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डिजिटल रुपया (ई₹) – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्‍तर: वर्तमान में, ई₹ वॉलेट खोलना उपयोगकर्ता के बचत खातों से जुड़ा हुआ है। यह लिंकेज उपयोगकर्ता को बिना किसी परेशानी के ऑनबोर्डिंग की सुविधा प्रदान करता है और अलग से केवाईसी की आवश्यकता को खत्म करता है। फीडबैक और उभरते उपयोग के मामलों के आधार पर, उपयोगकर्ता ऑन-बोर्डिंग के नए मॉडल का अन्वेषण भी किया जा रहा है।

उत्तर: दो व्यापारिक भागीदार देशों की मुद्राओं के बीच विनिमय दर बाजार द्वारा निर्धारित की जाएगी।

चूंकि जीएसटी से संबंधित निर्देश केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा जारी किए जाते हैं, इसलिए इस संबंध में सीबीआईसी द्वारा जारी अनुदेश और स्पष्टीकरण, यदि कोई हो, लागू होगा।

उत्तर. आरई की किसी शाखा/कार्यालय द्वारा एक बार किया गया केवाईसी सत्यापन, उसी आरई की किसी अन्य शाखा/कार्यालय में खाते के स्थानांतरण के लिए मान्य होगा, बशर्ते कि संबंधित खाते का पूर्ण केवाईसी सत्यापन किया गया हो और उसमें आवधिक अद्यतनीकरण की आवश्यकता न हो।

उत्तर: एसटीबीडी (1-3 वर्ष) के तहत जमा केवल विनिर्दिष्ट समय सीमा के लिए किया जा सकता है। इस जमाराशि को बाद में परिपक्वता पर नवीनीकृत किया जा सकता है।

एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार और सिडबी ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी निधि न्यास (सीजीटीएमएसई) की स्थापना की है ताकि एमएसई क्षेत्र में संपार्श्विक/तृतीय पक्ष गारंटी की आवश्यकता के बिना ऋण के प्रवाह को सुविधाजनक बनाया जा सके। योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि ऋणदाता को परियोजना की व्यवहार्यता को महत्व देना चाहिए और वित्तपोषित परिसंपत्तियों की प्राथमिक जमानत पर ऋण सुविधा को सुरक्षित करना चाहिए। क्रेडिट गारंटी योजना (सीजीएस) ऋणदाता को आश्वस्त करती है कि यदि कोई एमएसई इकाई, जिसने संपार्श्विक-मुक्त ऋण सुविधाओं का लाभ उठाया है, ऋणदाता को अपनी देनदारियां चुकाने में विफल रहता है तो गारंटी ट्रस्ट ऋणदाता को चूक की बकाया राशि के 75-90 प्रतिशत तक नुकसान की भरपाई करेगा। सीजीटीएमएसई ₹ 10 करोड़ तक की ऋण सुविधा के लिए कवर प्रदान करेगा, जिसे उधार देने वाली संस्थाओं द्वारा बिना किसी संपार्श्विक प्रतिभूति और/ या तीसरे पक्ष की गारंटी के दिया गया है। गारंटी कवर का लाभ उठाने के लिए सीजीटीएमएसई द्वारा गारंटी और वार्षिक सेवा शुल्क प्रभारित किया जाता है। कृपया अधिक जानकारी के लिए कृपया www.cgtmse.in को देखें।

प्रमुख विशेषता का मूल्यांकन दो कारकों के आधार पर किया जाता है:

  • मौजूदा वित्तीय उत्पादों (जैसे, ऋण, जमा, बीमा, पेंशन उत्पाद) में वृद्धि का प्रकार।

  • परीक्षण प्रक्रिया के दौरान उत्पाद के लिए मांगी गई छूट की संख्या, जिसमें बाद वाले को अधिक महत्व दिया गया।

यदि छूट की आवश्यकता होगी तो पी.आर./ए.आर. द्वारा मामले-दर-मामले आधार पर विचार किया जाएगा तथा इस संबंध में लिया गया निर्णय बाध्यकारी एवं अंतिम होगा।

उत्तर: हाँ! आवेदक वैयक्तिक सुनवाई के लिए उपस्थित रहने हेतु अपनी ओर से किसी अन्य व्यक्ति को केवल उचित लिखित प्राधिकार-पत्र के साथ प्राधिकृत कर सकता है। यह सुनिश्चित करना होगा कि आवेदक की ओर से उपस्थित होने वाला व्यक्ति उल्लंघन के स्वरूप और उससे संबंधित विषय से भली भाँति परिचित हो। हालांकि, रिज़र्व बैंक व्यक्तिगत सुनवाई के लिए आवेदक द्वारा किसी प्रतिनिधि को भेजने/ विधि विशेषज्ञ/ कंसल्टैंट, आदि को साथ लाने के बजाय उसे स्वयं उपस्थित होने के लिए प्रोत्साहित करता है क्योंकि शमन तो स्वयं स्वीकार किए गए उल्लंघनों का ही किया जाता है।

उत्तर. आवेदन शुल्क के रूप में 10,000/-(लागू जीएसटी के अलावा) रुपये की राशि जमा करना आवश्यक है, जो प्राधिकरण के लिए आवेदन के साथ नकद या चेक या भुगतान आदेश या डिमांड ड्राफ्ट या इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर द्वारा रिज़र्व बैंक के पक्ष में जमा किया जा सकता है। शुल्क इलेक्ट्रॉनिक मोड में भी जमा किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए आप ईमेल भेज सकते हैं।

प्राधिकरण के लिए आवेदन का फॉर्म और तरीका https://rbi.org.in/documents/87730/30842423/PSSR23022022d57d6e9afaf44d97b9ed577d9d1c7c2b.pdf पर उपलब्ध है।

बैंक ग्राहकों से प्राप्त चेक को सीटीएस क्लियरिंग में यथाशीघ्र प्रस्तुत करेंगे। किसी भी चेक को प्रस्तुत किया गया हो, उसे आहरित बैंक द्वारा किसी भी समय उसके आइटम समाप्ति समय से पहले पुष्टि सत्र के दौरान पुष्टि किया जा सकता है। एक बार जब चेक को समाशोधन गृह को सकारात्मक रूप से पुष्टि कर दी जाती है, तो समाशोधन गृह उसे अगले निपटान में शामिल करेगा। निपटान की सफल पोस्टिंग के बाद, सामान्य सुरक्षा उपायों के अनुसार, समाशोधन गृह प्रस्तुत करने वाले बैंक को रिटर्न फाइल जारी करेगा, जिसके आधार पर प्रस्तुत करने वाले बैंक ग्राहकों को भुगतान सफल निपटान के एक घंटे के भीतर जारी करेंगे।

असाधारण परिस्थितियों में, भारत के रिज़र्व बैंक की मंजूरी से चेक/चेकों की आइटम समाप्ति समय को एक या अधिक घंटे/दिनों तक बढ़ाया जा सकता है।

उत्तर. दोनों प्रकार के लघु पीपीआई में न्यूनतम विवरण एक समान हैं और ये इस प्रकार हैं:

