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वाणिज्यिक बैंकों (आरआरबी को छोड़कर), यूसीबी और एनबीएफसी (एचएफसी सहित) के सांविधिक केंद्रीय लेखा परीक्षकों (एससीए) / सांविधिक लेखा परीक्षकों (एसए) की नियुक्ति के लिए दिशानिर्देश

आरबीआई विनियमित संस्था के एससीए/एसए के रूप में एक लेखापरीक्षा फर्म की नियुक्ति से पहले, इस नियुक्ति और आरबीआई द्वारा विनियमित उसी लेखापरीक्षा फर्म को दिए गए किसी भी गैर-लेखापरीक्षा संबंधी कार्यों को पूरा करने या समूह में आरबीआई विनियमित अन्य संस्थाओं में किसी भी लेखापरीक्षा/ गैर-लेखापरीक्षा कार्यों को पूरा करने के बीच न्यूनतम एक वर्ष का समय अंतराल होना चाहिए। यह शर्त भविष्यलक्षी प्रभाव से यानी वित्त वर्ष 2022-23 से लागू होगी। इसलिए, यदि कोई लेखा परीक्षा फर्म संस्था के साथ कुछ गैर-लेखापरीक्षा कार्य में शामिल है और/या समूह में आरबीआई विनियमित अन्य संस्थाओं में किसी भी लेखापरीक्षा/गैर-लेखा परीक्षा कार्य में शामिल है और वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए संस्था के एससीए/एसए के रूप में नियुक्ति की तारीख से पहले उक्त कार्य को पूरा करती है या छोड़ देती है तो उक्त लेखापरीक्षा फर्म वित्त वर्ष 2021-22 के लिए संस्था के एससीए / एसए के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होगी।

यह दोहराया जाता है कि संस्थाओं के लिए एससीए/एसए द्वारा किसी भी गैर-लेखापरीक्षा कार्य या उसकी समूह संस्थाओं के लिए किसी लेखापरीक्षा/गैर-लेखापरीक्षा कार्यों के बीच का समय अंतराल एससीए/एसए के रूप में लेखापरीक्षा कार्य पूरा करने के बाद कम से कम एक वर्ष का होना चाहिए।

उत्तर: एक टोकनयुक्त कार्ड लेनदेन को सुरक्षित माना जाता है क्योंकि लेनदेन प्रसंस्करण के दौरान वास्तविक कार्ड विवरण व्यापारी के साथ साझा नहीं किया जाता है।

उत्तर: 50%

उत्तर: निवासी व्यष्टि वित्तीय वर्ष आधार पर 250,000 अमेरिकी डॉलर की एलआरएस सीमा के भीतर निम्नलिखित प्रयोजनों के लिए विदेशी मुद्रा सुविधा का लाभ ले सकते हैं:

i. किसी भी देश में निजी दौरे के लिए (नेपाल एवं भूटान को छोड़कर)

ii. उपहार/ दान

iii. रोजगार हेतु विदेश जाना

iv. आप्रवासन

v. विदेश में रह रहे नजदीकी रिश्तेदार के निर्वाह (जीविकोपार्जन) के लिए;

vi. कारोबार, अथवा किसी सम्मेलन अथवा विशेषज्ञता वाले प्रशिक्षण में सहभागी होने के लिए विदेश यात्रा करना अथवा विदेश में चिकित्सकीय व्यय अथवा चिकित्सा जांच करवाने का खर्च उठाने हेतु अथवा चिकित्सकीय उपचार अथवा जांच करने के लिए विदेश जाने वाले मरीज़ के सहायक के रूप में उसके साथ विदेश जाना।

vii. विदेश में चिकित्सीय इलाज से संबंधित व्यय

viii. विदेश में अध्ययन

ix. फेमा, 1999 के अंतर्गत चालू खाता की परिभाषा के अंतर्गत न आनेवाले कोई अन्य चालू खाता लेनदेन।

एडी बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक की अनुमति के बिना ऐसे सभी अवशिष्ट चालू खाता लेनदेन के लिए विप्रेषण लेनदेन कर सकते हैं जो फेम (कैट) संशोधन नियमावली, 2015 की अनुसूची-I, II, अथवा III यथासंशोधित के अंतर्गत निषिद्ध/ प्रतिबंधित लेनदेन नहीं हैं अथवा फेमा, 1999 में परिभाषित की गई हैं। एडी बैंक को पहले की भांति लेनदेन की सदाशयता से खुद को संतुष्ट करना होगा।

उत्तर: एनईएफटी लेनदेन का चरणबद्ध प्रवाह निम्नलिखित है।

चरण-1: कोई व्यक्ति/फर्म/कॉर्पोरेट जो एनईएफटी के माध्यम से निधि अंतरण करने का इच्छुक है, ऑनलाइन धन अंतरण अनुरोध शुरू करने के लिए अपने बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली इंटरनेट/मोबाइल बैंकिंग सुविधा का उपयोग कर सकता है। प्रेषक को लाभार्थी का विवरण जैसे लाभार्थी का नाम, बैंक शाखा का नाम जहां लाभार्थी का खाता है, लाभार्थी बैंक शाखा का आईएफएससी , खाता प्रकार और खाता संख्या, उनका इंटरनेट / मोबाइल बैंकिंग मॉड्यूल आदि लाभार्थी को अपने खाते में जोड़ने के लिए प्रदान करना होगा। लाभार्थी को सफल रूप से जोड़ने पर, प्रेषक अपने खाते में डेबिट को अधिकृत करके ऑनलाइन एनईएफटी फंड ट्रांसफर शुरू कर सकता है। वैकल्पिक रूप से, प्रेषक शाखा/ऑफ-लाइन मोड के माध्यम से एनईएफटी फंड ट्रांसफर शुरू करने के लिए अपनी बैंक शाखा में भी जा सकता है। ग्राहक को बैंक शाखा में उपलब्ध एनईएफटी आवेदन पत्र में लाभार्थी का विवरण भरना होगा और एनईएफटी आवेदन पत्र में अनुरोधित राशि की सीमा तक शाखा को उसके खाते से डेबिट करने के लिए अधिकृत करना होगा।

चरण-2: मूल बैंक एक संदेश तैयार करता है और अपने पूलिंग केंद्र, जिसे एनईएफटी सेवा केंद्र भी कहा जाता है, को संदेश भेजता है।

चरण-3: पूलिंग सेंटर अगले उपलब्ध बैच में शामिल करने के लिए आरबीआई द्वारा संचालित एनईएफटी क्लियरिंग सेंटर को संदेश भेजता है।

चरण-4: समाशोधन केंद्र लाभार्थी के बैंक-वार धन हस्तांतरण लेनदेन को छाँटता है और मूल बैंकों (डेबिट) से धन प्राप्त करने के लिए लेखांकन प्रविष्टियाँ तैयार करता है और लाभार्थी बैंकों (क्रेडिट) को धन देता है। इसके बाद, लाभार्थी बैंकों को उनके पूलिंग सेंटर (एनईएफटी सेवा केंद्र) के माध्यम से बैंक-वार प्रेषण संदेश भेजे जाते हैं।

चरण-5: लाभार्थी बैंक समाशोधन केंद्र से आवक प्रेषण संदेश प्राप्त करते हैं और लाभार्थी ग्राहकों के खातों में क्रेडिट भेजते हैं।

उत्तर: केवल उन्हीं एलएसपी को नोडल शिकायत निवारण अधिकारी को नियुक्त करने की आवश्यकता है जिनका उधारकर्ताओं के साथ इंटरफेस है। तथापि, यह दोहराया जाता है कि आरई द्वारा लगाए गए सभी एलएसपी के कार्यों से उत्पन्न होने वाली शिकायतों का निवारण सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी आरई की ही होगी।

उत्तर: यह स्पष्ट किया जाता है कि संबंधित खंड (संशोधित खंड 77 क) में हस्तांतरिती द्वारा हस्तांतरित दबावग्रस्त ऋण जो एसआर द्वारा समर्थित हो उनमें निवेश के लिए सूचित उपाय, एमडी जारी करने की तारीख को बकाया सभी एसआर निवेशों पर लागू होती है। हालांकि, खंड 3(ए) और (ई) में निर्दिष्ट के अलावा अन्य उधारदाता खंड 77 क में जोड़े गए परंतुक से निर्देशित होंगे।

उत्तर: एएफ़एस और एचएफ़टी के अंतर्गत वर्गीकृत आईआईबी लागत के समय बाज़ार में उद्धृत स्वच्छ मूल्य पर मूल्यांकन किया जाए। इसके बाद बाज़ार को चिन्हित करने के समय, फिमडा द्वारा उपलब्ध ट्रेड/ कोट या स्वच्छ मूल्य से उपलब्ध के अनुसार कोट की गई बाज़ार में स्वच्छ मूल्य को बाज़ार मूल्य के समान समझा जाए। एक बार बाज़ार मूल्य निश्चित हो जाने पर, एचएफ़टी/एएफ़एस को लागू मानक गणना प्रक्रिया को माना जाए।

(ए) एजेंसी बैंको से अनुरोध है कि, वे पेंशनरों को किए गए अधिक भुगतान की वसूली के लिए अपनाई जानेवाली प्रक्रिया के संबंध में संबंधित पेंशन स्‍वीकृतकर्ता अधिकारियों से दिशा-निर्देश प्राप्‍त कर लें।

(बी) जहां कहीं भी बैंकों द्वारा की गयी गलती के कारण अधिक पेंशन का भुगतान हुआ हो ऐसे मामलों में भुगतान की गई अधिक राशि का पता चलने के तुरंत बाद और पेंशनरों से किसी भी प्रकार की राशि की वसूली की प्रतीक्षा किए बिना तत्‍काल एक मुश्‍त सरकार को वापस किया जाए।

ब्योरा

अनिवासी (बाह्य) रुपया खाता योजना (एनआरई खाता)

विदेशी मुद्रा(अनिवासी) (बैंक) खाता योजना – [एफ़सीएनआर (बी) खाता]

अनिवासी (सामान्य) रुपया खाता योजना- [एनआरओ खाता]

(1)

(2)

(3)

(4)

खाता कौन खोल सकता है?

