भारत में म्युचुअल फंड (एमएफ) कंपनियों और उनके परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) की विदेशी देयताओं और परिसंपत्तियों (एफएलए) पर सर्वेक्षण
भारत में म्युचुअल फंड (एमएफ) कंपनियों को इस सर्वेक्षण में भाग लेने की आवश्यकता हैं।
वर्तमान में यूपीआई-पेनाउ लिंकेज के माध्यम से प्रेषण हेतु भारत में निम्नलिखित बैंक सक्षम हैं:
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आईसीआईसीआई बैंक
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इंडियन बैंक
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इंडियन ओवरसीज बैंक
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भारतीय स्टेट बैंक
उत्तर: नहीं। आरई द्वारा एक बार उद्धरित डीएलजी राशि और ऋण वसूली की राशि को वापस नहीं किया जा सकता है। कृपया प्रश्न 1 पर हमारा उत्तर भी देखें। कृपया अंत मेंउदाहरण देखें।
उत्तर. यदि किसी अनिवासी के भारत में रखे खाते में या खाते से कोई क्रेडिट अथवा डेबिट किसी निवासी के साथ लेनदेन के परिणामस्वरूप होता है तो उस पर विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (फेमा) के प्रावधान लागू होते हैं अतः ऐसे मामलों में उक्त परिपत्र में निहित प्रावधान भी लागू होंगे।
उत्तर: (ए) मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार चलनिधि लिखत लेवल 1 उच्च गुणवत्ता वाली चलनिधि आस्ति हैं।
(बी) आरई अस्थायी रूप से हरित जमाराशि की आय, हरित गतिविधियों/परियोजनाओं के लिए लंबित आवंटन, एक वर्ष तक की अधिकतम परिपक्वता वाले चलनिधि लिखतों में बनाए रख सकते हैं (इसे वित्तीय ढांचा (फाइनेंसिंग फ्रेमवर्क) (एफएफ) के तहत निर्दिष्ट करना होगा)।
(सी) ढांचे में हरित गतिविधियों/परियोजनाओं के लिए आय के गैर-आवंटन के लिए किसी दंड की परिकल्पना नहीं की गई है; हालाँकि, यह पर्यवेक्षी समीक्षा के अधीन होगा।
उत्तर: डेबिट कार्ड का उपयोग एटीएम से नकदी निकालने, बिक्री के बिंदु (पीओएस) टर्मिनलों या ई-कॉमर्स (ऑनलाइन खरीद) पर वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए किया जा सकता है। उनका उपयोग घरेलू या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जा सकता है।
उत्तर: इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किए जाने वाले अनुमत फोरेक्स लेनदेन केवल भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर निर्दिष्ट अनुबंधों और शर्तों के अनुसार केवल इस प्रयोजन के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्राधिकृत इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफार्म (ईटीपी) अथवा मान्यताप्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लि. (एनएसई), बीएसई लि. (बीएसई) और मेट्रोपोलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लि. (एमएसई)) पर ही किए जाने चाहिएI प्राधिकृत ईटीपी की सूची यहां उपलब्ध है। फेमा के अनुसार निवासी व्यक्तियों को अप्राधिकृत ईटीपी पर फोरेक्स लेनदेन की अनुमति नहीं हैं।
अप्राधिकृत ईटीपी पर फोरेक्स लेनदेन करने वाले निवासी व्यक्ति स्वयं को फेमा तहत दंडात्मक कार्रवाई का भागी बना लेंगे।
आरबीआई ने दिनांक 12 अप्रैल 2010 को ‘संपार्श्विक मुक्त ऋण - शिक्षा ऋण योजना’ पर परिपत्र ग्राआऋवि.एसएमई और एनएफएस.बीसी.सं.69/06.12.05/2009-10 जारी किया है जिसमे बैंकों को ₹4 लाख तक के शिक्षा ऋण के मामले में संपार्श्विक जमानत प्राप्त नहीं करने को अनिवार्य बनाया गया है।