ए. वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) से सत्यापित मोबाइल नंबर; तथा

बी. केवाईसी पर आरबीआई के मास्टर निदेश में इस उद्देश्य के लिए सूचीबद्ध किसी भी अनिवार्य दस्तावेज अथवा आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज (ओवीडी) अथवा किसी भी नाम से सूचीबद्ध इस तरह के किसी भी दस्तावेज में नाम और विशिष्ट पहचान /पहचान संख्या की स्व-घोषणा। अनिवार्य दस्तावेज/ओवीडी की वर्तमान सूची में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान कार्ड, नरेगा जॉब कार्ड, आधार संख्या होने का प्रमाण और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर द्वारा जारी पत्र शामिल हैं।

बुनियादी बचत बैंक जमा खाते में नि:शुल्‍क उपलब्‍ध सेवाएं हैं - नकदी जमा करना तथा नकद आहरण, इलेक्‍ट्रानिक भुगतान माध्‍यमों के जरिए अथवा बैंक शाखाओं तथा एटीएम में चेक जमा करने / चेकों की वसूली के स्‍वरूप में 'प्राप्ति' / धन का जमा (क्रेडिट)।

Ans: If a Destination Bank is not in a position to credit the beneficiary account due to any reason, the same would be returned to the ECS Centre to enable the ECS Centre to pass on the uncredited items to the User Institution through the Sponsor Bank. The User Institution can then initiate payment through alternate modes to the beneficiary.

In case of delayed credit by the destination bank, the destination bank would be liable to pay penal interest (at the prevailing RBI LAF Repo rate plus two percent) from the due date of credit till the date of actual credit. Such penal interest should be credited to the Destination Account Holder’s account even if no claim is lodged to the effect by the Destination Account Holder.

एनडीएस-ओएम वेब के सभी उपयोगकर्ता के पास एक डिजीटल प्रमाणपत्र होना चाहिए, यह डिजीटल प्रमाणपत्र संबंधित प्राथमिक सदस्‍य द्वारा विनिर्दिष्‍ट प्रमाणीकरण प्राधिकारी से प्राप्‍त किया जाएगा। यह उनके प्राथमिक सदस्‍य द्वारा दिये गये ई-टोकन में निहित होगा। कुशल परिचालनों के लिए एक सुरक्षित, विश्‍वसनीय, स्थिर इंटरनेट का होना जरूरी है। नवीनतम कन्फि‍गरेशन, न्‍यूनतम 1 जीबी रॅम, विंडेज एक्‍सपी तथा उससे उच्‍चतर आपरेटिंग सिस्‍टम की आवश्‍यकता पड़ेगी।

उत्तर: आईडीएफ-एनबीएफसी केवल पीपीपी और पोस्ट सीओडी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश करेंगे, जिन्होंने संतोषजनक वाणिज्यिक परिचालन का कम से कम एक वर्ष पूरा कर लिया है और समाप्ति भुगतान के साथ अनिवार्य खरीद सुनिश्चित करने के लिए रियायतग्राही और परियोजना प्राधिकरण के साथ एक त्रिपक्षीय करार के एक पक्ष हैं।

सिस्टम में निर्मित होने वाली ग्रैन्युलैरिटी रिज़र्व बैंक के विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित विनियामक रिपोर्टिंग की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होनी चाहिए। तथापि, इसके अलावा, बैंक न केवल समय-समय पर आरबीआई की तदर्थ आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बल्कि आंतरिक एमआईएस के लिए भी निर्धारित करने और बेहतर ग्रैन्युलैरिटी रखने के लिए स्वतंत्र हैं।
उ. हाँ, बैंकिंग प्रणाली को ईसीएस क्रेडिट से निम्नलिखित लाभ हैं:• कागजी संव्यवहारों से मुक्ति जिसके परिणामगत लाभ यथा समाशोधन में दी गई लिखतों को सभालना, निगरानी करना. जो हिताधिकारी (गंतव्य बैंक शाखाओं के साथ खातों वाले) को ईसीएस क्रेडिट नहीं लेने पर प्राप्त नहीं होते.• प्रसंस्करण और गंतव्य बैंक शाखाओं द्वारा वापिसी में आसानी.• प्रायोजक बैंकों के लिए सहज समाधान प्रक्रिया.• कम लागत है .

ये अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा केवल सूचना और सामान्य मार्गदर्शन उद्देश्यों के लिए जारी किए जाते हैं। बैंक की गई कार्रवाइयों और / या उसके आधार पर लिए गए निर्णयों के लिए जिम्मेदार नहीं होगा। स्पष्टीकरण या व्याख्या के लिए, यदि कोई हो, तो बैंक द्वारा समय-समय पर जारी प्रासंगिक परिपत्रों और अधिसूचनाओं द्वारा निर्देशित हो सकते है।

जमा बीमा प्रीमियम पूर्णत: बीमाकृत बैंक द्वारा वहन किया जाता है।
For the purpose of studies abroad, exchange for maintenance expenses is released in the form of (i) currency notes up to US$ 2,000, (ii) the balance foreign exchange may be taken in form of traveller’s cheques or bank draft payable overseas.

उत्तर: लाभार्थी के खातों में क्रेडिट देने के लिए गंतव्य बैंक शाखाओं में आवक लेनदेन के लिए कोई शुल्क नहीं लगाया जाता है।

एनईएफटी प्रणाली का उपयोग करके किए गए बाहरी लेनदेन के लिए, आरबीआई ने 01 जुलाई, 2019 से सदस्य बैंकों पर प्रसंस्करण शुल्क लगाना बंद कर दिया।

साथ ही, डिजिटल खुदरा भुगतान को और गति देने के लिए, बैंकों को सलाह दी गई है कि वे 01 जनवरी, 2020 से ऑनलाइन शुरू किए गए एनईएफटी फंड ट्रांसफर के लिए अपने बचत बैंक खाताधारकों से कोई शुल्क न लें।

नीचे दिए गए अधिकतम शुल्क जो मूल बैंक, यदि वे चाहें तो, अपने ग्राहकों से अन्य बाहरी लेनदेन के लिए ले सकते हैं: -

- 10,000 तक के लेन-देन के लिए: 2.50 से अधिक नहीं (+ लागू जीएसटी)

- 10,000 से ​​1 लाख तक के लेनदेन के लिए: 5 से अधिक नहीं (+ लागू जीएसटी)

- 1 लाख से अधिक और 2 लाख तक के लेन-देन के लिए: 15 से अधिक नहीं (+ लागू जीएसटी)

- 2 लाख से अधिक के लेनदेन के लिए: 25 से अधिक नहीं (+ लागू जीएसटी)

आईएनआरएफ योजना के तहत एनईएफटी प्रणाली का उपयोग करके भारत से नेपाल को धन हस्तांतरित करने के लिए लागू शुल्क के बारे में विवरण आरबीआई की वेबसाइट /hi/web/rbi/faq-page-2?ddm__keyword__26256231__FaqDetailPage2Title_en_US=Indo-Nepal Remittance Facility scheme पर उपलब्ध है।

