भारत सरकार ने दिनांक 28 मई 2019 की गज़ट अधिसूचना जी.एस.आर 381(ई) द्वारा धन-शोधन निवारण (अभिलेखों का अनुरक्षण) नियम, 2005 में संशोधन अधिसूचित किया है।
2. पीएमएल नियमावली में किए गए उपर्युक्त संशोधन के अनुसार मास्टर निदेश में निम्नलिखित परिवर्तन किया गया है:
मास्टर निदेश की धारा 23 की शर्त (ख) में इस आशय का परंतुक जोड़ा गया है; परंतु जहां कोई व्यक्ति जेल में बंदी है, वहां जेल के भारसाधक अधिकारी की उपस्थिति में हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान लगाया जाएगा और उक्त अधिकारी अपने हस्ताक्षर से उसे प्रमाणित करेगा और खाता, जेल के भारसाधक अधिकारी द्वारा जारी पते के सबूत के प्रमाणपत्र के वार्षिक प्रस्तुतिकरण पर प्रवर्तनशील हो जाएगा।