एनआरआई/ पीआईओ

पाकिस्तान तथा बांग्लादेश के व्यक्ति/ इकाइयों के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक का पूर्वानुमोदन आवश्यक है।

भारतीय रूपयों में मूल्यवर्गीकृत राशियों में वास्तविक लेनदेन हेतु भारत के बाहर का निवासी कोई भी व्यक्ति।

पाकिस्तान की नागरिकता/ मूल वाले व्यक्ति/ संस्थाओं तथा बांग्लादेश के मूल वाली इकाइयों के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक का पूर्वानुमोदन आवश्यक है।

भारत में निवासी पाकिस्तान/ बांग्लादेश के नागरिक जोकि उन देशों में अल्पसंख्यक समुदायों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी तथा ईसाई) से आते हैं और जिन्हें दीर्घकालिक वीज़ा (एलटीवी) प्रदान किया गया है अथवा एलटीवी के लिए जिनका आवेदन सरकार के विचाराधीन है, वे किसी प्राधिकृत व्यापारी बैंक में केवल एक एनआरओ खाता खोल सकते हैं और वह समय-समय पर अद्यतन की गई 1 अप्रैल 2016 की अधिसूचना सं. फेमा 5(आर)/2016-आरबी  में उल्लिखित शर्तों के अधीन होगा।

भारत में डाक घर भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों कें नाम में बचत बैंक खाता खोल सकते हैं और उन्हीं शर्तों के अधीन प्रचालन की अनुमति दे सकते हैं जो प्राधिकृत व्यापारी/ प्राधिकृत बैंक के पास रखे एनआरओ खातों पर लागू हैं ।

संयुक्त खाता

दो अथवा उससे अधिक एनआरआई/ पीआईओ के नाम पर संयुक्त रूप से धारित किए जा सकते हैं।

एनआरआई/ पीआईओ द्वारा निवासी रिश्तेदार के साथ ‘पूर्ववर्ती व्यक्ति या उत्तरजीवी व्यक्ति’ आधार पर संयुक्त रूप से धारित किए जा सकते हैं (रिश्तेदार का तात्पर्य कंपनी अधिनियम, 2013 में परिभाषित किए गए अनुसार होगा)। तथापि, एनआरआई/ पीआईओ खाताधारक के जीवनकाल के दौरान निवासी रिश्तेदार मुख्तारनामा धारक के रूप में खाते को परिचालित कर सकता है।

02 अथवा उससे अधिक एनआरआई/ पीआईओ के नाम पर संयुक्त रूप से धारित किए जा सकते हैं। निवासी व्यक्तियों के साथ खाते संयुक्त रूप से “पूर्ववर्ती व्यक्ति या उत्तरजीवी व्यक्ति’ के आधार पर धारित किए जा सकते हैं ।

मुद्रा

भारतीय रुपये

कोई भी अनुमत मुद्रा अर्थात कोई विदेशी मुद्रा जो मुक्त रूप से परिवर्तनीय हो।

भारतीय रुपये

खाते का प्रकार

बचत, चालू, आवर्ती, सावधि जमा खाता

केवल मियादी जमा खाता

बचत, चालू, आवर्ती, सावधि जमा खाता

सावधि जमाराशि की अवधि

एक से तीन वर्ष की अवधि के लिए, तथापि बैंकों को उनकी आस्ति-देयता की दृष्टि से तीन वर्ष की अवधि से अधिक समय के लिए एनआरई जमाराशियाँ स्वीकृत करने की अनुमति दी गई है।

ऐसी अवधि जो कि 1 वर्ष से कम नहीं है और 5 वर्ष से अधिक नहीं है।

निवासी खातों पर यथालागू

अनुमत जमा

इस खाते में अनुमत जमा नीम्नलिखित है :

भारत के बाहर से आवक विप्रेषण, खाते में उपचित हो रहा ब्याज, निवेश पर ब्याज, अन्य एनआरई / एफसीएनआर (बी) खातों से अंतरण, निवेशों से प्राप्त परिपक्वता राशियां (यदि ऐसे निवेश इस खाते से या आवक विप्रेषण के माध्यम से किए गए हैं)

चालू आय जैसेकि किराया, लाभांश, पेंशन, ब्याज आदि को एनआरई खाते में अनुमत क्रेडिट माना जाएगा।

सावधानी: केवल ऐसी जमा जिनकी प्रत्यावर्तनीयता समाप्त न हुई हो।

भारत के बाहर से आवक विप्रेषण, भारत में वैध देयताएं और अन्य एनआरओ खातों से अंतरण एनआरओ खाते में अनुमत एनआरओ क्रेडिट है।

उदारीकृत विप्रेषण योजना के अधीन निर्धारित सीमा के भीतर निवासी द्वारा एनआरआई/ पीआईओ के रिश्तेदार को दिए गए रूपया उपहार/ ऋण रिश्तेदार के एनआरओ खाते में जमा किए जाए ।

अनुमत नामे (डेबिट)

इस खाते से अनुमत डेबिट हैं– स्थानीय संवितरण, भारत के बाहर विप्रेषण, अन्य एनआरई / एफसीएनआर (बी) खाते में अंतरण और भारत में निवेश।

स्थानीय भुगतानों के प्रयोजन, अन्य एनआरओ खातों में अंतरण या विदेश में वर्तमान आय के विप्रेषण के लिए खाते से डेबिट किया जा सकता है।

इनके अलावा विदेशी मुद्रा प्रबंध (आस्तियों का विप्रेषण) विनियमावली, 2016 में निर्धारित शर्तों के अधीन एनआरआई/ पीआईओ द्वारा 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक के संप्रत्यावर्तन को छोड़कर एनआरओ खाते में शेष राशि को विदेश में संप्रत्यावर्तित नहीं किए जा सकते हैं।
इस 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर सुविधा के भीतर निधियां एनआरई खाते में अंतरित की जा सकती हैं।

संप्रत्यावर्तनीयता

संप्रत्यावर्तनीय

संपूर्ण चालू आय के अलावा अन्य कोई राशि संप्रत्यावर्तनीय नहीं है।

एनआरआई/ पीआईओ के एनआरओ खातों में शेष राशियाँ उनकी अन्य पात्र आस्तियों सहित प्रत्येक वित्तीय वर्ष(अप्रैल-मार्च) में 1(एक) मिलियन अमरीकी डॉलर तक विप्रेषित की जा सकती हैं।

कर देयता

खातों में अर्जित आय आयकर से मुक्त है तथा उनमें शेष राशियाँ संपत्ति कर से मुक्त हैं।

करों के लिए पात्र

भारत में ऋण

प्राधिकृत व्यापारी सामान्य मार्जिन आवश्यकताओं की शर्त के अधीन, बिना किसी सीमा के, खाताधारक/ किसी तीसरे पक्ष को भारत में ऋण दे मंजूर सकते हैं। ये ऋण भारत से बाहर संप्रत्यावर्तित नहीं किए जा सकते हैं तथा भारत में भी इनका उपयोग केवल विनियमावली में निर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए ही किया जा सकता है।

किसी तीसरे पक्ष को मंजूर किए गए ऋणों के मामले में इस प्रकार की सुविधाएं निवासी व्यक्ति/ फ़र्म/ कंपनी को प्राप्त हो सकें इसलिए अपनी जमाराशियों को गिरवी रखने के लिए सहमत होने वाले अनिवासी-जमाकर्ता के लिए विदेशी मुद्रा में कोई भी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष प्रतिफल नहीं होना चाहिए।

खाताधारक को मंजूर किए गए ऋण के संबंध में, इसकी चुकौती या तो जमाराशियों में से समायोजन द्वारा या सामान्य बैंकिंग चैनल के माध्यम से भारत से बाहर आवक विप्रेषणों में से या खाताधारक के एनआरओ खाते में जमा शेष से की जा सकती है।

जमाराशियों के समय-पूर्व आहरण की सुविधा वहाँ उपलब्ध नहीं होगी जहाँ ऐसी जमाराशियों के बदले ऋण लिए गए हैं।

ऋण में सभी प्रकार की निधि आधारित/ गैर-निधि आधारित सुविधाएं शामिल होंगी।

सामान्य शर्तों और मार्जिन आवश्यकताओं के अधीन जमाराशियों के बदले खाताधारक या किसी अन्य पक्ष को भारत में ऋण प्रदान किए जा सकते हैं। ऋण की राशि का प्रयोग पुन: उधार देने, कृषि/ बागवानी गतिविधियों या अचल संपत्ति की खरीद में निवेश के लिए नहीं किया जाएगा।

ऋण में सभी प्रकार की निधि आधारित/ गैर-निधि आधारित सुविधाएं शामिल होंगी।

भारत के बाहर ऋण

प्राधिकृत व्यापारी भारत में एनआरआई/ एफ़सीएनआर (बी) खातों में धारित निधियों की ज़मानत पर वास्तविक/ अनुमत प्रयोजनों के लिए सामान्य मार्जिन अपेक्षाओं के अधीन भारत के बाहर स्थित अपनी शाखाओं/ प्रतिनिधि बैंकों को अनिवासी जमाकर्ताओं को अथवा उनके पक्ष में या जमाकर्ता के अनुरोध पर किसी तीसरे पक्ष को ऋण प्रदान करने की अनुमति दे सकते हैं।

ऋण में सभी प्रकार की निधि आधारित/ गैर-निधि आधारित सुविधाएं शामिल होंगी ।

अनुमति नहीं है।

ब्याज की दर

विनियमन विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार

निवासी के पक्ष में पावर ऑफ एटॉर्नी द्वारा परिचालन

पावर ऑफ एटॉर्नी के अनुसार खाते में किए जाने वाले परिचालन, अनुमत स्थानीय भुगतान अथवा सामान्य बैंकिंग चैनलों के माध्यम से स्वयं खाताधारक को विप्रेषण करने के लिए किए जानेवाले आहरणों तक सीमित है।

पावर ऑफ एटॉर्नी के अनुसार खाते में किए जाने वाले परिचालन, रुपये में अनुमत स्थानीय भुगतान, खाताधारक को भारत के बाहर वर्तमान आय को विप्रेषित अथवा सामान्य बैंकिंग चैनलों के माध्यम से स्वयं खाताधारक को विप्रेषित करने के लिए किए जानेवाले आहरणों तक सीमित है। विप्रेषण करते समय संप्रत्यावर्तनीयता की सीमाएं एवं शर्तें लागू होंगी।

