भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) - सरकारी मार्ग के तहत अनुमत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश योजना के अंतर्गत ईक्विटी शेयर जारी करना
| भारिबैंक/2012-13/375 10 जनवरी 2013 सभी श्रेणी-। प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) - सरकारी मार्ग के तहत प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंकों का ध्यान 9 दिसंबर 2011 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 55 के साथ पठित 30 जून 2011 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 74 के पैराग्राफ 3 की ओर आकृष्ट किया जाता है, जिसके जरिये उसमें उल्लिखित शर्तों के अधीन पूँजीगत माल, आदि के आयात के रूपांतरण द्वारा, सरकारी मार्ग के तहत, ईक्विटी शेयर/अधिमानी शेयर जारी करने की अनुमति दी गयी थी। 2. नीति की समीक्षा करने पर, अब यह निर्णय लिया गया है कि उल्लिखित पैराग्राफ की कतिपय शर्तों में संशोधन किया जाए। संशोधित शर्तें संलग्नक में दी गयी हैं। 3. 30 जून 2011 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 74 और 9 दिसंबर 2011 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 55 में निहित सभी अन्य शर्तें यथावत रहेंगी। 4. प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक इस परिपत्र की विषयवस्तु से अपने संबंधित ग्राहकों/घटकों को अवगत करायें। 5. विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत से बाहर के निवासी किसी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2000 (3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 20/2000-आरबी) में आवश्यक संशोधन 23 अप्रैल 2012 की अधिसूचना सं. फेमा 229/2012-आरबी तथा 19 अक्तूबर 2012 की अधिसूचना सं. फेमा 242/2012-आरबी के जरिये अधिसूचित किए गए हैं। 6. इस परिपत्र में निहित निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम,1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और धारा 11(1) के अंतर्गत और किसी अन्य कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बगैर जारी किये गये हैं। भवदीय, (रुद्र नारायण कर) [10 जनवरी 2013 का ए.पी.
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