इस योजना का उद्देश्य देश में मुद्रा परिवर्तन सुविधाओं के नेटवर्क का विस्तार करके अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) सहित यात्रियों और पर्यटकों के लिए विदेशी मुद्रा परिवर्तन की सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराना है। उम्मीद है कि फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था की सुविधा से एडी श्रेणी- I बैंक, एडी श्रेणी- II और एफएफएमसी सभी पर्यटन केंद्रों और प्रमुख शहरों में अतिरिक्त समय में और छुट्टियों के दौरान भी ऐसी सुविधाएं प्रदान कर सकेंगे।

उत्तर: भारत के बाहर व्यक्तिगत गहने ले जाना कस्टम्स विभाग, भारत सरकार द्वारा शासित तथा लागू किए जाने वाले बैगेज नियमों के अनुसार होता है। जहां इस मामले में भारतीय रिज़र्व बैंक का किसी प्रकार का अनुमोदन आवश्यक नहीं है, फिर भी यदि कोई अनुमोदन अपेक्षित हो तो उसे कस्टम्स विभाग से प्राप्त किया जाए।

The amount, if any, to be paid by the bank to the complainant by way of compensation for any loss suffered by the complainant is limited to the amount arising directly out of the act or omission of the bank or ₹ 20 lakhs (₹ Two Million), whichever is lower.
Each bank or PD will, on the basis of firm orders, submit a single bid for the aggregate amount of non-competitive bids on the day of the auction. The bank or PD will furnish details of individual customers, viz., name, amount, etc. along with the application.
Broadly there are two schemes under which one can set up a JV/WOS abroad, namely automatic route and normal route.
Foreign exchange for travel abroad can be purchased from banks against rupee payment in cash up to Rs.50,000/-. However, if the rupee equivalent exceeds Rs.50,000/-, the entire payment should be made by way of a crossed cheque/banker’s cheque/pay order/demand draft only.
बैंक, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष मीयादी जमाराशि योजनाएं बना सकते हैं, जिन पर किसी भी राशि की सामान्य जमाराशियों की तुलना में उच्चतर ब्याज दर दी जा सकती है।
हां। बैंक की नीति के अनुसार घोषित वसूलीअवधि के बाद वसूलीमें हुए विलंब के लिए ग्राहक को अतिरिक्त ब्याज दिया जाएगा। ग्राहक द्वारा अनुरोध किए बिना ही क्षतिपूर्ति अपने आप की जाएगी।
गैर-प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में आवंटन प्रतिस्पर्धी बोलीदाताओं के लिए सभी आवंटन के भारित औसत मूल्य पर होगा। उपज आधारित नीलामी के मामले में गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों के लिए आवंटन मूल्य पर पहुंचने के लिए भारित औसत उपज का उपयोग किया जाता है।
  • जैसा कि आईआईबी जी-सेक है, ये द्वितीयक बाज़ार में अन्य जी-सेक की तरह ट्रेड किए जा सकते हैं। निवेशक इन्हें एनडीएस-ओम, एनडीएस-ओम (वेब आधारित), ओटीसी बाज़ार और स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेड कर सकेंगे।

उत्तर : निवासी व्यक्तियों को निवासी रिशतेदारों (कंपनी अधिनियम, 2013 में यथा परिभाषित) को ईईएफसी बैंक खाते में “पहला” अथवा “उत्तरजीवी” आधार पर संयुक्त खाताधारक के रूप में शामिल करने की अनुमति है।

उत्तर

'आधारभूत बचत बैंक जमा खाते' में मुफ्त उपलब्ध सेवाओं में नकद जमा और निकासी; इलेक्ट्रॉनिक भुगतान चैनलों के माध्यम से या बैंक शाखाओं के साथ-साथ एटीएम में जमा / चेक के संग्रह के माध्यम से धन की प्राप्ति / जमा शामिल है।

The NBFC Ombudsman may award compensation not exceeding rupees 0.1 million to the complainant for causing mental agony and harassment. The NBFC Ombudsman, while passing such award, will take into account the loss of the complainant's time, expenses incurred by the complainant, harassment and mental anguish suffered by the complainant.
जैसे कि पूर्व में कहा है बैंकों को जमाराशियों के समय से पूर्व आहरण के मामले में स्वैप को समाप्त करने के लिए आरबीआई से अनिवार्यतः संपर्क करना है। तथापि आरबीआई के साथ किए गए स्वैप की समाप्ती के लंबित रेहते बैंक अन्य अनुमत स्रोतों से निधियों की व्यवस्था कर सकते हैं।

उत्तर: नहीं।

  • उपभोक्ता एसएचसीआईएल सहित किसी भी प्राधिकृत बैंक से ऐसे निवेश के लिए संपर्क कर सकता है चाहे उस बैंक के साथ खाता हो या न हो।

उत्तर. प्राधिकृत गैर-बैंक पीएसपी के लिए मौजूदा विनियामक अपेक्षाओं के अलावा, पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु निम्न में उल्लिखित विनियामक अपेक्षाओं का अनुपालन शामिल होगा:

भुगतान प्रणाली तक पहुंच पर मास्टर निदेश;

आरटीजीएस प्रणाली विनियमावली; तथा

एनईएफटी क्रियाविधिक दिशानिर्देश।

उत्तर . अनुबंध I में घरेलू आय के आकलन के लिए केवल एक सांकेतिक कार्यप्रणाली प्रदान की गई है, और आरई को घरेलू आय के आकलन के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति बनाने की आवश्यकता है। घरेलू खर्चों और घरेलू प्रोफाइल के आकलन के संदर्भ केवल उधारकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट की गई घरेलू आय को सत्यापित करने के लिए हैं।

उत्तर: ट्रेड्स प्लेटफॉर्म की स्थापना और परिचालन के लिए पात्रता मानदंड भारतीय रिज़र्वव बैंक द्वारा जारी किए गए ट्रेड्स दिशा-निर्देशों (समय-समय पर यथा संशोधित) में उपलब्ध कराए गए हैं। ये दिशा-निर्देश निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध हैं : www.rbi.org.in → "भुगतान और निपटान प्रणाली" ड्रॉप डाउन → "दिशानिर्देश"। 15 अक्टूबर 2019 को जारी की गई आरबीआई की प्रेस विज्ञप्ति भी इस संबंध में पढ़ी जा सकती है। यह निम्नलिखित वेब लिंक पर उपलब्ध है:

/en/web/rbi/-/guidelines-for-the-trade-receivables-discounting-system-treds-3504 और /en/web/rbi/-/press-releases/on-tap-authorisation-of-payment-systems-48405

The Ombudsman may award compensation not exceeding rupees 0.1 million to the complainant for mental agony and harassment. The Ombudsman, while giving the compensation, shall take into account the loss of time, expenses incurred by the complainant, harassment and mental anguish suffered by the complainant.
योजना के अधीन बांड लेजर खाता सृजित होने के बाद जमा रद्द करने का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है।