निवासी स्थिति में परिवर्तन : अनिवासी से निवासी में परिवर्तन

नौकरी के उद्देश्य से खाताधारक के भारत में लौटने या उसकी निवासी स्थिति में परिवर्तन हो जाने पर खाताधारक के विकल्प पर एनआरई खातों को तत्काल निवासी खाते में विनिर्दिष्ट किया जाना चाहिए अथवा इन खातों में रखी निधियों को आरएफसी खातों में अंतरित कर दियाजाना चाहिए।

निवासी स्थिति में परिवर्तन होने पर एफ़सीएनआर(बी) जमाराशियों को खाताधारक की इच्छानुसार संविदाकृत ब्याजदर पर परिपक्वता तक जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है।

एफ़सीएनआर(बी) जमाराशियों की परिपक्वता पर प्राधिकृत व्यापारियों को खाताधारक के विकल्प पर उन्हें निवासी रुपया जमा खातों अथवा आरएफ़सी खाते(यदि जमाकर्ता आरएफ़सी खाता खोलने के लिए पात्र हो) में परिवर्तित करना चाहिए।

किसी भी प्रयोजन के लिए अनिश्चित अवधि हेतु भारत में रहने की इच्छा से खाताधारक के भारत लौटने पर एनआरओ खातों को निवासी खातों के रूप में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए।

इसी प्रकार, जब कोई निवासी भारतीय भारत के बाहर का निवासी व्यक्ति बन जाता है, तो उसका मौजूदा खाता एनआरओ खाते के रूप में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए।

उत्तर: नहीं। इन निदेशों के पैरा 9.1.6 के अनुसार बच्चे (नाबालिग सहित) बैंक के दिवंगत कर्मचारी को मिलने वाले अतिरिक्त ब्याज के लिए पात्र नहीं हैं।

उत्तर: प्रतिवादी कंपनियां/एलएलपी/स्वामित्व वाली फर्म प्रत्येक वर्ष 15 जुलाई को या उससे पहले अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत कर सकती हैं।

आरबी-आइओएस, 2021 में सभी वाणिज्यिक बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी), भुगतान प्रणाली प्रतिभागी, अधिकांश प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक और साख सूचना कंपनियां शामिल हैं। आरबी-आइओएस, 2021 के तहत शामिल की गई आरई प्रश्न 11 के तहत सूचीबद्ध हैं।

उत्तर: प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की आवश्यकता विनियमित संस्थाओं द्वारा धोखाधड़ी के रूप में वर्गीकृत सभी व्यक्तियों/संस्थाओं और इसके प्रमोटरों/पूर्णकालिक और कार्यपालक निदेशकों पर लागू होती है। दूसरे शब्दों में, यह आवश्यकता धोखाधड़ी वर्गीकरण के सभी मामलों में लागू होती है, जिसके सिविल परिणाम हो सकते हैं (यानी दंडात्मक उपाय, सावधानी सूची में डालना) जैसा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 27 मार्च 2023 के निर्णय (भारतीय स्टेट बैंक एवं अन्य बनाम राजेश अग्रवाल एवं अन्य के मामले में सिविल अपील संख्या 7300/2022) में देखा गया है।

उत्तर: एक ग्राहक के लिए व्हाइट लेबल एटीएम का उपयोग करना किसी अन्य बैंक के एटीएम (कार्ड जारी करने वाले बैंक से इतर) के उपयोग करने के समान ही होगा बस डबल्यूएलए में नकदी जमा और कतिपय वैल्यू एडेड सेवाओं को उपलब्ध कराने की अनुमति नहीं है।

यदि पहले से परिभाषित नहीं किया गया है तो बैंक की क्रेडिट नीति के अनुसार महत्वपूर्ण नियमों और शर्तों को परिभाषित किया जा सकता है और वे ऋण की एक श्रेणी से दूसरे में भिन्न हो सकते हैं, और ऋणदाता की एक श्रेणी से ऋणदाता के दूसरे श्रेणी में अपने मूल्यांकन के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।

उत्तर. " वाक-इन ग्राहक " का अर्थ ऐसे व्यक्ति से है जिसका आरई के साथ खाता-आधारित संबंध नहीं है, लेकिन वह आरई के साथ लेन-देन करता है।

उत्तर: इस योजना में निम्न प्रकार की जमाओं की परिकल्पना की गई है:

क्र. सं.

जमाराशि का प्रकार

अवधि

न्यूनतम अवरुद्धता अवधि

लागू ब्याज दर

ब्याज भुगतान की आवधिकता

i.

अल्पावधि बैंक जमा (एसटीबीडी)

1-3 वर्ष

बैंकों द्वारा यथा निर्धारित

बैंकों द्वारा यथा निर्धारित

बैंकों द्वारा यथा निर्धारित

ii.

मध्यावधि सरकारी जमा (एमटीजीडी)

5-7 वर्ष

3 वर्ष

2.25% वर्ष

वार्षिक साधारण ब्याज या  परिपक्वता के समय वार्षिक रूप से संयोजित संचयी ब्याज ।

iii.

दीर्घावधि सरकारी जमा (एलटीजीडी)

12-15 वर्ष

5 वर्ष

2.50% वर्ष

वार्षिक साधारण ब्याज या  परिपक्वता के समय वार्षिक रूप से संयोजित संचयी ब्याज ।

यह ध्यान जाएं कि भारत सरकार की दिनांक 25 मार्च 2025 की प्रेस विज्ञप्ति आईडी 2115009 के परिणामस्वरूप, विद्यमान जमाराशियों के नवीनीकरण सहित एमटीजीडी और एलटीजीडी जुटाना 26 मार्च 2025 से बंद कर दिया गया है।

निवासी व्यष्टि द्वारा भारत में किसी प्राधिकृत व्यापारी (एडी) बैंक में खोले जाने वाले कुछ प्रमुख विदेशी मुद्रा खातों की जानकारी उनकी विशेषताओं के साथ नीचे दी गई है :

ब्योरा विदेशी मुद्रा अर्जक विदेशी मुद्रा खाता
(ईईएफ़सी खाता)
निवासी विदेशी मुद्रा (घरेलू) खाता
[आरएफ़सी(डी) खाता]
निवासी विदेशी मुद्रा खाता
[आरएफ़सी खाता]
खाता कौन खुलवा सकता है ? विदेशी मुद्रा अर्जक संस्थाएं व्यष्टि व्यष्टि
संयुक्त खाता यह खाता खोलने के लिए पात्र किसी भी व्यक्ति के साथ;

अथवा

पूर्व या उत्तरजीवी आधार पर निवासी के रिश्तेदार (रिश्तेदारों) के साथ।

कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत यथापरिभाषित रिश्तेदार (अर्थात हिन्दू अविभक्त परिवार के सदस्य, पति या पत्नी, माता-पिता, सौतेले माता-पिता, पुत्र, सौतेला बेटा, बहू, बेटी, दामाद, भाई / बहन, सौतेला भाई / सौतेली बहन)

संयुक्त खाताधारक रिश्तेदार मुख्य खाताधारक के जीवन काल के दौरान खाते का संचालन नहीं कर सकता है।
यह खाता खोलने के लिए पात्र किसी भी व्यक्ति के साथ संयुक्त रूप से ईईएफ़सी के लिए लागू शर्तों के समतुल्य
खाते का प्रकार केवल चालू खाता केवल चालू खाता चालू/ जमा / सावधि जमा खाता
ब्याज ब्याज अनर्जक ब्याज अनर्जक अविनियमित (एडी बैंक के निर्णयानुसार)
अनुमत जमा 1) निर्यात लेनदेन से प्राप्त विदेशी मुद्रा का 100%

2) किसी निर्यातक द्वारा माल या सेवाओं के निर्यात पर प्राप्त अग्रिम विप्रेषण की राशि

3) विदेशी आयातकों को दिए गए ऋणों की चुकौती

4) एडीआर/ जीडीआर के रूपांतरण पर विनिवेश से हुई आय।

5) व्यावसायिक आय जैसे निदेशक के रूप में/ परामर्श सेवाओं पर / व्याख्यान हेतु प्राप्त शुल्क, मानदेय और इसी तरह की अन्य कोई आय जो किसी पेशेवर द्वारा अपनी व्यक्तिगत क्षमता में सेवाएं प्रदान करके प्राप्त की जाती है।

6) खाते में जमा राशि पर अर्जित ब्याज

7) खाते से पूर्व में आहरित की गई किंतु उपयोग न हुई विदेशी मुद्रा को पुनः जमा करना।

8) स्टार्टअप या उसकी किसी विदेशी सहायक कंपनी द्वारा की गई बिक्री / निर्यात से भारतीय स्टार्टअप को विदेशी मुद्रा में प्राप्त प्राप्त भुगतान की राशि
1) विदेश यात्रा के दौरान भुगतान/ सेवा/ उपहार/ मानदेय के रूप में प्राप्त विदेशी मुद्रा अथवा भारत की यात्रा पर आए किसी अनिवासी से प्राप्त विदेशी मुद्रा।

2) किसी प्राधिकृत व्यापारी से विदेश यात्रा के लिए ली गई विदेशी मुद्रा की व्यय न हुई राशि।

3) किसी करीबी रिश्तेदार से उपहार

4) माल/ सेवाओं के निर्यात से हुई आय अथवा रॉयल्टी की राशि।

5) शेयरों को एडीआर/ जीडीआर में बदलने पर विनिवेश की राशि ।

6) किसी भारतीय बीमा कंपनी से प्राप्त बीमा पॉलिसी के दावों/ परिपक्वता/ सरेंडर वैल्यू से प्राप्त आय जिसे विदेशी मुद्रा में समाशोधित किया गया हो।
1) किसी विदेशी नियोक्ता से सेवा निवृत्ति पर अधिवर्षिता/ अन्य मौद्रिक लाभों के रूप में कर्मचारी को प्राप्त विदेशी मुद्रा।

2) फेमा की धारा 6(4) में संदर्भित की गई आस्तियों के रूपांतरण पर प्राप्त विदेशी मुद्रा।

