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भारतीय कंपनियों की विदेशी देयताएं और आस्तियां, 2013-14 की गणना से संबंधित आंकड़ों का प्रकाशन

16 जनवरी 2015

भारतीय कंपनियों की विदेशी देयताएं और आस्तियां, 2013-14
की गणना से संबंधित आंकड़ों का प्रकाशन

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर वर्ष 2013-14 के लिए भारतीय कंपनियों की विदेशी देयताओं और आस्तियों की गणना से संबंधित आंकड़े जारी किए।

विदेशी देयताएं और आस्तियां, 2013-14 पर वार्षिक गणना में उन भारतीय कंपनियों को कवर किया जाता है जो भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), उनके समुद्रपारीय प्रत्यक्ष निवेश (ओडीआई) और निवेशों के कारण उत्पन्न उनकी समुद्रपारीय देयताओं और आस्तियों पर व्यापक सूचना प्रस्तुत करती हैं। गणना के नवीनतम दौर में उन 17,211 कंपनियों में से जिन्होंने रिपोर्ट प्रस्तुत की है, उनमें से 15,788 कंपनियों के तुलन पत्र में मार्च 2014 में एफडीआई/ओडीआई था। इनमें से 644 कंपनियों ने द्विदिशात्मक प्रत्यक्ष निवेश किया था, 13,042 कंपनियों ने केवल एफडीआई प्राप्त किया तथा 2,092 कंपनियों ने केवल ओडीआई प्राप्त किया। 13,686 कंपनियां जिन्होंने आवक प्रत्यक्ष निवेश की सूचना दी थी, उनमें से 9,081 कंपनियां विदेशी कंपनियों (अर्थात एकल विदेश निवेश शेयरधारिता कुल इक्विटी के 50 प्रतिशत से अधिक है) की सहायक कंपनियां हैं जो अपनी बिक्री, खरीद, निर्यात और आयात पर भी सूचना देती हैं। 2,736 ओडीआई रिपोर्ट करने वाली कंपनियों में से 1,314 कंपनियों की 2,012 समुद्रपारीय सहायक कंपनियां हैं। चूंकि कुछ कंपनियां अभी भी रिपोर्ट कर सकती हैं, नीचे दिए गए परिणाम अनंतिम हैं।

मुख्य निष्कर्ष:

  • कवरेज़: प्रतिक्रिया देने वाली कंपनियों में अधिकांश असूचीबद्ध थी और अधिकांश कंपनियों ने केवल आवक एफडीआई प्राप्त किया। मार्च 2014 में वित्तीय कंपनियों ( 560.8 बिलियन) की तुलना में गैर-वित्तीय कंपनियों की विदेशी इक्विटी भागीदारी (अंकित मूल्य पर 2,623.8 बिलियन) अधिक थी (तालिका 1 और 2)।

  • आवक/जावक प्रत्यक्ष निवेश: कुल आवक एफडीआई मार्च 2014 में बाजार मूल्य पर 15,089.6 बिलियन रही (पिछले वर्ष 12,302 बिलियन)। एफडीआई का बड़ा भाग ( 93.9 प्रतिशत) इक्विटी में रखा गया। कुल ओडीआई मार्च 2014 में बाजार मूल्य पर 5,390.3 बिलियन रखा गया (पिछले वर्ष 4,279.0 बिलियन)। ओडीआई में भी इक्विटी भागीदारी काफी अधिक (78.5 प्रतिशत) थी। बाजार मूल्य पर जावक से आवक प्रत्यक्ष निवेश का अनुपात इस अवधि में 34.8 प्रतिशत से थोड़ा बढ़कर 35.7 प्रतिशत हो गया (तालिका 3)।

  • अन्य निवेश: अन्य निवेश देयताएं जिनमें व्यापार उधार, ऋण, करेंसी और जमाराशियां तथा अन्य असंबंधित (तृतीय पक्षकार) अनिवासी संस्था के लिए देय राशि शामिल है, वह मार्च 2014 में 10,470.0 बिलियन रहा (पिछले वर्ष 8,319.1 बिलियन)। सदृश्य समुद्रपारीय आस्तियां ऐसी देयताओं का 40.4 प्रतिशत रही (तालिका 4)।

