विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए वायदा रक्षा (कवर) - रद्द की गयी संविदाओं को फिर से बुक करना
भारिबैंक/2010-11/538 20 मई 2011 सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए वायदा रक्षा (कवर)- प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I (एडी श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान इस विषय में 28 दिसंबर 2010 के ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं. 32 के साथ पठित विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव संविदा करने के लिए भारत से बाहर के निवासी व्यक्ति को अनुमति के संबंध में समय समय पर यथा संशोधित3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा.25/आरबी-2000 के विनियम 5 की ओर आकर्षित किया जाता है । 2. 28 दिसंबर 2010 के ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.32 के खंड सी (i) (डी) के अनुसार, वर्तमान में, विदेशी संस्थागत निवेशकों को संविदाएं रद्द करने तथा वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में पोर्टफोलियो के बाजार मूल्य के 2 प्रतिशत तक फिर से बुक करने की अनुमति दी गयी है । समीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि दो प्रतिशत की मौजूदा सीमा तत्काल प्रभाव से बढ़ा कर दस प्रतिशत कर दी जाए । उक्त परिपत्र के अन्य परिचालनगत दिशा-निर्देश तथा शर्ते यथावत् बनी रहेंगी । 3. प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी । बैंक इस परिपत्र की विषयवस्तु से अपने संबंधित घटकों/ग्राहकों को अवगत करायें । 4. इस परिपत्र में समाहित निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम,1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और धारा 11(1) के अंतर्गत और किसी अन्य कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बगैर जारी किये गये हैं । भवदीया ( मीना हेमचंद्र) |
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