3) फेमा की धारा 6(4) में संदर्भित व्यक्ति से उपहार/विरासत के रूप में प्राप्त राशि।

4) 8 जुलाई 1947 से पहले अर्जित की गई या भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति से भारत से बाहर धारित की गई विदेशी मुद्रा अथवा उससे अर्जित कोई आय।

6) किसी भारतीय बीमा कंपनी से प्राप्त बीमा पॉलिसी के दावों/ परिपक्वता/ सरेंडर वैल्यू से प्राप्त आय जिसे विदेशी मुद्रा में समाशोधित किया गया हो।

7) निवास की स्थिति में परिवर्तन होने पर एनआरई/ एफसीएनआर(बी) खातों में जमा राशि।
अनुमत डेबिट 1) कोई भी अनुमत चालू या पूंजी खाता लेनदेन

2) खरीदे गए माल की लागत

3) सीमा शुल्क

4) व्यापार संबंधी ऋण और अग्रिम
किसी भी अनुमत चालू/ पूंजी खातेगत लेनदेन के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। भारत में/ भारत के बाहर उपयोग पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

24 मार्च 2025 के मास्‍टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार – लक्ष्य और वर्गीकरण) निदेश, 2025 के अनुसार, एमएसएमई को दिए जाने वाले सभी बैंक ऋण प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण (पीएसएल) के रूप में वर्गीकृत किए जाने के लिए पात्र होंगे। एमएसएमई की परिभाषा 24 जुलाई 2017 के मास्टर निदेश – एमएसएमई क्षेत्र को उधार विसविवि.एमएसएमई व एनएफएस.12/06.02.31/2017-18, जिसे समय-समय पर अद्यतन किया जाता है, में दी गई परिभाषा के अनुसार होगी। पीएसएल वर्गीकरण प्रयोजनों के लिए, बैंकों को उद्यम पंजीकरण प्रमाण-पत्र (यूआरसी)/ उद्यम सहायता प्रमाण-पत्र (यूएसी) में दर्ज वर्गीकरण का पालन करना होगा।

इसके अतिरिक्त, आरबीआई ने एमएसएमई क्षेत्र को ऋण देने के संबंध में बैंकों को समय-समय पर कई अनुदेश/ दिशानिर्देश जारी किए हैं। 24 जुलाई, 2017 के मास्टर निदेश एफआईडीडी एमएसएमई व एनएफएस.12/ 06.02.31/2017-18 में इस विषय पर अद्यतन अनुदेश/ दिशानिर्देश शामिल किए गए हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विभिन्न मामलों पर बैंकों को जारी किए गए अनुदेश हमारी वेबसाइट www.rbi.org.in पर उपलब्ध हैं।

वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद-उप समिति (एफएसडीसी-एससी) के तत्वावधान में फिनटेक पर एक अंतर-विनियामक तकनीकी समूह (आईआरटीजी ऑन फिनटेक) का गठन किया गया था। फिनटेक पर आईआरटीजी के विचारार्थ विषयों (टीओआर) में विनियामक सैंडबॉक्स में प्रवेश के लिए एक से अधिक वित्तीय क्षेत्र के विनियामकीय दायरे में आने वाले हाइब्रिड उत्पाद/सेवा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा और हाइब्रिड उत्पादों/सेवाओं के लिए आईओआरएस हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करना शामिल था। इस समूह में, वित्तीय क्षेत्र के विनियामकों/प्राधिकरणों (आरबीआई, सेबी, आईआरडीएआई, आईएफएससीए और पीएफआरडीए) के सदस्यों के अतिरिक्त, आर्थिक कार्य विभाग (डीईए), वित्त मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), भारत सरकार का प्रतिनिधित्व है। एक से अधिक वित्तीय क्षेत्र के विनियामकीय दायरे में आने वाले नवीन उत्पादों/सेवाओं के परीक्षण की सुविधा के लिए, फिनटेक पर अंतर-विनियामक तकनीकी समूह (फिनटेक पर आईआरटीजी) द्वारा आईओआरएस के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है। एसओपी को इस लिंक से देखा जा सकता है: - FinTech

उत्तर. जब भी किसी विशिष्ट  ऋण श्रेणी, जैसे कि गृह ऋण, में उधारकर्ताओं के पूरे वर्ग के लिए संदर्भ बेंचमार्क में वृद्धि के कारण ब्याज दरों का पुनर्निर्धारण किया जाता है, तो आर.ई.  द्वारा उधारकर्ताओं को निम्नलिखित विकल्प प्रदान किए जाएंगे:

            (ए) या तो ईएमआई में वृद्धि अथवा ईएमआई को अपरिवर्तित रखते हुए ईएमआई की संख्या में वृद्धि, या दोनों विकल्पों का संयोजन;

            (बी) ऋण के शेष भाग के लिए निश्चित ब्याज दर पर बदलना (स्विच करना); तथा

            (सी) ऋण की शेष अवधि के दौरान किसी भी समय आंशिक अथवा पूर्ण रूप से पूर्व भुगतान करना।

उत्तर: यदि किसी व्यक्ति को रिज़र्व बैंक अथवा अन्य किसी सांविधिक प्राधिकारी अथवा लेखापरीक्षक से अथवा किसी अन्य प्रकार से यह ज्ञात होता है कि उसने फेमा, 1999 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है तो वह या तो स्वेच्छा से अथवा रिज़र्व बैंक द्वारा जारी उल्लंघन-ज्ञापन के आधार पर शमन हेतु आवेदन कर सकता है।

उत्तर. पीएसएस अधिनियम, 2007 के तहत, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दो विनियम बनाए गए हैं, अर्थात् भुगतान और निपटान प्रणाली विनियम, 2008 के विनियमन और पर्यवेक्षण बोर्ड और भुगतान और निपटान प्रणाली विनियम, 2008। ये दोनों विनियम 12 अगस्त 2008 को पीएसएस अधिनियम, 2007 के साथ लागू हुए।

आइटम समाप्ति समय यह दर्शाता है कि प्रस्तुत किए गए लिखत के लिए आहरित बैंक द्वारा पुष्टि करने का सबसे अंतिम समय कब तक है, यदि यह समय पर नहीं किया गया तो चेक को स्वीकृत माना जाएगा और निपटान के लिए शामिल किया जाएगा। आइटम समाप्ति समय को केन्द्रीय समाशोधन गृह प्रस्तुतिकरण समय के आधार पर निर्धारित करता है और इसे चेक डेटा के साथ आहरित बैंकों को प्रदान किया जाता है।

उत्‍तर: ई₹ वॉलेट एक डिजिटल वॉलेट है जिसे ग्राहक के मोबाइल फोन/डिवाइस पर खोला जा सकता है। ई₹ वॉलेट डिजिटल रुपए को स्टोर करता है, ठीक वैसे ही जैसे वॉलेट/पर्स में भौतिक मुद्रा को स्टोर किया जाता है। ई₹ वॉलेट वर्तमान में बैंकों और गैर-बैंकों द्वारा प्रदान किए जा रहे हैं, जो खुदरा सीबीडीसी पायलट का हिस्सा हैं।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने 02 जुलाई 2021 के कार्यालय ज्ञापन संख्या 5/2(2)/2021-ई/पी एंड जी/ नीति के माध्यम से खुदरा और थोक व्यापारों को, प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को दिए जाने वाले उधार के सीमित प्रयोजन की दृष्टि से एमएसएमई को शामिल करने और उन्हें उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर पंजीकृत करा लेने की अनुमति देने का निर्णय लिया। इस विषय पर विस्तृत दिशानिर्देश 07 जुलाई 2021 के हमारे परिपत्र एफआईडीडी.एमएसएमई व एनएफएस.सं. 13/06.02.31/2021-22 में दिए गए हैं।

बुनियादी बचत बैंक जमा खाता' धारी उस बैंक में अन्‍य बचत खाता खोलने के लिए पात्र नहीं है। यदि ग्राहक का उस बैंक में अन्‍य बचत खाता मौजूद हो तो उसे वह खाता 'बुनियादी बचत बैंक जमा खाता' खोलने के 30 दिनों के भीतर बंद कर देना होगा।

कोविड-19 से संबंधित दबाव के लिए समाधान ढांचे पर 6 अगस्त 2020 को जारी परिपत्र के तहत समाधान के लिए पात्र उधारकर्ताओं हेतु, यदि परिपत्र के तहत समाधान प्रक्रिया लागू की जाती है तो 6 अगस्त 2020 का परिपत्र लागू होगा। अन्य सभी उधारकर्ताओं के लिए मौजूदा निर्देश जैसा कि अन्यथा लागू है, अभी भी लागू होंगे। हालांकि, यदि कोई संस्था अन्यथा समाधान ढांचे के तहत समाधान के लिए पात्र है, तो महामारी से उत्पन्न दबाव के समाधान के लिए केवल समाधान ढांचे का ही उपयोग किया जा सकता है।

उत्तर. पीपीआई का धारक वह व्यक्ति होता है जो पीपीआई जारीकर्ता से पीपीआई प्राप्त करता/खरीदता है। तथापि, उपहार पीपीआई के मामले में, कोई अन्य इच्छित/लक्षित लाभार्थी, हालांकि वह एक खरीदार नहीं है, भी धारक हो सकता है।

उत्तर. एनईएफटी एक इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर प्रणाली है जिसमें एक विशेष समय तक प्राप्त लेनदेन को बैचों में संसाधित किया जाता है। इसके विपरीत, आरटीजीएस में, लेनदेन को पूरे दिन लेनदेन-दर-लेनदेन के आधार पर लगातार संसाधित किया जाता है।