उत्तर. आरटीजीएस में लेन-देन वास्तविक समय में होता है और लाभार्थी को क्रेडिट देने से पहले नाम और खाता संख्या का मिलान संभव नहीं है। चूंकि भारतीय संदर्भ में नाम अलग-अलग तरह से लिखा जाता है और हो सकता है कि वास्तविकता में यह लाभार्थी बैंक के पास उपलब्ध नाम से मेल ना खाए, इसलिए केवल लाभार्थी की खाता संख्या के आधार पर क्रेडिट देने की प्रक्रिया को सक्षम किया गया है।

हमारे परिपत्र संदर्भ सं. डीपीएसएस (सीओ) ईपीपीडी सं./863/04.03.01/2010-11 दिनांक 14 अक्तूबर 2010 'इलेक्ट्रॉनिक भुगतान उत्पाद - केवल खाता संख्या सूचना पर आधारित आवक लेनदेन का प्रसंस्करण' (https://www.rbi.org.in/scripts/NotificationUser.aspx?Id=6043&Mode=0 पर उपलब्ध) का अधिक जानकारी के लिए संदर्भ लें।

यदि कई उधारदाता संस्थाओं का ऐसे उधारकर्ता के प्रति एक्सपोजर है, जिसका समाधान इस ढ़ांचे के अनुबंध के भाग बी के अनुसार किया जा रहा है, तो ऐसे उधारकर्ता के प्रति एक्सपोजर वाली सभी उधारदाता संस्थाओं का आईसीए में रहना आवश्यक है।

उत्तर: हाँ, बकाया राशि का दायित्व पूरी तरह से मूल कार्डधारक का होगा, ऐड-ऑन कार्डधारक का नहीं। हालाँकि, अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि का निपटान फेमा नियमों के अनुसार भी नियंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा, व्यावसायिक क्रेडिट कार्ड के मामले में भुगतान करने की ज़िम्मेदारी सहमत नियमों और शर्तों द्वारा नियंत्रित की जाएगी।

बीएलए या बांड लेजर खाता से मतलब है भारतीय रि‍ज़र्व बैंक के साथ या एजेंसी बैंक मे खाता होना, जि‍समें डीमैट फार्म में, धारक की क्रेडि‍ट में, सरकारी प्रति‍भूति‍यां धारण की है । इस मामले में नि‍वेशक भारतीय रि‍ज़र्व बैंक / एजेंसी बैंक से धारि‍ता प्रमाणपत्र (सर्टि‍फि‍केट ऑफ होल्डिंग ) अथवा नि‍वेश प्रमाणपत्र (सर्टि‍फि‍केट ऑफ इनवेस्टमेंट) प्राप्त करता है ।
The requirement is that the companies in the Promoter Group in which the public hold not less than 51 per cent of the voting equity shares shall hold not less than 51 per cent of the total voting equity shares of the NOFHC.[ para 2 (C) (ii) (b) of the guidelines] A company in which public holds 51 per cent need not necessarily be listed. For the purpose of these guidelines, ‘public shareholding’ implies that no person along with his relatives (as defined in Section 6 of the Companies Act, 1956) and entities in which he and / or his relatives hold not less than 50 per cent of the voting equity shares, by virtue of his shareholding or otherwise, exercises ‘significant influence’ or ‘control’ (as defined in Accounting Standard 23) over the company.
हां। कोई भी व्‍यक्ति 4 किलोग्राम मूल्‍य के स्‍वर्ण बॉण्‍ड प्रत्‍येक वर्ष खरीद सकता है। यह सीमा वित्‍तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) के लिए है।

उत्तर: विप्रेषणकर्ता व्यक्ति को प्राधिकृत व्यापारी की किसी शाखा को नामित करना होगा जिसके जरिये इस योजना के तहत सभी पूंजी खाता विप्रेषण किये जाएंगे। आवेदकों को विप्रेषण करने से पहले बैंक के पास कम-से-कम एक वर्ष की अवधि के लिए बैंक खाते बनाये रखने चाहिए।

अनुमत चालू खाता लेनदेन से संबंधित विप्रेषणों के लिए यदि विप्रेषण करने का इच्छुक आवेदक बैंक का नया ग्राहक है तो प्राधिकृत व्यापारी खाता खोलने, परिचालन करने और उसके अनुरक्षण के बारे में समुचित सावधानी (ड्यू डिलीजेंस) की प्रक्रिया का पालन करे। इसके अतिरिक्त, प्राधिकृत व्यापारी आवेदक से उसके पिछले वर्ष के बैंक विवरण प्राप्त करे ताकि वह निधियों के स्त्रोतों के बारे में अपने आप को संतुष्ट कर सके। यदि इस प्रकार के बैंक विवरण उपलब्ध न हों तो नवीनतम आयकर निर्धारण आदेश अथवा आवेदक द्वारा दाखिल की गई आयकर विवरणी की प्रतिलिपि प्राप्त की जाए। उसे विप्रेषण के प्रयोजन के संबंध में फॉर्म ए-2 प्रस्तुत करना होगा और घोषित करना होगा कि निधियां उसकी स्वयं की है और उनका उपयोग योजना के तहत प्रतिबंधित अथवा विनियमित (रेगुलेटेड) प्रयोजनों के लिए नहीं किया जाएगा।

उत्तर: सीएनपी लेनदेन के मामले में, आरबीआई ने घरेलू लेनदेन के लिए एएफए प्रदान करना अनिवार्य कर दिया है। यदि एएफए के बिना कोई लेन-देन हुआ है और ग्राहक ने शिकायत की है कि लेनदेन उसके द्वारा नहीं किया गया है, जारीकर्ता बैंक बिना किसी आपत्ति के ग्राहक को नुकसान की प्रतिपूर्ति करेगा। इसके अलावा, अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक भुगतान लेनदेन के मामले में ग्राहक की देयता, भारतीय रिजर्व बैंक के परिपत्रों दिनांक 06 जुलाई 2017 का परिपत्र DBR.No.Leg.BC.78/09.07.005/2017-18, 14 दिसंबर 2017 का परिपत्र DCBR.BPD.(PCB/RCB).Cir.No.06/12.05.001/2017-18 तथा 27 अगस्त 2021 के पीपीआई पर मास्टर निदेशों का पैरा 17 (12 नवंबर 2021 तक अद्यतन) के प्रावधानों के अनुसार सीमित है।

उत्तर: यदि कंपनी के खातों को देय तिथि अर्थात 15 जुलाई से पहले ऑडिट नहीं किया जाता है, तो एमएफ सर्वेक्षण प्रश्नावली गैर-लेखापरीक्षित (अनंतिम) खाते के आधार पर प्रस्तुत की जानी चाहिए।

हां, आगे चलकर, यूपीआई-पेनाउ लिंकेज से भारत में और अधिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों को शामिल करने की उम्मीद की जा सकती है
जी नहीं। नोटों को बदलने की सुविधा नि:शुल्क होगी।

उत्तर: नहीं, मौजूदा ढांचा हरित जमाराशि को केवल भारतीय रुपये में मूल्यवर्गित करने की अनुमति देता है।