  • आवक और जावक एफडीआई के स्रोत/लक्ष्य देश: एफडीआई के स्रोत देशों में मॉरिशस की सर्वाधिक हिस्सेदारी (24.3 प्रतिशत) रही जिसके बाद यूके (16.0 प्रतिशत), यूएसए (15.9 प्रतिशत), सिंगापुर (9.6 प्रतिशत) और जापान (7.2 प्रतिशत) की रही। भारतीय कंपनियों के ओडीआई के लिए लक्ष्य देशों में सिंगापुर (23.5 प्रतिशत). मॉरिशस (14.3 प्रतिशत), नीदरलैंड (13.6 प्रतिशत) और यूएई (10.6 प्रतिशत) द्वारा हिस्सेदारी की गई (तालिका 5 और 6)।

  • गतिविधि/क्षेत्रवार आवक एफडीआई: विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों में विदेशी इक्विटी भागीदारी हुई। विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में बाजार मूल्य पर कुल एफडीआई स्टॉक मार्च 2014 में क्रमशः 7,458.1 बिलियन (पिछले वर्ष 6,128.2 बिलियन) और 5,987.2 बिलियन (पिछले वर्ष 4,921 बिलियन) रहा। जबकि विनिर्माण क्षेत्र बाजार मूल्य पर कुल एफडीआई का लगभग आधा रहा, ‘सूचना और संचार सेवाएं’ (17.1 प्रतिशत) तथा ‘वित्तीय और बीमा गतिविधियां’ (12.7 प्रतिशत) एफडीआई प्राप्त करने वाले अन्य प्रमुख कार्यकलाप थे (तालिका 7 और 8)।

  • विदेशी कंपनियों में भारतीय सहायक कंपनियों की बिक्री/खरीद: निर्यात सहित भारतीय सहायक कंपनियों की कुल बिक्री 29.9 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2013-14 में 3,140,0 बिलियन हो गई। आयात सहित उनके खरीद का कुल मूल्य 30.0 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2013-14 में 2,353.3 बिलियन हो गया। उनका खरीद-बिक्री अनुपात लगभग 75 प्रतिशत था (तालिका 9)।

  • विदेशी देशों में भारतीय सहायक कंपनियों का निर्यात/आयात: भारतीय सहायक कंपनियों का कुल निर्यात 16.6 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2013-14 में 919.6 बिलियन हो गया जबकि उनका कुल आयात 33.4 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2013-14 में 1,049.5 बिलियन हो गया। उनका निर्यात-बिक्री और आयात-खरीद अनुपात वर्ष 2013-14 में क्रमशः 29.3 प्रतिशत और 44.6 प्रतिशत रहा (तालिका 9)।

  • भारत में विदेशी सहायक कंपनियों की बिक्री/खरीद: निर्यात सहित विदेशी सहायक कंपनियों की कुल बिक्री 11.1 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2013-14 में 15,260.6 बिलियन हो गई जबकि उनकी खरीद आयात सहित 8.5 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2013-14 में 9,595.6 बिलियन हो गई। उनका खरीद-बिक्री अनुपात लगभग 63 प्रतिशत (तालिका 10 और 11) रहा।

  • भारत में विदेशी सहायक कंपनियों का निर्यात/आयात: विदेशी सहायक कंपनियों का कुल निर्यात 14.3 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2013-14 में 4,900.1 बिलियन हो गया। निर्यात सहायक कंपनियों की कुल बिक्री का 32.1 प्रतिशत रहा। बिक्री में ‘सूचना और संचार सेवा’ क्षेत्र की 17.0 प्रतिशत की सबसे अधिक हिस्सेदारी रही जिसमें से 77.2 प्रतिशत निर्यात के माध्यम से हुई। सहायक कंपनियों का कुल आयात 7.0 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2013-14 में 4,395.9 बिलियन हो गया। आयात इन कंपनियों की कुल खरीद का 45.8 प्रतिशत रहा (तालिका 12 और 13)।

संगीता दास
निदेशक

प्रेस प्रकाशनी : 2014-2015/1509

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