The Department / Office selected by the applicant, while submitting his/her application through ATS, will receive the application.
उ : ऐसी कंपनी को भारतीय रिजर्व बैंक को, एक फैक्टर बनने या व्यवसाय को पूरी तरह से खोलने के अपने इरादे का एक पत्र और इस आशय का एक रोड मैप प्रस्तुत करना होगा। वित्तीय आस्तियों और आय के दोहरे मानदंडों का अनुपालन करने के बाद ही कंपनी को एनबीएफसी-फैक्टर के रूप में सीओआर प्रदान किया जाएगा। यदि कंपनी बैंक द्वारा विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर अनुपालन नहीं करती है, तो उसे फैक्टरिंग व्यवसाय को खोलना होगा।
एनडीएस-ओएम के संभावित उपयोगकर्ता वे जीएएच है जिन्‍हें रिज़र्व बैंक द्वारा एनडीएस-ओएम वेब आधारित माड्युल का एक्‍सेस करने की अनुमति दी गयी है। अभी तक तो, एनडीएस-ओएम में अपने आर्डर/बिड देने के लिए सीएसजीएल रूट के माध्‍यम से जीएएच को केवल अप्रत्‍यक्ष एक्‍सेस मिला हुआ है। अब, अप्रत्‍यक्ष एक्‍सेस के अलावा, पीएम द्वारा निर्धारित नियंत्रणों के अधीन, अनुमत जीएएच सीधे ही एनडीएस-ओएम वेब प्रणाली पर सौदे कर सकते हैं। एनडीएस-ओएम वेब आधारित माड्युल में जीएएच को एक्‍सेस उसकी ओर से उसके प्राथमिक सदस्‍य द्वारा अनुरोध करने पर दिया जाता है।

उत्तर: जब तक कि खाते के स्वरूप में विशेष रूप से उल्लेख न किया गया हो, और जहां खाताधारक भारत में निवासी व्यष्टि हो, तब ऐसे मामलों में वह भारत में किसी प्राधिकृत व्यापारी के पास विदेशी मुद्रा खाता चालू या बचत या सावधि जमा खाते के रूप में खोल सकता है, रख सकता है अथवा उसे धारित कर सकता है। इसके अलावा अन्य सभी मामलों में ऐसे खाते चालू या सावधि जमा खाते के रूप में होंगे। इस तरह के खाते को खोलने, रखने और धारित करने हेतु पात्र व्यक्ति के नाम पर ऐसा खाता अकेले या संयुक्त रूप से धारित किया जा सकता है।

कोई भी बैंक वसूली के लिए जमा किए गए बाहरी चेकों को स्वीकार करने से इंकार नहीं कर सकता है या अपने उत्पादों को ग्राहकों को प्रस्तुत करने से इनकार नहीं कर सकता है।

उत्तर: “स्थायी रूप से भारत में निवास न करने वाले” अर्थात भारत में किसी विशिष्ट अवधि अथवा विशिष्ट जॉब/ असाइनमेंट, जिसकी अवधि तीन वर्ष से अधिक न हो, में नियोजन के लिए भारत में निवासी व्यक्ति ।

Ans Step-1: The remitter fills in the EFT Application form giving the particulars of the beneficiary (city, bank, branch, beneficiary’s name, account type and account number) and authorises the branch to remit a specified amount to the beneficiary by raising a debit to the remitter’s account. Step-2: The remitting branch prepares a schedule and sends the duplicate of the EFT application form to its Service branch for EFT data preparation. If the branch is equipped with a computer system, data preparation can be done at the branch level in the specified format. Step-3: The Service branch prepares the EFT data file by using a software package supplied by RBI and transmits the same to the local RBI (National Clearing Cell) to be included for the settlement. Step-4: The RBI at the remitting centre consolidates the files received from all banks, sorts the transactions city-wise and prepares vouchers for debiting the remitting banks on Day-1 itself. City-wise files are transmitted to the RBI offices at the respective destination centres. Step-5: RBI at the destination centre receives the files from the originating centres, consolidates them and sorts them bank-wise. Thereafter, bank-wise remittance data files are transmitted to banks on Day 1 itself. Bank-wise vouchers are prepared for crediting the receiving banks’ accounts the same day or next day. Step-6: On Day 1/2 morning the receiving banks at the destination centres process the remittance files transmitted by RBI and forward credit reports to the destination branches for crediting the beneficiaries’ accounts.

उत्तर: एशियाई समाशोधन संघ (एसीयू) के जरि‍ये कि‍ये जाने वाले सभी लेनदेन प्राधि‍कृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों द्वारा अन्य सामान्य वि‍देशी मुद्रा लेनदेनों की तरह ही तदनुरुपी व्यवस्थाओं के माध्यम से किए जाने चाहिए।

डीआईसीजीसी बैंकों को बीमाकृत बैंकों के रूप में पंजीकृत करते समय उन्हें मुद्रित पर्चे प्रदर्शित करने के लिए उपलब्ध कराता है जिसमें बीमाकृत बैकों के जमाकर्ताओं को निगम द्वारा दी जाने वाली बीमा सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जाती है। किसी संदेह की स्थिति में जमाकर्ता इस संबंध में शाखा अधिकारी से पूछताछ कर सकता है।
Authorized dealers can release foreign exchange up to USD 25,000 for a business trip to any country other than Nepal and Bhutan. Release of foreign exchange exceeding USD 25,000 for a travel abroad (other than Nepal and Bhutan) for business purposes, irrespective of period of stay, requires prior permission from Reserve Bank. Visits in connection with attending of an international conference, seminar, specialised training, study tour, apprentice training, etc., are treated as business visits. Visit abroad for medical treatment and/or check up also falls within this category.

उत्तर: भारतीय वित्तीय प्रणाली कोड (आईएफएससी) एक अल्फा-न्यूमेरिक कोड है जो विशिष्ट रूप से एनईएफटी प्रणाली में भाग लेने वाली बैंक-शाखा की पहचान करता है। यह एक 11-अंकीय कोड है जिसमें पहले 4 अल्फा वर्ण बैंक का प्रतिनिधित्व करते हैं, और अंतिम 6 वर्ण शाखा का प्रतिनिधित्व करते हैं। पांचवां वर्ण 0 (शून्य) है। आईएफएसई का उपयोग एनईएफटी प्रणाली द्वारा मूल/गंतव्य बैंकों/शाखाओं की पहचान करने और संबंधित बैंकों/शाखाओं को उचित रूप से संदेश भेजने के लिए किया जाता है।

आवेदक कंपनी अधिनियम, 1956/ कंपनी अधिनियम 2013/ रजिस्ट्रेशन ऑफ कंपनीज़ (सिक्किम) एक्ट, 1961 के तहत पंजीकृत कंपनी होनी चाहिए और उसकी न्यूनतम निवल स्वामित्व निधि (एनओएफ) एकल-शाखा एफएफएमसी लाइसेंस हेतु आवेदन करने के लिए 25 लाख तथा बहु-शाखा एफएफएमसी लाइसेंस हेतु आवेदन करने के लिए 50 लाख होनी चाहिए ।

उ. जो उपयोगकर्ता ईसीएस   क्रेडिट के माध्यम से भुगतान करना चाहते हैं उन्हें किसी अनुमोदित ईसीएस    केन्द्र में हिताधिकारी का विवरण जैसे (नाम,  बैंक / शाखा / हिताधिकारी का खाता संख्या, गंतव्य बैंक शाखा का माइकर कोड, आदि), तथा वह तारीख जिस में हिताधिकारी को क्रेडिट दिया जाना है, को एक  निर्धारित प्रारूप (इनपुट फाइल) में अपने प्रायोजक बैंक को भेजना होता है. भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट में http://www.rbi.org.in/scripts/ECSUser.aspx.  पर ईसीएस   क्रेडिट की सुविधा प्रदान करने वाले केंद्रों की सूची उपलब्ध है.

ईसीएस   केंद्र का प्रबंधन करने वाला बैंक तब प्रायोजक बैंक का खाता निर्धारित दिन को डेबिट करता है और गंतव्य बैंक का खाता क्रेडिट करके गंतव्य बैंक शाखाओं के माध्यम से अन्तिम हिताधिकारी का खाता क्रेडिट करता है.

भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट में ईसीएस   क्रेडिट योजना के बारे में अधिक जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक की वेवसाइट http://www.rbi.org.in/scripts/ECSUser.aspx पर प्राप्त कर सकते हैं.

All Scheduled Commercial Banks, Regional Rural Banks and Scheduled Primary Co-operative Banks are covered under the Scheme.
15 लाख रुपये और उससे अधिक की एकल मीयादी जमाराशि पर भिन्न ब्याज दर दी जा सकती है, लेकिन यदि अलग-अलग जमाराशियों को मिलाकर कुल राशि 15 लाख रुपये से अधिक हो, तो उस स्थिति में भिन्न ब्याज दर नहीं दी जा सकती ।
Non-competitive bids will be allowed upto 5 percent of the notified amount in the specified auctions of dated securities.
Yes. But ADs (banks) should ensure that the funds to be repatriated outside India were either received from abroad or are of repatriable in nature or are permissible in terms of RBI notification No.FEMA.13/2000 dated 3rd May 2000.
Authorised dealers are free to decide the documentation, as also any other information (including declaration), required by them, to satisfy themselves, before effecting the remittance. They should, however, call for the following documents viz. A certificate from a Chartered Accountant certifying that the applicant exporter satisfies the criteria of having export earning of at least Rs.10 lakhs, during each of the preceding two years, The C.A. certificate as at (a) above is not necessary, in case the export earnings prescribed (i.e. minimum Rs.10 lakhs in each of the previous two years), have been realised through the same authorised dealer, through whom the remittance is sought to be made. A Chartered Accountant’s certificate should also be obtained, certifying that the remittance represents advertisement charges incurred by the advertiser towards telecast in foreign countries and not in India alone. The certificate will have to be obtained for each remittance. Authorised dealers should, before allowing the remittances, obtain from the remitter an undertaking and a C.A. certificate in the format as prescribed in the CBDT circular No.10/2002 dated October 9, 2002. [c.f. A.P. (DIR Series) Circular No.56 dated November 26, 2002).
Banks have been allowed to convert the balance in the account at the time of departure of the tourists into foreign currency provided the account has been maintained for a period not exceeding six months and the account has not been credited with any local funds, other than interest accrued thereon.

These guidelines have been notified by Reserve Bank of India in its Notification FEMA No.19 dated 3rd May 2000 as amended from time to time which can be accessed at the Reserve Bank’s website fema.rbi.org.in.