उत्तर: ग्राहकों के पास किसी विशिष्ट उपयोग के मामले, यानी कॉन्टैक्ट लेस, क्यूआर कोड आधारित, इन-ऐप भुगतान आदि, के लिए अपने कार्ड को रजिस्टर / डी-रजिस्टर करने का विकल्प होता है।

उत्तर:

• ओटीसी व्युत्पन्नी

  • रिटेल प्रयोक्‍ताओं के लिए
    • विदेशी मुद्रा फॉरवर्ड
    • विदेशी मुद्रा स्‍वैप
    • करेंसी स्‍वैप
    • कॉल और पुट आप्‍शन की खरीद
    • कॉल और पुट स्‍प्रेड की खरीद
  • गैर-रिटेल प्रयोक्‍ताओं के लिए: खुदरा उपयोगकर्ताओं को पेश किए जाने हेतु सभी विदेशी मुद्रा उत्पाद, कवर्ड विदेशी मुद्रा विकल्प,  विदेशी मुद्रा फॉरवर्ड / विदेशी मुद्रा स्वैप / मुद्रा स्वैप / विदेशी मुद्रा विकल्प को करने या रद्द करने का विकल्प और कोई अन्य विदेशी मुद्रा व्युत्पन्नी संविदा जिसमें घटकों के रूप में नकद लिखित और / या अनुमत व्युत्पन्नयों वाले व्युत्पन्नी शामिल हैं , लेकिन लिवरेज व्युत्पन्नी और उन व्युत्पन्नीयों को छोड़कर , जिसमे विशेष रूप से अनुमत व्युत्पन्नयों के अलावा अंतर्निहित व्युत्पन्नी लिखित शामिल हो ।

• एक्‍सचेंज ट्रेडेड व्युत्पन्नी

  • विदेशी मुद्रा फ्यूचर
  • विदेशी मुद्रा आप्‍शन

उत्तर: ये दिशानिर्देश डिजिटल उधार दिशानिर्देशों के अनुसार 'डिजिटल उधार' की परिभाषा को पूरा करने वाले सभी लेन-देनों पर लागू होते हैं।

उत्तर: पूंजीगत लिखतों / परिवर्तनीय नोटों के अधिग्रहण/ अंतरण के लिए निवासी और अनिवासी अर्जक एस्क्रो एजेंट के रूप में समय-समय पर यथासंशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध (गैर-ऋण लिखत) नियमावली, 2019 के प्रावधानों तथा विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 की अनुसूची-5 के में विनिर्दिष्ट नियमों और शर्तों के अनुपालन में भारत में किसी प्राधिकृत व्यापारी के पास भारतीय रूपयों में एस्क्रो खाता खोल सकते हैं।

बीजी के आह्वान/एलसी के हस्तांतरण के कारण बनाई गई वित्त पोषित सुविधा के मामले में, बैंक की ऋण हामीदारी अंकन नीति के अनुसार बैंक संबंधित क्रेडिट जोखिम प्रीमियम को ध्यान में रखते हुए हस्तांतरित राशि पर उचित ब्याज दर ले सकता है। हालाँकि, नियत तिथि के भीतर उधारकर्ता द्वारा पुनर्भुगतान न करने पर उस वित्त पोषित सुविधा पर जुर्माना, यदि कोई हो, केवल दंडात्मक शुल्क के रूप में लगाया जा सकता है, दंडात्मक ब्याज के रूप में नहीं।

उत्तर. हां। मास्टर निदेश- भारतीय रिज़र्व बैंक (जमाराशियों पर ब्याज दर) निदेश, 2025 के पैरा 15, 18 और 27 के संदर्भ में, बैंक अपने निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदित व्यापक नीति के अनुसार समय-पूर्व आहरण के लिए दंड लगा सकते हैं। दंड के घटकों को जमा करने के समय जमा धारकों के ध्यान में स्पष्ट रूप से लाना चाहिए।

Ans: DLG arrangements are not permitted on the loans which are covered by the credit guarantee schemes administered by trust funds as specified under para 2 of Review of Prudential Norms – Risk Weights for Exposures guaranteed by Credit Guarantee Schemes (CGS) dated September 07, 2022, as amended from time to time.


उदाहरण

टिप्पणी: ये उदाहरण समझने में आसानी के लिए उपलब्ध कराए गए हैं और केवल संकेतात्मक हैं, संपूर्ण नहीं।
उदाहरण 1
मान लें कि 01 अप्रैल 2024 को आरई द्वारा डीएलजी व्यवस्था के अंतर्गत ₹40 करोड़ (कुल स्वीकृत ऋणों में से) का पोर्टफोलियो निर्धारित किया गया है (डीएलजी सेट)। यह पोर्टफोलियो विशिष्ट डीएलजी व्यवस्था के प्रयोजन के लिए "अवरोधित" रहेगा - जिसका अर्थ है कि ऋण चुकौती/राइट-ऑफ के अलावा इसमें कोई भी ऋण आस्ति जोड़ी अथवा हटाई नहीं जा सकती है। आरई में ऐसे कई डीएलजी सेट हो सकते हैं।
ऐसे पोर्टफोलियो पर डीएलजी कवर की सीमा ₹2 करोड़ (₹40 करोड़ का 5%) तय की जाएगी, जो ऋण वितरित होने पर आनुपातिक रूप से सक्रिय हो जाएगी।
उदाहरण 2
मान लें कि उपर्युक्त डीएलजी सेट में से ₹10 करोड़ की राशि का ऋण तुरंत वितरित किया जाता है। फिर 1 अप्रैल 2024 को, पोर्टफोलियो के लिए उपलब्ध डीएलजी कवर ₹0.5 करोड़ (वितरित का 5%) होगा।
इसके बाद, यदि 15 अप्रैल 2024 को ₹10 करोड़ का ऋण आगे वितरित किया जाता है, तो 15 अप्रैल 2024 से डीएलजी कवर आनुपातिक रूप से बढ़कर ₹1 करोड़ हो जाएगा।
(प्रत्येक मामले के सारांश के लिए नीचे दी गई तालिका भी देखें)
केस 1: यदि 30 जून 2024 तक, ₹5 करोड़ के ऋण बिना किसी चूक (डिफ़ॉल्ट) के परिपक्व होते है । इस मामले में, आरई की खाता बहियों में लंबित संविभाग (पोर्टफोलियो) ₹15 करोड़ होगा और डीएलजी कवर ₹1 करोड़ पर रहेगा।
केस 2: इसके बाद, Q2-2024 के दौरान ₹2 करोड़ का डिफॉल्ट होता है और परिणामस्वरूप आरई द्वारा पूरे डीएलजी (₹1 करोड़ 1 ) को उद्धरित कर दिया जाता है। इस मामले में, 30 सितंबर 2024 तक आरई की खाता बहियों में लंबित पोर्टफोलियो ₹15 करोड़ (₹20 करोड़ का मूल पोर्टफोलियो घटाकर ₹5 करोड़ का ऋण, जो बिना डिफ़ॉल्ट के परिपक्व हुआ) होगा, लेकिन डीएलजी के लिए कोई गुंजाइश उपलब्ध नहीं होगी क्योंकि ₹1 करोड़ (वितरित का 5%) का अधिकतम अनुमेय डीएलजी कवर समाप्त हो चुका है। ).
केस 3: आगे बढ़ते हुए, मान लेते हैं कि आरई द्वारा अक्टूबर 2024 के दौरान ₹2 करोड़ के डिफॉल्ट ऋण पर ₹1 करोड़ की वसूली की गई है। ऐसे मामले में, 31 अक्टूबर 2024 तक आरई की खाता बहियों में लंबित पोर्टफोलियो की राशि घटकर ₹14 करोड़ ((₹20 करोड़ के मूल पोर्टफोलियो से बिना किसी डिफॉल्ट के परिपक्व हुए ₹5 करोड़ के ऋण से घटाकर ₹1 करोड़ के ऋण जो डिफॉल्ट में थे और वसूल किए गए). हो जाएगी। हालाँकि, डीएलजी कवर को बहाल करने के लिए ₹1 करोड़ की वसूली राशि नहीं जोड़ी जा सकती है।

