पटना उच्च न्यायालय - सीडब्ल्यूजेसी सं. 2006 का 13422 - काउंसिल फॉर द्र प्रोटेक्शन ऑफ पब्लिक राइट्स एंड वेलफेयर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य - के संबंध में
भारिबैं/2006-2007/364
बैंपविवि. सं. डीआइआर. बीसी. 91/13.26.00/2006-07
30 अप्रैल 2007
10 वैशाख 1929 (शक)
अध्यक्ष /प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी
सभी वाणिज्य बैंक
(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)
महोदय
पटना उच्च न्यायालय - सीडब्ल्यूजेसी सं. 2006 का 13422 -
काउंसिल फॉर द्र प्रोटेक्शन ऑफ पब्लिक राइट्स एंड
वेलफेयर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य - के संबंध में
हम आपको सूचित करते हैं कि उपर्युक्त मामले में माननीय पटना उच्च न्यायालय ने 10 अप्रैल 2007 के अपने आदेश में भारतीय रिज़र्व बैंक को यह निदेश दिया है कि वह सभी बैंकों को यह निदेश दे कि संलग्न सूची में सूचीबद्ध कंपनियों को, जिन्हें ‘चूककर्ता कंपनियों’ के रूप में घोषित किया गया है, उनके खातों में मौद्रिक लेनदेन करने की अनुमति न दें।
2. अत: आप यह सुनिश्चित करें कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा ‘चूककर्ता कंपनियों’ के रूप में घोषित कंपनियों को आपके बैंक में मौद्रिक लेनदेन करने नहीं दिया जाता है। अत:, आप इस संबंध में अपनी सभी शाखाओं को सूचित करें तथा आदेश के अनुपालन के संबंध में हमें अवगत कराएँ।
3. उपर्युक्त मामले में माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा पारित 10 अप्रैल 2007 के आदेश की एक प्रतिलिपि तथा माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा घोषित चूककर्ता कंपनियों (जिनकी संख्या 918 है) की सूची की एक प्रतिलिपि न्यायालय के आदेश के कड़ाई से अनुपालन हेतु संलग्न हैं।
4. कृपया प्राप्ति की सूचना दें।
भवदीय
(पी. विजय भास्कर)
मुख्य महाप्रबंधक
संलग्नक : यथोक्त
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