RbiSearchHeader

Press escape key to go back

पिछली खोज

पृष्ठ
भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट

RbiAnnouncementWeb

RBI Announcements
RBI Announcements

FAQ DetailPage Breadcrumb

RbiFaqsSearchFilter

सामग्री प्रकार:

श्रेणी पहलू

केटेगरी

कस्टम पहलू

ddm__keyword__26256231__FaqDetailPage2Title_en_US

खोज परिणाम

क्यूए 22 खाता

भारत सरकार की दिनांक 30 मार्च 2001 की अधिसूचना सं. एसओ.301(ई) के अनुसार बैंक भारत में अस्थायी रूप से निवास करनेवाले पाकिस्तान से भिन्न देशों के निवासियों के विदेशों रह रहे घनिष्ठसंबंधियों के अनुरक्षण के लिए निवल वेतन (कर, भविष्य निधि अंशदान और कटौतियों के बाद) तक की रकम के प्रेषण की अनुमति देने के लिए स्वतंत्र हैं।अत: वे क्यूए 22 की प्रक्रिया से परे निवल वेतन के प्रेषण की अनुमति देसकते हैं।

अमरीकी डॉलर में इस प्रकार के मूल्यांकित चेकों की वसूली के लिए बैंक ग्राहकों द्वारा चुनी गई वसूली व्यवस्था की किस्म और उस वसूली प्रक्रिया में संबद्ध बिचौलियों (प्रतिनिधि बैंकों) की संख्या के अनुरूप प्रभार लगाते हैं। प्रत्येक प्रतिनिधि बैंक वसूली प्रक्रिया को संपन्न करने के लिए अपने-अपने हिसाब से प्रभार लेता है। उसके बाद भारत में स्थित वसूलीकर्ता बैंक, ये सभी प्रभार अपने ग्राहकों से ले लेते हैं। ग्राहक के खाते में वसूली प्रभारों को घटाकर धन-राशि जमा कर दी जाती है (वसूली प्रभार को घटाने के बाद शेष प्राप्त-राशियां)।
एडीएफ प्राप्त करने के लिए किसी विशिष्ट प्रौद्योगिकी, विक्रेता, सेवा प्रदाता या प्रक्रिया की सिफारिश नहीं की गई है और आंतरिक आवश्यकताओं के आधार पर इन मुद्दों पर निर्णय लेना बैंकों पर छोड़ दिया गया है।

अधिकृत बैंकों की शाखाओं में जमा हेतु आवेदन उपलब्ध होगा। आवेदन भारतीय रिज़र्व बैंक के वेबसाईट पर भी उपलब्ध है।

उत्तर

हाँ। जिस बैंक में 'आधारभूत बचत बैंक जमा खाता' है, उस बैंक में कोई भी सावधि/सावधि जमा, आवर्ती जमा आदि खाते रख सकता है।

स्प्रेड के घटक यानी व्यापार रणनीति और क्रेडिट जोखिम प्रीमियम का या तो पोसिटिव मूल्य होगा या शून्य होगा। दूसरे शब्दों में स्प्रेड के घटक नेगटिव नहीं हो सकते।

उत्तर: आवेदक को प्रायोजकों की सूची और 2 करोड़ रुपये की न्यूनतम पूंजी के लिए निधि के स्रोत का विवरण देना होगा। सीओआर जारी करने से पहले पूंजी डाल दे जानी चाहिए। इस दौरान प्रायोजकों में बदलाव की अनुमति नहीं है।

For redressal of grievance, the complainant must first approach the concerned NBFC. If the NBFC does not reply within a period of one month after receipt of the complaint, or the NBFC rejects the complaint, or if the complainant is not satisfied with the reply given by the NBFC, the complainant can file the complaint with the NBFC Ombudsman under whose jurisdiction the branch/ registered office of the NBFC falls.

जब कभी बैंक एक मिलियन अमरीकी डॉलर अथवा उससे अधिक राशि के एफ़सीएनआर (बी) जमाराशियाँ जुटाता है तब वह आरबीआई से संपर्क कर सकता है। साधारणतः बैंक, आरबीआई के वित्तीय बाज़ार विभाग से परामर्श कर सप्ताह में एक बार आरबीआई के साथ स्वैप लेनदेन कर सकता है।

उत्तर: हां, इस शर्त के अधीन कि बैंक खाते को बीओ खाते के रूप में पुनः नामित किया जाता है।

  • ब्याज अर्धवार्षिक आधार पर मूलधन में अर्जित और चक्रवृद्धि किया जाएगा और मोचन के समय मूलधन के साथ भुगतान किया जाएगा।

उत्तर. सीपीएस में सीधी भागीदारी गैर-बैंकों के निधि अंतरण अनुदेशों के निष्पादन में विलंब को कम कर सकता है । इसके अलावा, यदि बैंक के कामकाज में कोई व्यवधान उत्पन्न होता है, तो यह उनके गैर-बैंक ग्राहकों के लिए भी व्यावसायिक व्यवधान उत्पन्न कर सकता है। इस तरह के व्यवधान, भले ही वे अस्थायी हों, प्रणाली में अस्थिरता लाने की क्षमता रख सकते हैं।

सीपीएस में सीधी भागीदारी बैंकों और गैर-बैंकों के बीच पहुंच संबंधी तटस्थता को सक्षम बनाएगा तथा गैर-बैंकों की बढ़ी हुई भागीदारी के साथ बेहतर निपटान जोखिम प्रबंधन की सुविधा प्रदान करेगा।