(आंकड़े करोड़ ₹ में)

अवधि संवितरित बिना डिफ़ॉल्ट के परिपक्व हो रहा ऋण  डिफ़ॉल्ट राशि लागू डीएलजी वसूली/बट्टे खाते में डालना बकाया पोर्टफोलियो उपलब्ध डीएलजी कवर
प्रारंभिक स्थिति 10 - - - - 10 0.5
आगे का संवितरण 10 - - - - 20 1
केस 1 20 5 - - - 15 1
केस 2 20 5 2 1 - 15 0
केस 3 20 5 2 1 1 14 0

 


1 यह माना गया है कि अब तक इन ऋणों पर शून्य मूलधन/ब्याज प्राप्त हुआ है।

उत्तर: संदर्भ अवधि के दौरान कुल चालान मूल्य मूल रूप से भारतीय रुपये (आईएनआर) में होना चाहिए (जिसमें विदेश में सहायक(कों)/सहयोगी(यों) के बिलिंग भी शामिल होना चाहिए)।

आरबी-आइओएस, 2021 के तहत शामिल नहीं की गई आरई से संबंधित शिकायतों को समाधान के लिए आरबीआई के उपभोक्ता शिक्षण और संरक्षण कक्षों (सीईपीसी) (वर्तमान में 30 आरबीआई कार्यालयों में स्थित) को अग्रेषित किया जाता है। ऐसी शिकायतें पोर्टल पर या प्रश्न 16 में दिए गए पते पर भी दर्ज की जा सकती हैं। शिकायत दर्ज करते समय उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर शिकायतकर्ता को एसएमएस और -मेल के माध्यम से इसकी सूचना दी जाएगी।

उत्तर: भारतीय रिज़र्व बैंक ने एटीएम में नि:शुल्क लेनदेन की न्यूनतम संख्या को अनिवार्य किया है। बैंक अपने ग्राहकों को और अधिक संख्या में नि: शुल्क लेनदेन प्रदान कर सकते हैं।

उत्‍तर: उपयोग में सुलभता के लिए, ई₹ भौतिक मुद्रा के समान मूल्यवर्ग में उपलब्ध है। यह उपयोगकर्ताओं को भौतिक मुद्रा नोटों के उपयोग के समान ही परिचितता और सुविधा प्रदान करता है।

उत्तर: अधिकांश मुद्राओं के लिए विनिमय दर विदेशी मुद्रा बाजारों में निर्धारित की जाती है, खासकर यूएसडी, यूरो, जेपीवाई, आदि वैश्विक मुद्राओं के लिए ऐसा होता है। लेनदेन के संक्रमण चरण में, यदि दो मुद्राओं (जैसे:- आईएनआर और श्रीलंकाई रुपया) के बीच प्रत्यक्ष विनिमय दरों को निर्धारित करने वाला कोई बाजार उपलब्ध नहीं है, तो उन मामलों में दो व्यापारिक भागीदार देशों की मुद्राओं के बीच विनिमय दर उस आधार पर निर्धारित होगी, जहां प्रत्येक करेंसी के बदले वैश्विक मुद्राओं में परिवर्तन के लिए बाजार उपलब्ध है। इन्हें क्रॉस करेंसी दर के माध्यम से निर्धारित किया जाएगा।

उत्तर. हाँ, उपरोक्त प्रश्न 5 के उत्तर में उल्लिखित दस्तावेज संयुक्त खाते के सभी खाताधारकों द्वारा आरई को प्रस्तुत किए जाएंगे।

उत्तर: हां, जब तक कि संभावित जमाकर्ता पहले से ही बैंक का केवाईसी अनुपालक ग्राहक न हो।

विनियामकीय पूंजी के नजरिए से बाहरी रेटिंग एजेंसियों से क्रेडिट रेटिंग कराया जाना तब तक अनिवार्य नहीं है जब तक किसी प्रतिपक्षकार के लिए कुल अधिकतम एक्सपोजर ₹ 7.5 करोड़ की सीमा से अधिक नहीं है, जो क‍ि कतिपय अन्य शर्तों को पूरा करने के अधीन है।

(कृपया विनियामकीय खुदरा पोर्टफोलियो - जोखिम भार के लिए संशोधित सीमा संबंधी 12 अक्‍तूबर 2020 का परिपत्र देखें।)

उत्पाद की प्रमुख विशेषताओं के आधार पर, संबंधित पीआर के आरएस के लिए लागू पात्रता मानदंड और नेटवर्थ मानदंड आईओआरएस में भागीदारी के लिए आवेदक इकाई पर भी लागू होंगे।

उत्तर: शमन प्राधिकारी द्वारा एक आदेश पारित किया जाता है जिसमें उल्लंघन तथा फेमा, 1999 के उन प्रावधानों, जिनका उल्लंघन किया गया है, का ब्योरा दिया जाता है। इस शमन आदेश में ही शमन राशि भी दर्शायी जाती है। शमन आदेश में निर्दिष्ट शमन राशि का भुगतान कर दिए जाने पर शमन की प्रक्रिया पूरी होती है।

उत्तर. हाँ। पीएसएस अधिनियम 2007 विदेशी संस्थाओं को भारत में भुगतान प्रणाली के संचालन से प्रतिबंधित नहीं करता है और अधिनियम विदेशी संस्थाओं और घरेलू संस्थाओं के बीच भेदभाव / अंतर नहीं करता है। (कृपया पीएसएस अधिनियम, 2007 की धारा 4 और 18 देखें)

यदि चेक परिवहन या समाशोधन प्रक्रिया में खो जाते हैं, तो बैंक को तुरंत इसे प्रस्तुत करने वाले ग्राहक (लाभार्थी) के ध्यान में लाना चाहिए ताकि ग्राहक आहर्ता को स्टॉप पेमेंट दर्ज करने के लिए सूचित कर सके और यह भी सुनिश्चित कर सके कि खोए हुए चेक/लिखत की राशि के क्रेडिट न होने के कारण अन्य जारी किए गए चेक अस्वीकार न हों।

उत्तर. दोनों प्रकार के लघु पीपीआई पुनः लोड करने योग्य हैं और इनका उपयोग केवल वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए किया जाएगा। उनकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

