भारतीय रिज़र्व बैंक ने नेट ओपन पोजिशन- संशोधित अनुदेश संबंधी संशोधन निदेशों के मसौदे पर जन सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की
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कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं।
संशोधन निदेशों के मसौदे पर विनियमित संस्थाओं, बाजार सहभागियों और अन्य इच्छुक पक्षों से 3 फरवरी 2026 तक टिप्पणियाँ आमंत्रित की जाती है। टिप्पणियाँ / प्रतिक्रियाएँ रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट 2 रेगुलेट' खंड के अंतर्गत लिंक के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है या वैकल्पिक रूप से मुख्य महाप्रबंधक 'नेट ओपन पोजीशन - संशोधित अनुदेश पर प्रतिक्रिया' विषय पंक्ति के साथ प्रेषित किए जा सकते हैं। पृष्ठभूमि और उद्देश्य 'नेट ओपन पोजीशन (एनओपी) पर मौजूदा दिशानिर्देश, विभिन्न आरई पर लागू मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड के अंतर्गत शामिल किए गए हैं। रिज़र्व बैंक ने इन अनुदेशों की व्यापक समीक्षा की है ताकि इन अनुदेशों का (i) बैंकिंग पर्यवेक्षण बेसल समिति (बीसीबीएस) के मानकों के साथ अधिकाधिक संरेखण और (ii) सभी विनियमित संस्थाओं में इसका निरंतर कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। प्रस्तावित संशोधनों में अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित शामिल हैं (क) ऑफशोर/ऑनशोर एनओपी (जहां भी लागू हो) की अलग-अलग गणना को समाप्त करना; (ख) एनओपी में विदेशी परिचालनों के संचित अधिशेष (जहां भी लागू हो) को शामिल करना; (ग) वास्तविक एनओपी पर विदेशी मुद्रा जोखिम पूंजी प्रभार का रखरखाव; (घ) बेसल दिशानिर्देशों, जो स्वर्ण के लिए ओपन पोजिशन की अलग से गणना करता है, के साथ संरेखण में एनओपी की गणना के लिए आशुलिपि (शॉर्ट हैंड) पद्धति में संशोधन; और (ङ) एनओपी से कतिपय संरचनागत विदेशी मुद्रा स्थिति को छूट देने का प्रावधान। (ब्रिज राज) प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1925 |
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