In connection with private visits abroad, viz., for tourism purposes, etc., foreign exchange up to US$10,000, in any one calendar year may be obtained from an authorised dealer. The ceiling of US$10,000 is applicable in aggregate and foreign exchange may be obtained for one or more than one visits provided the aggregate foreign exchange availed of in one calendar year does not exceed the prescribed ceiling of US$10,000 {The facility was earlier called B.T.Q or F.T.S.}. This US$10,000 (BTQ) can be availed of by a person alongwith foreign exchange for travel abroad for any purpose, including for employment or immigration or studies. However, no foreign exchange is available for visit to Nepal and/or Bhutan for any purpose.
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) बड़े पैमाने पर लोगों को मुद्रास्फीति दर्शाता है और इसलिए, वैश्विक रूप में, सीपीआई या रिटेल मूल्य सूचकांक (आरपीआई) का केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रास्फीति लक्ष्य के साथ ही साथ आईआईबी में मुद्रास्फीति सुरक्षा के लिए प्रयोग किया जाता है।

  • भारत में, पूरे भारत का सीपीआई जनवरी 2011 से जारी किया जा रहा है और यह स्थायी होने में कुछ समय लेगा। मौद्रिक नीति अपने मूल्य स्थिरीकरण के लिए डबल्यूपीआई को लक्षित करना जारी रखेगा। उक्त को देखते हुए, आईआईबी में मुद्रास्फीति संरक्षण के लिए डबल्यूपीआई पर विचार करने का निर्णय लिया है।

उत्तर:

ए. फेटर्स (FETERS) के तहत आवश्यक विनियामक रिपोर्टिंग (आर-विवरणी) एसएनआरआर खाते रखने वाले बैंक द्वारा की जाएगी।

बी. एसएनआरआर खाते को धारण करने वाली अनिवासी इकाई के किसी ऑफशोर खाते से एसएनआरआर खाते में/ खाते से किसी भी तरह के क्रेडिट/ डेबिट को एडी बैंक अंतरण प्रक्रिया के तहत रिपोर्ट किया जाएगा।

सी. किसी घरेलू (भारतीय) पक्ष से/को एसएनआरआर खाते से/ खाते में किए जाने वाले किसी भी क्रेडिट/ डेबिट को संबंधित अंतर्निहित लेनदेन (आयात, निर्यात, व्यापार ऋण, सेवाएं, ईसीबी, आदि) के आधार पर रिपोर्ट किया जाएगा।

ध्यान रहे कि एसएनआरआर खाता रखने वाला बैंक इन खातों के संबंध में अपने पास धारित अन्य आईएनआर वोस्ट्रो खातों पर लागू रिपोर्टिंग प्रक्रिया के समान ही रिपोर्टिंग प्रक्रिया का अनुपालन करेगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कृपया ‘आर-विवरणियों का समेकन : फेटर्स के तहत रिपोर्टिंग’ विषय पर जारी दिनांक 20 मार्च 2019 के ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 25 का भी संदर्भ लें।

सामान्यत: नकद राशि‍ प्रस्तुत करने संबंधी चालान की रसीद काउंटर पर वि‍प्रेषणकर्ता को तुरंत उपलब्ध करा दी जाती है। चेक/डीडी से भुगतान कि‍ए जाने पर स्थानीय समाशोधन गृह के समाशोधन चक्र के आधार पर लिखतों की वसूली (रि‍यलाइलेशन) होने पर ही रसीदी चालान जारी कि‍ए जाते हैं। ऐसे सभी मामलों में जमाकर्ता को पेपर टोकन जारी कि‍या जाता है, जि‍समें रसीदी चालान सुपुर्दगी की तारीख दर्शाई जाती है। रसीदी चालान, पेपर टोकन में दर्शाई गई तारीख के अनुसार सुपुर्दगी की तारीख से निर्धारित दिनों के भीतर पेपर टोकन को जमा (सरेंडर) कर प्राप्त कर लेना चाहि‍ए।
अल्पावधि उधार का अर्थ है एक वर्ष से कम अवधि तक परिपक्वता काल का उधार लेना।
पात्र निवेशक सीधे भाग नहीं ले सकते, उन्हें एक एग्रीगेटर/ फेसिलिटेटर के माध्यम से आना होगा।

उत्तर: "प्रायोजन" का अर्थ एनबीएफसी द्वारा आईडीएफ के 30 से 49% के बीच इक्विटी भागीदारी है।

3.5 प्रतिशत की स्वैप लागत को स्वैप की अवधि के लिए छमाही अंतरालों पर अभिकलित किया जाएगा।
जी नहीं, भारत सरकार की दिनांक 10 अगस्त, 2019 की अधिसूचना के अनुसार निर्देशों का पालन करते हुए पीसीजी योजना के तहत कवर किए गए लेनदेन और यहां दिए गए स्पष्टीकरणों को सही बिक्री मानदंडों को पूरा करने वाला माना जाएगा और मूल एनबीएफसी/एचएफसी को वे मामलें जहां मूल एनबीएफसी/एचएफसी ऋण वृद्धि प्रदान करता है, को छोड़कर खरीददार पीएसबी को पूल की गई संपत्ति के हस्तांतरण के बाद किसी भी पूंजी को बनाए रखने की आवश्यकता नहीं होगी।

विनिर्दिष्ट बैंक नोट (देयताओं की समाप्ति) अधिनियम 2017 के अनुसार, ऐसे निवासी तथा अनिवासी भारतीय नागरिकों (भारतीय पासपोर्ट आवश्यक) के लिए, जो 10 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 तक उक्त अवधि के दौरान भारत में उपस्थित नहीं होने के कारण इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सके, को विनिर्दिष्ट बैंक नोटों के विनिमय की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। यह सुविधा भारतीय रिजर्व बैंक के पाँच कार्यालयों मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता तथा नागपुर में निवासियों के लिए 02 जनवरी, 2017 से 31 मार्च, 2017 तक खुली थी तथा एनआरआई के लिए 02 जनवरी, 2017 से 30 जून, 2017 तक खुली रहेगी । इस धारा में निहित टिप्पण भी अदालत में लंबित किसी भी मामले के संबंध में न्यायालय के निर्देश पर किसी भी व्यक्ति को निर्दिष्ट बैंक नोटों को धारित करने के लिए प्रतिबंधित करेगा ।

इस सुविधा का लाभ केवल व्यक्तिगत क्षमता में तथा अवधि के दौरान एक बार ही उठाया जा सकता है । इस सुविधा के तहत तृतीय पक्ष जमाकर्ता को अनुमति नहीं है ।

यह सुविधा नेपाल, भूटान, पाकिस्तान तथा बांग्लादेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध नहीं होगी।

इस योजना के नियमों / शर्तों तथा इसके प्रकार का विवरण दिनांक 31 दिसंबर, 2016 के हमारे परिपत्र डीसीएम (आयो) सं. 2170/10.27.00/2016-17 में उपलब्ध हैं ।

निवासी भारतीयों तथा एनआरआई (भारतीय पासपोर्ट रखने वाले) के लिए निविदा फार्म का लिंक यहाँ उपलब्ध है ।

उत्तर : हां, भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं से जुटाए गए ईसीबी और ट्रेड क्रेडिट को एएससीएल में गिना जाएगा।

उत्तर

'आहरभूत बचत बैंक जमा खाता' के धारक उस बैंक में कोई अन्य बचत खाता खोलने के पात्र नहीं होंगे। यदि किसी ग्राहक का उस बैंक में कोई अन्य मौजूदा बचत खाता है, तो उसे 'आधारभूत बचत बैंक जमा खाता' खोलने की तारीख से 30 दिनों के भीतर इसे बंद करना होगा।

सीमा पारीय लेनदेन संबंधी आंकड़ा जो विदेशी घटक और घरेलू घटक से मिलकर बना है, घरेलू घटक की एक प्रति भी विदेशों में संग्रहीत की जा सकती है, यदि आवश्यक हो।
उत्तर: नहीं। यह सुविधा अधिग्रहणकर्ता बैंकों (यानी वे बैंक जो पीओएस टर्मिनल तैनात करते हैं) द्वारा निर्दिष्ट व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर उचित सत्यापन की प्रक्रिया के बाद उपलब्ध कराई जाती है। निर्दिष्ट व्यापारिक प्रतिष्ठानों को ग्राहक द्वारा देय शुल्क, यदि कोई हो, के साथ इस सुविधा की उपलब्धता को स्पष्ट रूप से इंगित/प्रदर्शित करना होगा।

उत्तर: किसी के द्वारा अर्जित विदेशी मुद्रा की 100 प्रतिशत राशि विदेशी मुद्रा अर्जक विदेशी मुद्रा खाते में जमा की जा सकती है बशर्ते उक्त खाते में कैलेण्डर माह के दौरान उपचित कुल राशि में से अनुमोदित प्रयोजनों या वायदा प्रतिबध्दताओं की राशि को समायोजित कर बची हुई शेष राशि अनुवर्ती माह के अंतिम दिन या उससे पूर्व रुपए में परिवर्तित की जाए ।

नोस्ट्रो खाते का मतलब विदेश में मौजूद उस बैंक खाते से है जिसे आम तौर पर लेनदेनों को अंजाम देने की दृष्टि से उसी देश की मुद्रा में रखा जाता है। उदाहरणार्थ, अधिकांश प्रतिनिधि बैंक अमरीकी डॉलर में अंतर-बैंक लेनदेन और ग्राहकों के लेनदेनों के निपटान के लिए यूएसए स्थित अपने प्रतिनिधि बैंकों के पास अमरीकी डॉलर में खाते रखते हैं।
एडीएफ प्राप्त करने के लिए किसी विशिष्ट दृष्टिकोण की सिफारिश नहीं की गई है क्योंकि विभिन्न बैंक आईटी और प्रक्रिया परिपक्वता के विभिन्न स्तरों पर हैं। तथापि, एडीएफ पर दृष्टिकोण पत्र स्पष्ट रूप से एडीएफ के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए सामान्य अंत स्थिति को स्पष्ट करता है।
आवेदन तथा जमा राशि किसी भी बैंकिंग कंपनी (सहकारी बैंकों को छोडकर) जिस पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 [1949 का 10] लागू है (प्राधिकृत बैंक) द्वारा स्वीकार किया जाएगा।

