भारतीय रिज़र्व बैंक ने इंडस्ट्रियल बैंक ऑफ कोरिया पर मौद्रिक दंड लगाया
9 सितंबर 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने इंडस्ट्रियल बैंक ऑफ कोरिया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 7 सितंबर 2022 के आदेश द्वारा इंडस्ट्रियल बैंक ऑफ कोरिया (बैंक) पर, 'भारतीय रिज़र्व बैंक - (अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)) निदेश, 2016' के कतिपय प्रावधानों का अननुपालन करने के लिए ₹36 लाख (छत्तीस लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है। पृष्ठभूमि 31 मार्च 2020 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में पर्यवेक्षी मूल्यांकन के लिए बैंक का सांविधिक निरीक्षण (आईएसई) आरबीआई द्वारा किया गया तथा जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट और उससे संबंधित सभी पत्राचार की जांच से, अन्य बातों के साथ-साथ पता चला कि बैंक, खातों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा की प्रणाली स्थापित करने में विफल रहा। उक्त के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें यह पूछा गया कि वह कारण बताएं कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता, जैसा कि उसमें कहा गया है, के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि आरबीआई द्वारा जारी उपरोक्त निदेशों के अननुपालन के उपरोक्त आरोप सिद्ध हुए हैं और इस तरह के निदेशों के अननुपालन की सीमा तक मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है। (योगेश दयाल) प्रेस प्रकाशनी: 2022-2023/854 |
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