बाजार तंत्र के माध्यम से बड़े उधारकर्ताओं के लिए ऋण आपूर्ति बढ़ाना
उत्तर
नहीं। 'आधारभूत बचत बैंक जमा खाता' को शाखाओं के माध्यम से सभी ग्राहकों के लिए उपलब्ध एक सामान्य बैंकिंग सेवा के रूप में माना जाना चाहिए।
उत्तर. गैर-बैंक लगातार और सक्रिय रूप से वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं और सीपीएस तक सीधी पहुंच उन्हें प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने और अपने उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प प्रदान करने में सक्षम बनाती है।
भुगतान परिदृश्य में निपटान जोखिम के प्रबंधन के अलावा, गैर-बैंकों की पहुंच और भागीदारी का विस्तार एक प्रगतिशील कदम है और यह भुगतान पारितंत्र की विविधता और आघात सहनीयता में परिणत होता है।
उत्तर: मोटे तौर पर ट्रेड्स के माध्यम से वित्तपोषण / छूट देने के दौरान निम्नलिखित कदम उठाए जाते हैं:
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फैक्टरिंग यूनिट (एफ़यू) का सृजन – इन्वॉइस (इन्वॉइसेज़) अथवा बिल (बिल्स) ऑफ एक्सचेंज के लिए प्रयुक्त मानक नाम – जिसमें ट्रेड्स प्लेटफॉर्म पर एमएसएमई विक्रेता (फैक्टरिंग के मामले में) अथवा क्रेता (रिवर्स फैक्टरिंग के मामले) में इन्वॉइसेज़ / बिल्स ऑफ एक्सचेंज (वस्तुओं की बिक्री के साक्ष्य / एमएसएमई विक्रेताओं द्वारा खरीददारों को सेवाएं) के विवरण शामिल हैं;
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काउंटर्पार्टी द्वारा एफ़यू की स्वीकृति - खरीदार अथवा विक्रेता, जैसा भी मामला हो;
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फाइनेंसरों द्वारा बोली लगाना;
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विक्रेता या खरीदार द्वारा सर्वश्रेष्ठ बोली का चयन, जैसा भी मामला हो;
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एमएसएमई विक्रेता को वित्तपोषण / छूट के संबंध में सहमति दर पर फाइनेंसर द्वारा किया गया भुगतान (चयनित बोली का);
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क्रेता द्वारा देय तिथि को फाइनेंसर को भुगतान।
समाधान ढांचे के अनुबंध के क्रमश पैराग्राफ 7 और 10 में पात्र व्यक्तिगत ऋणों के संबंध में आरंभ और कार्यान्वयन की परिभाषाएं दी गई हैं। अन्य पात्र ऋणों के संबंध में, ‘सक्रिय’ का तात्पर्य समाधान ढांचे के अनुबंध के पैराग्राफ 14 और 15 के अनुसार होगा जबकि ‘कार्यान्वयन’ दबावग्रस्त आस्तियों के समाधान के लिए विवेकपूर्ण ढांचा विषय पर 7 जून, 2019 को जारी परिपत्र के पैराग्राफ 14-16 में दिए गए व्याख्या के अनुसार किया जाएगा ।
उत्तर: यदि कोई कार्डधारक भुगतान की नियत तारीख के भीतर कुल देय राशि का भुगतान नहीं करता है, तो ब्याज मुक्त क्रेडिट अवधि समाप्त हो जाएगी, और ब्याज लेनदेन की तारीख से बकाया राशि (क्रेडिट होने पर भुगतान/रिफंड/रिवर्स लेनदेन के लिए समायोजित) पर लगाया जा सकता है, न कि कुल देय राशि पर। इसके अलावा, देर से भुगतान शुल्क और भुगतान में देरी से संबंधित अन्य शुल्क भुगतान की नियत तारीख के बाद केवल बकाया राशि (भुगतान/रिफंड/रिवर्स लेनदेन के लिए समायोजित) पर लगाए जाएंगे, न कि कुल देय राशि पर।
उत्तर: ग्राहक/जमाकर्ता द्वारा डीईए निधि से धन वापसी का दावा करने के लिए योजना में कोई विशिष्ट समय सीमा निर्धारित नहीं है। हालाँकि, ग्राहक/जमाकर्ता अथवा उत्तराधिकारियों (मृत जमाकर्ता के मामले में) को दावा न की गई राशि के बारे में पता चलते ही ऐसी राशि का दावा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
उत्तर: यूडीआरएन बैंकों द्वारा कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) के माध्यम से उत्पन्न एक अद्वितीय (unique) संख्या है और इसे आरबीआई के जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता (डीईए) निधि में हस्तांतरित प्रत्येक अदावी खाते/जमा राशि को सौंपा जाता है। इस नंबर का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि खाताधारक अथवा जिस बैंक शाखा में खाता है, उसे कोई तीसरा पक्ष पहचान न सके। यूडीआरएन बैंक शाखाओं को उन ग्राहकों/जमाकर्ताओं से प्राप्त दावों को निर्बाध रूप से निपटाने में सक्षम बनाता है, जिन्होंने उद्गम (UDGAM) पोर्टल में उक्त दावों की सफल खोज की है। उद्गम (UDGAM) पोर्टल पर शामिल सभी 30 बैंकों द्वारा पोर्टल के विकास के दौरान यूडीआरएन जनरेट करने के लिए आवश्यक अनिवार्यताओं को बनाए रखने का अनुरोध किया गया है।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 11, 2022