उत्तर: निवेशयोग्य फंड का तात्पर्य है एनबीएफसी-पी2पी के व्यवसाय में लगाई गई पूंजी और व्यवसाय से प्राप्त अधिशेष। इसमें उधारदाताओं और उधारकर्ताओं की निधियाँ शामिल नहीं हैं जो एस्क्रो खातों के माध्यम से आदान-प्रदान की जाती हैं। प्लेटफॉर्म का उपयोग करके ऋण दिये गए/लिए गए ग्राहकों की निधि का उपयोग प्लेटफॉर्म द्वारा नहीं किया जा सकता।

As per Clause 8 of the Scheme, the NBFC Ombudsman can receive and consider any complaint on the following grounds:non-payment or inordinate delay in the payment of interest on deposits;non-adherence to the Reserve Bank directives, if any, applicable to rate of interest on deposits;non-repayment or inordinate delay in the repayment of deposits;non-presentation or inordinate delay in the presentation of post-dated cheques provided by the customer;failure to convey in writing, the amount of loan sanctioned along with terms and conditions including annualised rate of interest and method of application thereof;failure or refusal to provide sanction letter/ terms and conditions of sanction in vernacular language or a language as understood by the borrower;failure or refusal to provide adequate notice on proposed changes being made in sanctioned terms and conditions in vernacular language as understood by the borrower;failure or inordinate delay in releasing the securities/ documents to the borrower on repayment of all dues;levying of charges without adequate prior notice to the borrower/customer;failure to provide legally enforceable built-in repossession clause in the contract/ loan agreement;failure to ensure transparency in the contract/ loan agreement regarding (i) notice period before taking possession of security; (ii) circumstances under which the notice period can be waived; (iii) the procedure for taking possession of the security; (iv) provision of final chance to be given to the borrower for repayment of loan before the sale/ auction of the security; (v) the procedure for giving repossession to the borrower and (vi) the procedure for sale/ auction of the security;non-observance of directions issued by Reserve Bank to the NBFCs;non-adherence to any of the other provisions of Reserve Bank Guidelines on Fair Practices Code for NBFCs.The Ombudsman may also deal with such other matter as may be specified by the Reserve Bank from time to time.

उत्तर: एलओ को छोड़कर किसी विदेशी इकाई के बीओ/ पीओ को अपने खुद के उपयोग के लिए संपत्ति अर्जित करने तथा अनुमत/ प्रासंगिक क्रियाकलाप करने की अनुमति है लेकिन वे उस संपत्ति को पट्टे पर अथवा किराए पर नहीं दे सकते हैं। तथापि पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, ईरान, नेपाल, भूटान, चीन, हांगकांग तथा मकाऊ की इकाइयों को बीओ/पीओ के लिए भारत में अचल संपत्ति अर्जित करने के लिए रिज़र्व बैंक से पूर्वानुमोदन प्राप्त करना आवश्यक है। बीओ/ एलओ/ पीओ को इस शर्त पर पट्टे पर ली गई संपत्ति से अनुमत/ प्रासंगिक कार्यकलाप करने की सामान्य अनुमति है कि पट्टे की अवधि पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी।

  • हाँ, 1.5% की नियत दर आधार के रूप में होगी, जिसका अर्थ है कि प्रति वर्ष 1.5% की ब्याज दर की गारंटी है यदि उस समय अपस्फीति है।

  • उदाहरण के लिए, यदि मुद्रास्फीति दर (-) 5% है, तो ब्याज दर सामान्य गणना से (-)3.5% होना चाहिए। परंतु कुछ मामलों में, नकारात्मक मुद्रास्फीति को नहीं माना जाएगा और निवेशकों को 1.5% की नियत दर प्राप्त होगी (कृपया 23 पर उदाहरण 2 देंखें)।

उत्तर. बैंक, गैर-बैंकों को उनके भुगतान और निपटान की जरूरतों के लिए सेवाएं प्रदान करते रहे हैं।

उत्तर. किसी प्रतिभूति के दृष्टिबंधक द्वारा समर्थित ऋण को सूक्ष्मवित्त ऋण नहीं माना जाएगा।
हाँ। परंतु प्राधिकृत व्यापारी (बैंक) सुनिश्चित करें कि भारत से बाहर वापिस ले जाने वाली निधि विदेशी से प्राप्त निधि हो अथवा प्रत्यावर्तनीय स्वरूप की हो अथवा भारतीय रिज़र्व बैंक की दिनांक 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. पॅेमा.13/2002 के अनुसार अनुमत हों।
चयन/निष्कासन/योग्यता आदि की प्रक्रिया से संबंधित प्रावधान शाखा मॉडल के तहत संचालित विदेशी बैंकों (एफबीओबीएम) पर पूरी तरह से लागू होंगे। हालांकि, एफबीओबीएम के संबंध में चयन प्रक्रिया का ब्यौरा देने वाले उपर्युक्त परिपत्र के पैरा 2.5 के अनुसार बोर्ड को दिए गए किसी भी संदर्भ को क्षेत्रीय अथवा प्रधान कार्यालय अनुपालन के समकक्ष माना जाएगा। इसके अलावा, रिपोर्टिंग लाइन के विवरण संबंधी पैरा 2.7 के संदर्भ में, बोर्ड/एसीबी के किसी भी संदर्भ को एफबीओबीएम के मामले में क्षेत्रीय या प्रधान कार्यालय अनुपालन के समकक्ष माना जाएगा।
उत्तर. नहीं, जिन मामलों में विप्रेषक और लाभार्थी दोनों व्यक्ति हैं उनमें ग्राहक लेनदेन के लिए एलईआई की आवश्यकता नहीं है । जहां कोई एक अथवा दोनों पक्ष गैर-व्यक्ति हैं, वहां लेनदेन के लिए एलईआई की आवश्यकता होगी ।

As per Clause 8 of the Scheme, the Ombudsman for Digital Transactions shall receive and consider complaints on deficiency in services against System Participants defined in the Scheme on any of the following grounds:

4.(1) Prepaid Payment Instruments: Non-adherence to the instructions of Reserve Bank by System Participants about Prepaid Payment Instruments1 on any of the following:

  1. Failure in crediting merchant's account within reasonable time;

  2. Failure to load funds within reasonable time in wallets / cards;

  3. Unauthorized electronic fund transfer;

  4. Non-Transfer / Refusal to transfer/ failure to transfer within reasonable time, the balance in the Prepaid Payment Instruments to the holder’s ‘own’ bank account or back to source at the time of closure, expiry of validity period etc., of the Prepaid Payment Instrument;

  5. Failure to refund within reasonable time / refusal to refund in case of unsuccessful / returned / rejected / cancelled / transactions;

  6. Non-credit / delay in crediting the account of the Prepaid Payment Instrument holder as per the terms and conditions of the promotions offer(s) from time to time, if any;

  7. Non-adherence to any other instruction of the Reserve Bank on Prepaid Payment Instruments.

उत्तर: ट्रेड्स में खरीदार के रूप में कॉर्पोरेट्स, सरकारी विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और अन्य कोई संस्था भाग ले सकती है।

कोविड-19 से संबंधित दबाव के लिए समाधान ढांचे पर 6 अगस्त 2020 को जारी परिपत्र के तहत समाधान के लिए पात्र उधारकर्ताओं हेतु, यदि परिपत्र के तहत समाधान प्रक्रिया लागू की जाती है तो 6 अगस्त 2020 का परिपत्र लागू होगा। अन्य सभी उधारकर्ताओं के लिए मौजूदा निर्देश जैसा कि अन्यथा लागू है, अभी भी लागू होंगे। हालांकि, यदि कोई संस्था अन्यथा समाधान ढांचे के तहत समाधान के लिए पात्र है, तो महामारी से उत्पन्न दबाव के समाधान के लिए केवल समाधान ढांचे का ही उपयोग किया जा सकता है।

उत्तर: वित्तीय लेनदेन के अलावा, कार्डधारक द्वारा शुरू की गई कोई भी प्रक्रिया जैसे स्टेटमेंट तैयार करना, पिन बदलना, लेनदेन नियंत्रण में बदलाव आदि, कार्ड को 'इस्तेमाल किया हुआ' माना जाएगा। हालाँकि, ऊपर बताए गए कारणों के अलावा अन्य कारणों से ग्राहक सेवा केंद्र पर की गई किसी भी कॉल को कार्ड का 'इस्तेमाल किया हुआ' नहीं माना जाएगा।

उत्तर: हॉं. बैंकों को डीईए निधि में स्थानांतरण की तिथि पर अर्जित ब्याज सहित संपूर्ण राशि हस्तांतरित करना आवश्यक

उत्तर: उपयोगकर्ता को अपना नाम और मोबाइल नंबर प्रदान करके पोर्टल पर पंजीकरण करना आवश्यक है।

(पोर्टल पर उपलब्ध उपयोगकर्ता मैनुअल (https://udgam.rbi.org.in/unclaimed-deposits/#/login) में पोर्टल पर पंजीकरण और उपयोग की विस्तृत प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।)

     (क) व्यक्तिगत: व्यक्तिगत श्रेणी में अदावी जमाराशियों की खोज के लिए, उपयोगकर्ता को खाताधारक का नाम, बैंक का नाम (एक या अधिक बैंकों का चयन किया जा सकता है) और पांच इनपुट में से कोई एक या अधिक इनपुट प्रदान करना होगा, अर्थात, स्थायी खाता संख्या (पैन), ड्राइविंग लाइसेंस नंबर, वोटर आईडी नंबर, पासपोर्ट नंबर और खाताधारक की जन्मतिथि।

     (ख) गैर-व्यक्तिगत: गैर-व्यक्तिगत श्रेणी में अदावी जमाराशियों की खोज के लिए, उपयोगकर्ता को संस्था का नाम, बैंक का नाम (एक या अधिक बैंकों का चयन किया जा सकता है) और चार इनपुट में से कोई एक या अधिक इनपुट प्रदान करना होगा। अर्थात, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम, स्थायी खाता संख्या (पैन), कॉर्पोरेट पहचान संख्या (सीआईएन) और निगमन की तिथि।  

अगर उपर्युक्त में से कोई भी जानकारी उपलब्ध न हो, उपयोगकर्ता खोज करने के लिए ऊपर उल्लिखित इन इनपुट के स्थान पर खाताधारक अथवा संस्था का पता (जैसा भी मामला हो) टाइप कर सकता है।