10,000/- तक के पीपीआई (नकद लोडिंग सुविधा के साथ):

ए) किसी भी माह के दौरान लोड की गई राशि 10,000/- से अधिक नहीं होगी;

बी) वित्तीय वर्ष के दौरान लोड की गई कुल राशि 1,20,000/- से अधिक नहीं होगी;

सी) किसी भी समय बकाया राशि 10,000/- से अधिक नहीं होगी;

डी) किसी भी महीने के दौरान डेबिट की गई कुल राशि 10,000/- से अधिक नहीं होगी;

ई) पीपीआई 24 महीने के भीतर पूर्ण-केवाईसी पीपीआई में परिवर्तित किए जाएंगे; तथा

एफ) लोडिंग / पुनः लोडिंग नकद अथवा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हो सकेगी।

10,000/- तक के पीपीआई (नकद लोडिंग सुविधा के बिना):

ए) किसी भी माह के दौरान लोड की गई राशि 10,000/- से अधिक नहीं होगी;

बी) वित्तीय वर्ष के दौरान लोड की गई कुल राशि 1,20,000/- से अधिक नहीं होगी;

सी) किसी भी समय बकाया राशि 10,000/- से अधिक नहीं होगी;

डी) लोडिंग/पुनः लोडिंग बैंक खाते/क्रेडिट कार्ड/पूर्ण-केवाईसी पीपीआई से होगी; तथा

ई) 24 दिसंबर 2019 को मौजूदा लघु पीपीआई (नकद लोडिंग सुविधा के साथ) को, पीपीआई धारक द्वारा चाहने पर, ऐसे पीपीआई में परिवर्तित किया जा सकता है।

बीएसबीडीए खोलने के लिए किसी प्रारंभिक जमाराशि की कोई आवश्‍यकता नहीं है।

Ans : ECS Credit offers many advantages to the beneficiary –

  • The beneficiary need not visit his / her bank for depositing the paper instruments which he would have otherwise received had he not opted for ECS Credit.

  • The beneficiary need not be apprehensive of loss / theft of physical instruments or the likelihood of fraudulent encashment thereof.

  • Cost effective.

  • The beneficiary receives the funds right on the due date.

उत्तर. सामान्य परिस्थितियों में, लाभार्थी शाखाओं से अपेक्षा की जाती है कि जैसे ही प्रेषणकर्ता बैंक द्वारा धन हस्तांतरित किया जाएगा, वैसे ही लाभार्थी शाखाओं को वास्तविक समय में धन प्राप्त होगा। लाभार्थी बैंक को धन हस्तांतरण संदेश प्राप्त होने के 30 मिनट के भीतर लाभार्थी के खाते को क्रेडिट करना होगा।
On return from a foreign trip travellers are required to surrender unspent foreign exchange held in the form of currency notes within 90days and travellers’ cheques within 180 days of return. However, they are free to retain foreign exchange upto US$2,000, in form of foreign currency notes or TCs for future use.
जीएएच प्रबंधन में प्राथमिक सदस्‍य के कार्य शामिल है जैसे कि ट्रान्‍जेक्‍शनल यूजर्स बनाना (जीएएच के वे कर्मचारी जो बिड रख सकते हैं) तथा केवल देखें उपयोगकर्ता (जीएएच के वे कर्मचारी जो केवल बिड से संबंधित प्रश्‍न देख सकते हैं), प्रयोगकर्ताओं में संशोधन, प्रयोगकर्ताओं को सस्‍पेंड करना/अनलॉक करना, प्रयोगकर्ताओं को लॉग-ऑफ करना, प्रयोगकर्ताओं के लाग-इन पासवर्ड प्राप्‍त करना तथा उन्‍हें सेट/ रिसेट करना, जोखिम सीमाएं निर्धारित करना, जीएएच आदि द्वारा प्रस्‍तुत बिड पर कार्रवाई करना।
आमतौर पर बैंकों पर लागू होने वाले रिटर्न की एक सूची दृष्टिकोण पत्र में उपलब्ध कराई गई है। तथापि, प्रत्येक बैंक को उस पर लागू होने वाले सभी आरबीआई रिटर्न पर काम करना आवश्यक है।

उत्तर: हां, एनईएफटी का उपयोग देश में एनआरई और एनआरओ खातों से/में निधि अंतरण के लिए किया जा सकता है। हालांकि, यह विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 2000 (फेमा) और वायर ट्रांसफर दिशानिर्देशों के प्रावधानों के पालन के अधीन है।

यदि कोई बैंक परिसमापन में जाता है, तो डीआईसीजीसी परिसमापक को दावा सूची प्राप्त होने की तारीख से दो महीने के भीतर प्रत्येक जमाकर्ता की पांच लाख रुपये तक की दावा राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है। परिसमापक को प्रत्येक बीमित जमाकर्ता को उनकी दावा राशि के अनुरूप दावा राशि का वितरण करना होता है।

यदि एक बैंक का पुनर्निर्माण या समामेलन / दूसरे बैंक के साथ विलय किया जाता है: डीआईसीजीसी संबंधित बैंक को जमा की पूरी राशि या उस समय लागू बीमा कवर की सीमा के बीच का अंतर, जो भी कम हो और पुनर्गठन / समामेलन योजना के तहत उसके द्वारा प्राप्त राशि को हस्तांतरिती बैंक / बीमित बैंक / हस्तांतरिती बैंक, जो भी हो, के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से दावा सूची की प्राप्ति की तारीख से दो महीने के भीतर भुगतान करता है।

The foreign exchange acquired for any purpose has to be used within 60 days of purchase. In case it is not possible to use the foreign exchange within the period of 60 days it should be surrendered to an authorised dealer.

इस योजना के तहत, रिज़र्व बैंक एडी श्रेणी-I, एडी श्रेणी-II और एफएफएमसी को उनके विकल्प पर सीमित मुद्रा परिवर्तन कारोबार अर्थात विदेशी मुद्रा नोटों, सिक्कों या यात्री चेकों का परिवर्तन भारतीय रुपये में करने के उद्देश्य से एजेंसी या फ्रैंचाइज़ी समझौता करने की अनुमति देता है।

फ्रैंचाइज़ी कोई भी ऐसी इकाई हो सकती है जिसके पास कारोबार करने का स्थान हो और जिसकी निवल स्वामित्व निधि न्यूनतम 10 लाख रुपये हो। फ्रैंचाइजी केवल प्रतिबंधित मुद्रा परिवर्तन व्यवसाय ही कर सकते हैं।

फ्रैंचाइज़र के रूप में कोई एडी श्रेणी-I बैंक / एडी श्रेणी- II / एफएफएमसी को यह स्वतंत्रता होगी कि वह फ्रैंचाइज़ी के साथ आपसी समझौते के माध्यम से इस व्यवस्था की समयावधि और कमीशन अथवा शुल्क के संबंध में निर्णय ले सके। किए जाने वाले एजेंसी/फ्रैंचाइज़ी करार में निम्नलिखित मुख्य विशेषताएं शामिल होनी चाहिए:-

