अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों और विदेशी राष्ट्रिकों के लिए सुविधाएं - उदारीकरण - रिपोर्टिंग अपेक्षा - आरबीआई - Reserve Bank of India
अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों और विदेशी राष्ट्रिकों के लिए सुविधाएं - उदारीकरण - रिपोर्टिंग अपेक्षा
भारिबैंक/2013-14/496 18 फरवरी 2014 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों और विदेशी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंकों (प्रा॰व्या॰ श्रेणी-I) का ध्यान 16 नवंबर 2006 के ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं.12 की ओर आकृष्ट किया जाता है जिसके अनुसार अचल संपत्ति की बिक्रीगत आय के विप्रेषण के संबंध में 10 वर्ष की समय-बंदी (लॉक-इन पीरियड) को समाप्त किया गया था और प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक अचल संपत्ति की बिक्रीगत आय सहित एनआरओ खाते में जमा-शेष से विप्रेषण की अनुमति दे सकते थे बशर्ते विप्रेषण राशि प्रति वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) एक मिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक न हो। उल्लिखित परिपत्र के अनुसार प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंकों से अपेक्षित था कि वे तिमाही में आवेदकों की संख्या और कुल विप्रेषित राशि संबंधी विवरण, अनुबंध में दिये गए प्रोफॉर्मे के अनुसार, संबंधित तिमाही की समाप्ति से 10 दिनों के भीतर प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक, विदेशी मुद्रा विभाग, विदेशी निवेश प्रभाग (अनिवासी विदेशी खाता प्रभाग), भारतीय रिज़र्व बैंक, केन्द्रीय कार्यालय, मुंबई-400001 को प्रस्तुत करें। 2. रियल टाइम डाटा तक पहुँच को ध्यान में रखते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि इस सूचना को मासिक आधार पर प्राप्त किया जाए। तदनुसार, प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक अनुबंधानुसार आवेदकों की संख्या और विप्रेषित कुल राशि संबंधी विवरण मासिक आधार पर प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक, विदेशी मुद्रा विभाग, विदेशी निवेश प्रभाग (अनिवासी विदेशी खाता प्रभाग), भारतीय रिज़र्व बैंक, केन्द्रीय कार्यालय, मुंबई-400001 को रिपोर्टिंग माह की समाप्ति से 7 दिनों के भीतर प्रस्तुत करें। प्रोफॉर्मे के अनुसार डाटा अधिमानत: ई-मेल से भेजा जाए। 3. यह नोट किया जाए कि “एनआरओ खाते से एनआरई खाते मे अंतरण” को भी शामिल करने के लिए प्रोफॉर्मा को संशोधित किया गया है। 4. प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी –I बैंक इस परिपत्र की विषयवस्तु से अपने संबंधित घटकों को अवगत कराएं। 5. इस परिपत्र में निहित निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 10 (4) और धारा 11 (1) के अधीन और अन्य किसी कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बगैर जारी किए गए हैं। भवदीय, (सी॰डी॰श्रीनिवासन) अनिवासी भारतीयों / भारतीय मूल के व्यक्तियों और विदेशी राष्ट्रिकों द्वारा बैंक का नाम :
प्राधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर नाम और पदनाम दिनांक: |