे खाते में या खाते से कोई क्रेडिट अथवा डेबिट किसी निवासी के साथ लेनदेन के परिणामस्वरूप होता है तो उस पर विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (फेमा) के प्रावधान लागू होते हैं अतः ऐसे मामलों में उक्त परिपत्र में निहित प्रावधान भी लागू होंगे।
उत्तर. संपर्की बैंक का यह दायित्व होगा कि वह अनिवासी समकक्ष के लिए एल.ई.आई. प्राप्त करें। तथापि, वे उक्त परिपत्र के पैरा 2 में निहित निर्देश का संदर्भ लें।
उत्तर. उक्त परिपत्र में स्विफ्ट संदेश के प्रारूप के संबंध में किसी प्रकार के अनुदेश नहीं दिये गए हैं।
उत्तर. विप्रेषण के प्रत्येक चरण में केवल दो ही पक्ष होंगे, अतः प्राधिकृत व्यापारी बैंक को उक्त परिपत्र के अनुसार एल.ई.आई. प्राप्त करना अपेक्षित है।
उत्तर. गैर-निधि आधारित सुविधाओं के मामले में, प्राधिकृत व्यापारी बैंकों को इस प्रकार के निर्गम करते समय ही एलईआई संबंधी अपेक्षाओं का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 11, 2022