बिक्री केंद्र (पीओएस) टर्मिनलों पर नकद निकासी की सुविधा
उत्तर: यह स्पष्ट किया जाता है कि ‘हस्तांतरण का समय’ का अर्थ वह अवधि है जब संबन्धित जोखिम और प्रतिफल (रिवार्ड), हस्तांतरित आर्थिक हितकी सीमा तक और जैसा कि ऋण भागीदारी, निर्धारण या नवीयन अनुबंध में प्रलेखित है, हस्तांतरणकर्ता और हस्तांतरिती पर बाध्यकारी हो जाता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 28 अप्रैल 2001 को 'शिक्षा ऋण योजना' पर परिपत्र ग्राआऋवि.पीएलएनएफएस.बीसी.सं.83/06.12.05/2000-01 जारी किया था, जिसमें सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को भारतीय बैंक संघ (आईबीए) द्वारा तैयार मॉडल शिक्षा ऋण योजना को अपनाने की सूचना दी गई थी। इस योजना को आईबीए द्वारा समय-समय पर संशोधित किया गया है और इसका नवीनतम संशोधन मॉडल शिक्षा ऋण योजना (एमईएलएस), 2022 है।
शिक्षा ऋण पर बैंकों के लिए दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए कृपया एमईएलएस, 2022 और इससे संबंधित परिपत्र देखें। उक्त योजना की प्रति आईबीए की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
इसे नोट किया जाए कि एमईएलएस, 2022 बैंकों को शिक्षा ऋण योजना के परिचालन हेतु व्यापक दिशा-निर्देश प्रदान करता है तथा लागू करने वाले बैंकों के पास उपयुक्त समझे जाने पर परिवर्तन करने का विवेकाधिकार होगा।
उत्तर: 'डिजिटल लेंडिंग' में आरई को परिचालन संबंधी नम्यता प्रदान करने के लिए डिजिटल लेंडिंग परिभाषा में ‘मुख्य रूप से निर्बाध डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग' वाक्यांश का उपयोग किया गया है। इसलिए भले ही ग्राहक के साथ कुछ भौतिक इंटरफेस मौजूद हो, फिर भी उधार ‘डिजिटल उधार’ की परिभाषा के अंतर्गत आएगा। तथापि, ऐसा करते समय, आरई को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दिशानिर्देशों के अंतर्निहित उद्देश्य का पालन किया गया है।
मौजूदा ऋणों के मामले में भी, निर्देश 1 अप्रैल, 2024 से लागू होंगे और नई दंडात्मक शुल्क व्यवस्था में बदलाव 1 अप्रैल, 2024 को या उसके बाद आने वाली अगली समीक्षा/नवीनीकरण तिथि पर सुनिश्चित किया जाएगा, लेकिन 30 जून 2024 के बाद नहीं।
'सूचना का प्रकाशन - सरफेसी अधिनियम, 2002 के तहत प्रतिभूति आस्तियां ' पर 25 सितंबर 2023 को जारी परिपत्र पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू)
वित्तीय आस्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन (सरफेसी) अधिनियम, 2002 के अंतर्गत विनियमित संस्थाओं (आरई) के पास मौजूद प्रतिभूति आस्तियों का परिपत्र की तारीख पर अथवा उसके बाद उनकी वेबसाइट पर प्रकाशन किया जाना चाहिए।
'हरित जमाराशियों के अंगीकरण हेतु ढांचा' पर 11 अप्रैल, 2023 का परिपत्र
उत्तर: यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि आरई अपने ग्राहकों से हरित जमाराशि जुटाने का इरादा रखते हैं तो उन्हें इसमें निर्धारित ढांचे का पालन करना चाहिए।
उत्तर: कार्डों को उनके जारी करने, कार्ड धारक द्वारा उनके उपयोग और भुगतान के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। कार्ड तीन प्रकार के होते हैं (क) डेबिट कार्ड, (ख) क्रेडिट कार्ड, (ग) प्रीपेड कार्ड।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 11, 2022