ए. फ़्रैंचाइज़ी को अपने फ़्रैंचाइज़र का नाम, विनिमय दर के साथ-साथ इस बात को भी प्रदर्शित करना होगा कि वे केवल विदेशी मुद्रा खरीदने के लिए अधिकृत हैं, मुख्य रूप से अपने कार्यालयों में । विदेशी मुद्रा को रुपये में बदलने के लिए विनिमय दर एडी श्रेणी-I बैंक/प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-II/ एफएफएमसी द्वारा उनकी शाखाओं में लगायी जाने वाली दैनिक विनिमय दरों के समान या उसके करीब होनी चाहिए।

बी. फ्रैंचाइजी द्वारा खरीदी गई विदेशी मुद्रा को खरीद की तारीख से 7 कार्य दिवसों के भीतर उसके फ्रैंचाइज़र के पास ही सौंपा जाना चाहिए।

सी. फ्रैंचाइज़ी द्वारा लेनदेन का अभिलेख समुचित रूप से रखना ।

डी. फ़्रैंचाइज़र द्वारा फ़्रैंचाइजी का ऑन-साइट निरीक्षण वर्ष में कम से कम एक बार किया जाना चाहिए।

उत्तर: भारत में निवास करने वाले व्यक्ति भारत के दौरे पर आए भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति के रहने- खाने तथा उससे संबंधित सेवाओं अथवा भारत में आने जाने तथा उसके भीतर की गई यात्रा के संबंध में किए गए व्यय के प्रति भारतीय रुपये में भुगतान करने के लिए स्वतंत्र है।

भारतीय रिज़र्व बैंक गैर-प्रतिस्पर्धी खंड के तहत एग्रीगेटर या फेसिलिटेटर को बोलियों को आवंटित करेगा, जो बाद में बोलीदाताओं को आवंटित करेगा।
The Banking Ombudsman may award compensation not exceeding ₹ 1 lakh (₹ One Hundred Thousand) to the complainant for mental agony and harassment. The Banking Ombudsman will take into account the loss of the complainant's time, expenses incurred by the complainant, harassment and mental anguish suffered by the complainant while passing such award.
This will be notified at the time of announcement of the specific auction for which non competitive bids will be invited.

निम्नलिखित सरकारी संगठनों / एजेंसियों की जमाराशियों के अलावा अन्य सरकारी विभाग /सरकारी योजना के नाम पर बचत बैंक खाता नहीं खोला जा सकता -

1. बैंक द्वारा वित्तपोषित प्राथमिक सहकारी ऋण समिति ।

2. खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड ।

3. कृषि उत्पाद बाज़ार समितियाँ

4. सोसायटी रजिस्ट्रिकरण अधिनियम, 1860 या राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में लागू अन्य किसी समान कानून के अंतर्गत पंजीकृत समितियाँ (सोसायटी)।

5. कंपनी अधिनियम, 1956 द्वारा नियंत्रित कंपनियां, जिन्हें उक्त अधिनियम की धारा 25 के अंतर्गत अथवा भारतीय कंपनी अधिनियम, 1913 के तदनुरूप प्रावधान के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा लाइसेंस मिला है तथा अपने नाम के आगे ‘लिमिटेड’ या "प्राइवेट लिमिटेड" शब्द नहीं लगाने की अनुमति मिली है।

6. उपर्युक्त खंड (i) में उल्लिखित संस्थाओं के अलावा ऐसी संस्थाएं जिनकी समस्त आय पर आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत आयकर से छूट प्राप्त है।

7. केंद्र सरकार / राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए जारी अनुदान/ सब्सिडी के संबंध में सरकारी विभाग /संगठन / एजेन्सियां, बशर्ते संबंधित सरकारी विभाग से बचत बैंक खाते खोलने के लिए प्राधिकार प्रस्तुत किया गया हो।

8. ग्रामीण क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास

9. पंजीकृत या अपंजीकृत स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) जो अपने सदस्यों में बचत की आदतें प्रोत्साहित कर रहे हैं।

10. किसान क्लब-विकास स्वयंसेवक वाहिनी (वीवीवी)

Under the automatic route, a company does not require any prior approval from the regulatory authority for setting up a JV/WOS abroad.

उत्तर: घरेलू / अपतटीय संस्थागत निवेशक, विशेष रूप से बीमा और पेंशन फंड, आईडीएफ द्वारा जारी इकाइयों और बांडों के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।

  • नहीं अभी तक ऐसा नहीं है।
  • प्राथमिक नीलामी के लिए वेब-आधारित प्लेटफॉर्म पर कार्य हालांकि प्रगति पर है और जब यह पूरा हो जाएगा, निवेशक आईआईबी सहित जी-सेक के प्राथमिक नीलामी में भाग ले सकेंगे।

उ. नहीं, व्यक्तिगत संव्यबहारों में कोई राशि सीमा नहीं है.

उत्तर: हाँ।

The complainant is required to give details such as, his/her name and address, the name and address of the branch or office of the NBFC against which the complaint is made, facts giving rise to the complaint supported by documents, if any, the nature and extent of the loss caused to the complainant, the relief sought from the NBFC Ombudsman and a declaration that the complaint is maintainable under Clause 9A of the Scheme.

उत्तर. आवेदन की विस्तृत प्रक्रिया भुगतान प्रणाली के लिए पहुँच मानदंड पर दिनांक 17 जनवरी 2017 के मास्टर निदेश डीपीएसएस.सीओ.ओडी.सं.1846/04.04.009/2016-17 में दी गई है।

सीपीएस की सदस्यता के लिए सभी आवेदन मुख्य महाप्रबंधक, भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग (डीपीएसएस), भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई), केंद्रीय कार्यालय, 14वीं मंजिल, केंद्रीय कार्यालय भवन, शहीद भगत सिंह मार्ग, फोर्ट, मुंबई - 400 001, को प्रस्तुत किए जाएंगे।

आवेदन अनुलग्नकों सहित भुगतान प्रणाली के लिए पहुँच मानदंड पर मास्टर निदेश के परिशिष्ट - 1 "केंद्रीकृत भुगतान प्रणाली की सदस्यता के लिए आवरण पत्र" में निर्धारित प्रारूप में होना चाहिए।

जमा के संदर्भ में चुकौती जमा के प्रभावी तारीख से (नकद प्राप्ति के दिन या ड्राफ्ट/ चेक की उगाही/ वसूली के दिन, इलेक्ट्रोनिक अंतरण से राशि प्राप्त होने के दिन) चार साल के बाद किया जाएगा।

उत्तर

बीएसबीडीए खोलने के लिए किसी प्रारंभिक जमा की कोई आवश्यकता नहीं है।

  • जिन बैंकों के माध्यम से प्रतिभूतियाँ खरीदी गई वे इन ग्राहकों को अन्य उपभोक्ता सेवा उपलब्ध कराएंगे।

  • निवेशक अन्य सेवाओं जैसे पता में परिवर्तन, शीघ्र मोचन, नामांकन, ग्रहणाधिकार इत्यादि के लिए बैंक से संपर्क कर सकते हैं।

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 11, 2022

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