'सूचना का प्रकाशन - सरफेसी अधिनियम, 2002 के तहत प्रतिभूति आस्तियां ' पर 25 सितंबर 2023 को जारी परिपत्र पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू)
हाँ, सरफेसी अधिनियम, 2002 की धारा 13 (4) के अंतर्गत चल और अचल दोनों प्रतिभूति आस्तियां, जिस पर चल संपत्ति के मामले में प्रतिभूति (प्रवर्तन) नियम 2002 के नियम 3 (1) अथवा नियम 6 (2) और अचल संपत्ति के मामले में नियम 8 (2) के अनुसार पहले से ही समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित हो चुकी है, ऐसी प्रतिभूति आस्तियों को आरई की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाना चाहिए।
प्रेषण प्राप्त करने और भेजने के लिए भारत के बैंकों, उनके यूपीआई हैंडल और के लिए प्लेटफॉर्म निम्नानुसार सारणीबद्ध हैं:
| प्रेषण प्राप्त करना | प्रेषण भेजना | |||
| बैंक | सक्षम किए गए यूपीआई हैंडल | फीचरिंग ऐप | बैंक | एप्स/इंटरनेट बैंकिंग |
| एक्सिस बैंक | @axisbank | एक्सिस पे | आईसीआईसीआई बैंक | इंटरनेट बैंकिंग |
| डीबीएस बैंक इंडिया | @dbs | डीबीएस डिजीबैंक | इंडियन बैंक | मोबाइल ऐप (इंडओएसिस) |
| आईसीआईसीआई बैंक | @icici | आईसीआईसी आईमोबाइल | इंडियन ओवरसीज बैंक | इंटरनेट बैंकिंग |
| इंडियन बैंक | @indianbank | इंडओएसिस | ||
| इंडियन ओवरसीज बैंक | @iob | भीम आईओबी पे | भारतीय स्टेट बैंक | मोबाइल एप (भीम एसबीआई पे) |
| स्टेट बैंक ऑफ इंडिया | @sbi | भीम एसबीआई पे | ||
उत्तर: नहीं, आवश्यक नहीं है।
उत्तर. संपर्की बैंक का यह दायित्व होगा कि वह अनिवासी समकक्ष के लिए एल.ई.आई. प्राप्त करें। तथापि, वे उक्त परिपत्र के पैरा 2 में निहित निर्देश का संदर्भ लें।
उत्तर: (ए) यह ढांचा आरई द्वारा 01 जून, 2023 को या उसके बाद जुटाई गई हरित जमाराशि के लिए लागू है।
(बी) आरई ऐसा नहीं कर सकते कि पहले हरित गतिविधियों/परियोजनाओं को वित्तपोषित करेंऔर उसके बाद हरित जमाराशि जुटाएँ।
उत्तर: इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफार्म (ईटीपी) का आशय है मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज के अलावा कोई भी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली जिस पर पात्र लिखतों यथा प्रतिभूतियों, मुद्रा बाजार लिखतों, विदेशी मुद्रा लिखतों, डेरिवेटिव, आदि की संविदा की जाती है। भारतीय रिज़र्व बैंक से इलेक्ट्रानिक ट्रेडिंग प्लेटफार्म (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2018 के तहत पहले से प्राधिकार लिए बिना कोई भी प्रतिष्ठान ईटीपी का परिचालन नहीं करेगा। प्राधिकृत ईटीपी की सूची यहां उपलब्ध है।
भारतीय रिज़र्व बैंक से प्राधिकार लिए बिना ही ईटीपी का परिचालन करने और धन संग्रह को प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से भारत के बाहर भुगतान करने /प्रेषित करने वाले निवासी व्यक्ति स्वयं को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 और धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 सहित विद्यमान कानूनों और विनियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई का भागी बना लेगें।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 11, 2022