संचार विभाग (डीओसी) 25 अप्रैल 2025 को आरबीआई वेबसाइट और एमएसटीसी पोर्टल पर उपर्युक्त कार्य के लिए ई-निविदा के माध्यम से बोलियां आमंत्रित करता है।
क्र. सं.
आरएफपी संदर्भ पृष्ठ क्र.
वर्तमान खंड
संशोधित खंड
1
पृष्ठ संख्या 24
XIII. अन्य शर्तें – बिंदु संख्या 21
बोली लगाने वाले को बोली दस्तावेज़ का एक मूल सेट और एक प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
बोली लगाने वाले को एमएसटीसी पर प्रस्तुत बोली दस्तावेजों की एक भौतिक प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
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पृष्ठ संख्या-29
सी) अनुलग्नक ए3 – पात्रता मानदंड प्रतिक्रिया पत्रक
क्रमांक 5 -
बोली लगाने वाले के पास निम्नलिखित में से कम से कम दो पेशेवर निकायों की पूर्ण मान्यता/पंजीकरण/सदस्यता होनी चाहिए:
• दि इंडियन न्यूज़पेपर सोसायटी (आईएनएस)
• भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई),
• भारतीय विज्ञापन एजेंसियां संघ (एएएआई),
• विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी),
इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन (आईबीएफ)।
बोली लगाने वाले के पास भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) और नीचे उल्लिखित किसी भी पेशेवर निकाय से मान्यता/पंजीकरण/सदस्यता होनी चाहिए:
• दि इंडियन न्यूज़पेपर सोसायटी (आईएनएस)
• भारतीय विज्ञापन एजेंसी संघ (एएएआई),
• विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी)
• इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन (आईबीएफ)।
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पृष्ठ संख्या-29
सी) अनुलग्नक ए3 – पात्रता मानदंड प्रतिक्रिया पत्रक
क्रमांक 10
बोली लगाने वाले को बोली दस्तावेज में उल्लिखित 14 भाषाओं में से कम से कम 12 भाषाओं में पिछले दो वर्षों के दौरान कम से कम एक क्रिएटिव कार्य किया होना चाहिए।
बोली लगाने वाले को एक साथ अधिकतम दो क्रिएटिव कार्य में बोली दस्तावेज में उल्लिखित 14 भाषाओं में से कम से कम 12 भाषाओं को शामिल करना चाहिए।
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पृष्ठ संख्या-29
अनुलग्नक ए3
बिंदु 7-9
बोली लगाने वाले (आवेदक कंपनी) की निवल मालियत पिछले तीन वित्तीय वर्षों (अप्रैल 2021-मार्च 2024) में से प्रत्येक के दौरान सकारात्मक होनी चाहिए।
बोली लगाने वाले (आवेदक कंपनी) ने पिछले तीन वर्षों, अर्थात वित्तीय वर्ष – 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के लिए लगातार निवल लाभ (कर के बाद) दर्ज किया हो।
बोली लगाने वाले के ग्राहकों के लिए क्रिएटिव सामग्री की रचना से सकल आय पिछले तीन वित्तीय वर्षों (एफ़वाई) अर्थात वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 में से प्रत्येक में ₹50 करोड़ से कम नहीं होनी चाहिए।
इनके लिए पिछले वित्तीय वर्षों को निम्नानुसार माना जाएगा:
2022-23 (लेखापरीक्षित)
2023-24 (लेखापरीक्षित)
2024-25 (अनंतिम)
2. बोली लगाने वालों को सूचित किया जाता है कि वे उपरोक्त परिशिष्ट पर विचार करने के बाद ही बोली प्रस्तुत करें। कृपया ध्यान दें कि यह निविदा दस्तावेज का पूरक है और निविदा का भाग होगा।
3. इस ई-निविदा से संबंधित अन्य सभी नियम व शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।
मुमप्र, डीओसी
आरबीआई
Statistics-Data Releases-Overview
जारी आंकड़े
इस खण्ड में भारतीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग और वित्त के विभिन्न पहलुओं से संबंधित आँकड़े दिये गये हैं। जहां विद्यमान विगत एक वर्ष के आँकड़ों के रूप में परिभाषित किए गये हैं और वे नीचे दिये गए लिंक पर उपलब्ध हैं वहीं अनुसंधानकर्ता इस पृष्ठ पर दिये गए भारतीय अर्थव्यवथा का डाटाबेस लिंक पर आँकड़ा श्रृंखला भी प्राप्त कर सकते हैं।