उत्तर. हां, कम आय वाले परिवार (जोकि निदेशों के तहत परिभाषित किए गए है) को गैर-सूक्ष्मवित्त ऋण प्रदान करने के लिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मासिक घरेलू आय के प्रतिशत के रूप में परिवार के मासिक ऋण चुकौती दायित्वों पर 50 प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन नहीं हो। दूसरे शब्दों में, 50 प्रतिशत की सीमा में सूक्ष्मवित्त के साथ-साथ गैर-सूक्ष्मवित्त ऋण भी शामिल होंगे।
  • पीएसओ द्वारा वांछित होने पर भारत के बाहर भुगतान लेनदेन के प्रसंस्करण पर कोई रोक नहीं है। तथापि, प्रसंस्करण के बाद डेटा केवल भारत में संग्रहीत किया जाएगा। संपूर्ण एंड -टू – एंड लेनदेन संबंधी विवरण, डेटा का हिस्सा होना चाहिए।

  • यदि प्रसंस्करण विदेश में किया जाता है तो डेटा को विदेश में सिस्टम से हटा दिया जाना चाहिए और भुगतान के प्रसंस्करण से 24 घंटे अथवा एक कारोबारी दिवस, जो भी पहले हो, के भीतर भारत में वापस लाया जाना चाहिए। वह केवल भारत में संग्रहीत किया जाएगा।

  • तथापि, बाद में की जाने वाली किसी गतिविधि जैसे कि भुगतान प्रसंस्करण के बाद निपटान प्रसंस्करण, यदि भारत के बाहर किया जाता है, तो इसे लगभग वास्तविक समय के आधार पर किया जाएगा। डेटा केवल भारत में संग्रहीत किया जाएगा।

  • किसी भी अन्य संबंधित प्रसंस्करण गतिविधि, जैसे चार्जबैक आदि के मामले में, डेटा को किसी भी समय, भारत से, जहां इसे संग्रहीत किया गया है, वहाँ से यह प्राप्त किया जा सकता है।

जी हां, मूल एनबीएफसी/एचएफसी के पास पहले इनकार (फर्स्ट रेफ़्यूसल) आधार पर पुनर्खरीद लेनदेन के रूप में 12 महीने की एक निर्दिष्ट अवधि के बाद अपनी संपत्ति वापस खरीदने का विकल्प है।

उत्तर: बैंक, एनबीएफसी – फ़ैक्टर्स और अन्य वित्तीय संस्थाएं जिन्हें भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अनुमति दी गई है, वे ट्रेड्स में फाइनेंसर के रूप में भाग ले सकते हैं।

परिपत्र के पैरा 2 के अनुसार, सीसीओ का चयन उपयुक्त 'फिट एंड प्रॉपर' मूल्यांकन/चयन मानदंडों के आधार पर उपयुक्त प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना है। 'फिट एंड प्रॉपर' मानदंडों की जांच और रिपोर्ट योग्यता,अखंडता एवं दूसरों के मध्य हितों के टकराव के परिप्रेक्ष्य में की जा सकती है।
For redressal of grievance, the complainant must first approach the System Participant (as defined in the Scheme) concerned. If the System Participant does not reply within a period of one month after receipt of the complaint, or rejects the complaint, or if the complainant is not satisfied with the reply given, the complainant can file the complaint with the Ombudsman for Digital Transactions within whose jurisdiction the branch or office of the System Participant complained against, is located. For complaints arising out of services with centralized operations, the same shall be filed before the Ombudsman for Digital Transactions within whose territorial jurisdiction the billing / declared address of the customer is located.

नहीं, एनआरआई के लिए यह सुविधा 02 जनवरी, 2017 से 30 जून, 2017 तक भारतीय रिजर्व बैंक के पाँच कार्यालयों मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता तथा नागपुर में उपलब्ध है । एनआरआई के लिए विनिमय की सीमा रू. 25000/- होगी ।

पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले सभी ऋण, जब तक कि समाधान ढांचे के अनुबंध के पैरा 2 के विशिष्ट अपवर्जन सूची मे शामिल नहीं हैं, उक्त क्र सं 2 के स्पष्टीकरण के तहत समाधान ढांचे के दायरे के अधीन होंगे। ये ऋण, यदि समाधान ढांचे के अनुबंध के पैराग्राफ 2 में उल्लिखित श्रेणियों में से किसी के अंतर्गत नहीं आते हैं, तो वे दिनांक 4 जनवरी 2018 को एक्सबीआरएल विवरणी – बैंकिंग सांख्यिकी को सुसंगत बनाना विषय पर जारी परिपत्र बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.99/08.13.100/2017-18 में परिभाषित "व्यक्तिगत ऋण" के दायरे में आने पर अनुबंध के भाग ए के तहत समाधान के लिए पात्र हैं, भले ही वे स्पष्ट रूप से किसी भी विनियामकीय/पर्यवेक्षी रिपोर्टिंग में, या अनुबंध के भाग बी के तहत स्पष्ट रूप से वर्गीकृत नहीं किए गए हैं।

Web Content Display (Global)

आरबीआई मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टॉल करें और लेटेस्ट न्यूज़ का तुरंत एक्सेस पाएं!

हमारा ऐप इंस्टॉल करने के लिए QR कोड स्कैन करें

RbiWasItHelpfulUtility

पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 11, 2022

क्या यह पेज उपयोगी था?