वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और विकलांग लोगों को वित्तीय सहायता - आरबीआई - Reserve Bank of India
वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और विकलांग लोगों को वित्तीय सहायता
भारिबै/2010-11/ 328 24 दिसंबर 2010 अध्यक्ष महोदय, वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और विकलांग कृपया दिनांक 27 दिसंबर 2005 और 01 नवम्बर 2010 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि.केका.आरआरबी. बीसी.सं.57/03.05.33(एफ)/2005-06 और ग्राआऋवि.केका. एफआईडी. बीसी.सं./12.01.012 (एफ)/2010-11(आरबीई)/ 2010-11/253 देखें, जिसमें जिसके अनुसार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को उप-एजेंटों के रूप में पेशन खातों और अन्य सरकारी कारोबार के परिचालन और इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन योजना के हिताधिकारियों के खाते खोलने की अनुमति दी गई है । 2. इस संबंध में हम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार, समाज कल्याण विभाग, नई दिल्ली से प्राप्त 6 अगस्त 2010 के पत्र सं. एफ 41(26)/डीएसडब्लू/एफएएस/विविध/सीआरएसपी/09-10/2203 की एक प्रति संलग्न कर रहे हैं, जिसकी विषय वस्तु स्वत: स्पष्ट है । उक्त पत्र में निर्देशित अनुसार यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकार की वित्तीय सहायता योजना के पेंशन खातों को (एकल परिचालक खातों को) अवयस्क और मन्दबुद्धि हिताधिकारियों के मामलों को छोड़कर बाद में संयुक्त खातों में नहीं परिवर्तित किए जाएं और ऐसे हिताधिकारियों को एटीएम कार्ड जारी न किए जाएं, इससे साथ ही ऐसे सभी परिवर्तनों के लिए दिल्ली सरकार का पूर्व और लिखित अनुमोदन प्राप्त किया जाना चाहिए ताकि घोखाघड़ी आदि से बचा जा सके । भवदीय (बी.पी.विजयेंद्र) अनुलग्नक : यथोक्त |