भारत में आयात हेतु व्यापार ऋण – समग्र लागत की उच्चतम सीमा की समीक्षा
भारिबैंक/2012-13/475 9 अप्रैल 2013 सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/ महोदय, भारत में आयात हेतु व्यापार ऋण – समग्र लागत की उच्चतम सीमा की समीक्षा प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - I बैंकों का ध्यान भारत में आयात हेतु व्यापार ऋण की समग्र लागत की उच्चतम सीमा से संबंधित 11 सितंबर 2012 के ए. पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 28 एवं 14 दिसंबर 2012 के ए. पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 58 की ओर आकृष्ट किया जाता है। 2. पुनरीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि 11 सितंबर 2012 के ए. पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 28 के पैराग्राफ 4 के तहत यथा विनिर्दिष्ट समग्र लागत की उच्चतम सीमा 30 जून 2013 तक लागू बनी रहेगी और उसके पश्चात वह समीक्षा के अधीन होगी। व्यापार ऋण संबंधी नीति के सभी अन्य पहलू यथावत बने रहेंगे । 3. प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक इस परिपत्र की विषय वस्तु से अपने संबंधित घटकों और ग्राहकों को अवगत कराने का कष्ट करें। 4. इस परिपत्र में निहित निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 10 (4) और धारा 11 (1) के अधीन और अन्य किसी कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बगैर जारी किए गए हैं । भवदीय, (रुद्र नारायण कर) |
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