 

सरकारी प्रति‍भूति अधि‍नि‍यम और सरकारी प्रति‍भूति वि‍नि‍यम 1 दि‍सम्बर 2007 से लागू हुए है । सरकारी प्रतिभूति अधिनियम केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा निर्मित और जारी की गई प्रति‍भूतियों पर लागू होता है, चाहे वह इस अधि‍नि‍यम को लागू करने के पहले या बाद में जारी की गई हो । सरकारी प्रतिभूति अधिनियम सभी सरकारी प्रति‍भूति‍यां, जो 1 दि‍संबर 2007 के पूर्व निर्मित और जारी की है, पर भी लागू होता है ।
It is not necessary that individual alongwith his related parties have shareholding in the NOFHC. However, if any individual belonging to the Promoter Group chooses to become a promoter of the NOFHC, he along with his relatives (as defined in Section 6 of the Companies Act 1956) and along with entities in which he and / or his relatives hold not less than 50 per cent of the voting equity shares can hold voting equity shares not exceeding 10 per cent of the total voting equity shares of the NOFHC. [para 2 ( C ) (ii) (a) of the guidelines]
विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंध अधिनियम, 1999 में दी गई परिभाषा के अनुसार कोई भी निवासी भारतीय इसमें निवेश कर सकता है। इसमें व्‍यक्ति, हिंदू अविभक्‍त परिवार, ट्रस्‍ट, विश्‍वविद्यालय, धर्मादाय संस्‍थाएं आदि भी शामिल हैं। आवासीय स्थिति में निवासी से अनिवासी के आगामी परिवर्तन के साथ व्यक्तिगत निवेशक प्रारंभिक मोचन / परिपक्वता तक एसजीबी को रख सकते हैं।

उत्तर: जिस निवेशक ने एलआरएस के तहत धन प्रेषित किया है, वह योजना के तहत किए गए अपने निवेश से अर्जित आय को बनाए रख सकता है और उसका पुनर्निवेश कर सकता है। हालांकि, प्राप्त की गई /वसूल की गई/ खर्च न हुई/ अप्रयुक्त विदेशी मुद्रा का जब तक कि पुनर्निवेश नहीं किया जाता है, ऐसी प्राप्ति /वसूली /खरीद / अधिग्रहण की तिथि या उसके भारत लौटने की तारीख, जैसा भी मामला हो, से 180 दिनों की अवधि के भीतर प्रत्यावर्तित करते हुए उसे प्राधिकृत व्यक्ति के पास जमा किया जाएगा।

इसके अलावा, पारदेशीय निवेश नियमावली और विनियमावली, 2022 के तहत किए जाने वाले निवेश के संबंध में किसी भी अतिरिक्त प्रत्यावर्तन अपेक्षा हेतु उपर्युक्त शर्तों का पालन किया जाए।

उत्तर: क्रेडिट कार्ड का उपयोग पीओएस टर्मिनलों / ई-कॉमर्स (ऑनलाइन खरीद) में माल और सेवाओं की खरीदारी के लिए किया जाता है । इन कार्डों का उपयोग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जा सकता है (बशर्ते वे अंतरराष्ट्रीय उपयोग के लिए सक्षम किए गए हों)। क्रेडिट कार्ड का उपयोग निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन एटीएम से अग्रिम नकद आहरण के लिए भी किया जा सकता है।

बैंकों को 30 सितंबर 2012 से केवल सीटीएस 2010 मानक के अनुरूप चेक जारी करने की सलाह दी गई है। पहले, गैर-सीटीएस चेकों के लिए अलग-अलग समाशोधन सत्र होते थे। हालांकि, उन्हें 31 दिसंबर 2018 से बंद कर दिया गया था। वर्तमान में, सीटीएस में गैर-सीटीएस चेक प्रस्तुत नहीं किए जा सकते हैं। बैंक को ग्राहकों से गैर-सीटीएस चेक वापस लेने की सलाह दी गई है। हालांकि, गैर-सीटीएस चेक परक्राम्य लिखत के रूप में मान्य रहेंगे।

हाँ, सरफेसी अधिनियम, 2002 की धारा 13 (4) के अंतर्गत चल और अचल दोनों प्रतिभूति आस्तियां, जिस पर चल संपत्ति के मामले में प्रतिभूति (प्रवर्तन) नियम 2002 के नियम 3 (1) अथवा नियम 6 (2) और अचल संपत्ति के मामले में नियम 8 (2) के अनुसार पहले से ही समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित हो चुकी है, ऐसी प्रतिभूति आस्तियों को आरई की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाना चाहिए।

प्रेषण प्राप्त करने और भेजने के लिए भारत के बैंकों, उनके यूपीआई हैंडल और के लिए प्लेटफॉर्म निम्नानुसार सारणीबद्ध हैं:

प्रेषण प्राप्त करना प्रेषण भेजना
बैंक सक्षम किए गए यूपीआई हैंडल फीचरिंग ऐप बैंक एप्स/इंटरनेट बैंकिंग
एक्सिस बैंक @axisbank एक्सिस पे आईसीआईसीआई बैंक इंटरनेट बैंकिंग
डीबीएस बैंक इंडिया @dbs डीबीएस डिजीबैंक इंडियन बैंक मोबाइल ऐप (इंडओएसिस)
आईसीआईसीआई बैंक @icici आईसीआईसी आईमोबाइल इंडियन ओवरसीज बैंक इंटरनेट बैंकिंग
इंडियन बैंक @indianbank इंडओएसिस
इंडियन ओवरसीज बैंक @iob भीम आईओबी पे भारतीय स्टेट बैंक मोबाइल एप (भीम एसबीआई पे)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया @sbi भीम एसबीआई पे
जी हाँ। जनसाधारण ₹2000/- बैंकनोट का उपयोग अपने लेन-देन तथा भुगतान प्राप्त करने के लिए करते रहेंगे। लेकिन, उन्हें इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जाता है कि वे इन बैंकनोटों को 30 सितंबर, 2023 को या उससे पहले जमा कर दें/अथवा बदल लें।

उत्तर: नहीं, आवश्यक नहीं है।

उत्तर: नहीं, यह अनिवार्य नहीं है। हालांकि, यह आदर्श होगा कि लाभार्थी नेपाल में एक बैंक शाखा के साथ एक खाता रखे जिसमें क्रेडिट किया जा सके। नेपाल में, आईएनआरएफ योजना नेपाल एसबीआई लिमिटेड (एनएसबीएल) द्वारा नियंत्रित की जाती है। यदि लाभार्थी का एनएसबीएल में बैंक खाता नहीं है या वह नेपाल में ऐसे स्थान/क्षेत्र में रहता है जहां एनएसबीएल बैंक की शाखा नहीं है, तो एनएसबीएल द्वारा नेपाल में मनी ट्रांसफर कंपनी (जिसे प्रभु मनी ट्रांसफर कहा जाता है) के साथ एक व्यवस्था की गई है जो लाभार्थी को नकद (नेपाली रुपये में) देने की व्यवस्था करेगा।

उत्तर. संपर्की बैंक का यह दायित्व होगा कि वह अनिवासी समकक्ष के लिए एल.ई.आई. प्राप्त करें। तथापि, वे उक्त परिपत्र के पैरा 2 में निहित निर्देश का संदर्भ लें।

उत्तर: (ए) यह ढांचा आरई द्वारा 01 जून, 2023 को या उसके बाद जुटाई गई हरित जमाराशि के लिए लागू है।

(बी) आरई ऐसा नहीं कर सकते कि पहले हरित गतिविधियों/परियोजनाओं को वित्तपोषित करेंऔर उसके बाद हरित जमाराशि जुटाएँ।

उत्तर: इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्‍लेटफार्म (ईटीपी) का आशय है मान्‍यता प्राप्‍त स्‍टॉक एक्‍सचेंज के अलावा कोई भी इलेक्‍ट्रॉनिक प्रणाली जिस पर पात्र लिखतों यथा प्रतिभूतियों, मुद्रा बाजार लिखतों, विदेशी मुद्रा लिखतों, डेरिवेटिव, आदि की संविदा की जाती है। भारतीय रिज़र्व बैंक से इलेक्‍ट्रानिक ट्रेडिंग प्‍लेटफार्म (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2018 के तहत पहले से प्राधिकार लिए बिना कोई भी प्रतिष्‍ठान ईटीपी का परिचालन नहीं करेगा। प्राधिकृत ईटीपी की सूची यहां उपलब्‍ध है।

भारतीय रिज़र्व बैंक से प्राधिकार लिए बिना ही ईटीपी का परिचालन करने और धन संग्रह को प्रत्‍यक्ष/अप्रत्‍यक्ष रूप से भारत के बाहर भुगतान करने /प्रेषित करने वाले निवासी व्‍यक्ति स्‍वयं को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 और धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 सहित विद्यमान कानूनों और विनियमों के तहत दंडात्‍मक कार्रवाई का भागी बना लेगें।

संस्था के मौजूदा एससीए/एसए (संयुक्त लेखा परीक्षकों के रूप में भी) अपना कार्य केवल तभी जारी रख सकते हैं यदि वे पात्रता मानदंड को पूरा करते हैं और जिन्होंने संस्था के एससीए/एसए के रूप में तीन साल के निर्धारित कार्यकाल को पूरा नहीं किया है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए एससीए/एसए की नियुक्ति तक, परिपत्र की आवश्यकताओं और लागू संविधिक प्रावधानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 के लिए एससीए/एसए प्रथम तिमाही, द्वितीय तिमाही, आदि, हेतु सीमित समीक्षा के लिए जारी रह सकते हैं।
उत्तर: कार्ड धारक टोकन अनुरोधकर्ता द्वारा प्रदान किए गए ऐप पर एक अनुरोध करके कार्ड को टोकनयुक्त कर सकता है। टोकन अनुरोधकर्ता इस अनुरोध को कार्ड नेटवर्क को अग्रेषित करेगा, जो कार्ड जारीकर्ता की सहमति से, कार्ड, टोकन अनुरोधकर्ता और उपकरण के संयोजन के अनुरूप टोकन जारी करेगा।

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 11, 2022

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