पूर्वदत्त भुगतान लिखतों (पीपीआई)
उत्तर. भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (पीएसएस अधिनियम) की धारा 10(2) के साथ पठित धारा 18 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आरबीआई ने यह मास्टर निदेश जारी किया है।
उत्तर. पीपीआई बैंकों और गैर-बैंकों द्वारा जारी किए जा सकते हैं। बैंक आरबीआई से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद पीपीआई जारी कर सकते हैं। गैर-बैंक पीपीआई जारीकर्ता भारत में निगमित और कंपनी अधिनियम, 1956/2013 के तहत पंजीकृत कंपनियां हैं। वे आरबीआई से प्राधिकरण प्राप्त करने के बाद व्यक्तियों/संगठनों को पीपीआई जारी करने के लिए भुगतान प्रणाली का परिचालन कर सकते हैं।
उत्तर. पीपीआई का धारक वह व्यक्ति होता है जो पीपीआई जारीकर्ता से पीपीआई प्राप्त करता/खरीदता है। तथापि, उपहार पीपीआई के मामले में, कोई अन्य इच्छित/लक्षित लाभार्थी, हालांकि वह एक खरीदार नहीं है, भी धारक हो सकता है।
उत्तर. पीपीआई जारीकर्ताओं की सूची आरबीआई की वेबसाइट पर https://www.rbi.org.in/Scripts/bs_viewcontent.aspx?Id=2491 (बैंक-पीपीआई जारीकर्ता) और https://www.rbi.org.in/Scripts/PublicationsView.aspx?id=12043 (गैर-बैंक पीपीआई जारीकर्ता) लिंक के तहत उपलब्ध है।
उत्तर. पीपीआई जिन्हें जारी करने से पहले आरबीआई के अनुमोदन / प्राधिकरण की आवश्यकता होती है, उन्हें दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:
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ए. लघु पीपीआई (अथवा न्यूनतम-विवरण पीपीआई) : ये पीपीआई बैंकों और गैर-बैंकों द्वारा पीपीआई धारक के न्यूनतम विवरण प्राप्त करने के बाद जारी किए जाते हैं। इन पीपीआई का उपयोग स्पष्ट रूप से पहचाने गए व्यापारी स्थानों / प्रतिष्ठानों के समूह में वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए किया जा सकता है, जिनका जारीकर्ता (अथवा भुगतान एग्रीगेटर / भुगतान गेटवे के माध्यम से अनुबंध) के साथ पीपीआई को भुगतान लिखतों के रूप में स्वीकार करने के लिए एक विशिष्ट अनुबंध है। ऐसे पीपीआई से निधियों के अंतरण अथवा नकद आहरण की अनुमति नहीं है।
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बी. पूर्ण-केवाईसी पीपीआई : पीपीआई धारक के संबंध में अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) पूरा करने के बाद बैंकों और गैर-बैंकों द्वारा ये पीपीआई जारी किए जाते हैं। इन पीपीआई का उपयोग वस्तुओं और सेवाओं की खरीद, निधियों के अंतरण अथवा नकद आहरण के लिए किया जा सकता है।
उत्तर. लघु पीपीआई दो प्रकार के हो सकते हैं:
ए. ₹10,000/- तक के पीपीआई (नकद लोडिंग की सुविधा के साथ)। इन पीपीआई को 24 महीने के भीतर पूर्ण-केवाईसी पीपीआई में परिवर्तित करना होगा।
बी. ₹10,000/- तक के पीपीआई (नकद लोडिंग सुविधा के बिना)।
उत्तर. दोनों प्रकार के लघु पीपीआई में न्यूनतम विवरण एक समान हैं और ये इस प्रकार हैं:
ए. वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) से सत्यापित मोबाइल नंबर; तथा
बी. केवाईसी पर आरबीआई के मास्टर निदेश में इस उद्देश्य के लिए सूचीबद्ध किसी भी अनिवार्य दस्तावेज अथवा आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज (ओवीडी) अथवा किसी भी नाम से सूचीबद्ध इस तरह के किसी भी दस्तावेज में नाम और विशिष्ट पहचान /पहचान संख्या की स्व-घोषणा। अनिवार्य दस्तावेज/ओवीडी की वर्तमान सूची में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान कार्ड, नरेगा जॉब कार्ड, आधार संख्या होने का प्रमाण और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर द्वारा जारी पत्र शामिल हैं।
उत्तर. दोनों प्रकार के लघु पीपीआई पुनः लोड करने योग्य हैं और इनका उपयोग केवल वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए किया जाएगा। उनकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
₹10,000/- तक के पीपीआई (नकद लोडिंग सुविधा के साथ):
ए) किसी भी माह के दौरान लोड की गई राशि ₹10,000/- से अधिक नहीं होगी;
बी) वित्तीय वर्ष के दौरान लोड की गई कुल राशि ₹1,20,000/- से अधिक नहीं होगी;
सी) किसी भी समय बकाया राशि ₹10,000/- से अधिक नहीं होगी;
डी) किसी भी महीने के दौरान डेबिट की गई कुल राशि ₹10,000/- से अधिक नहीं होगी;
ई) पीपीआई 24 महीने के भीतर पूर्ण-केवाईसी पीपीआई में परिवर्तित किए जाएंगे; तथा
एफ) लोडिंग / पुनः लोडिंग नकद अथवा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हो सकेगी।
₹10,000/- तक के पीपीआई (नकद लोडिंग सुविधा के बिना):
ए) किसी भी माह के दौरान लोड की गई राशि ₹10,000/- से अधिक नहीं होगी;
बी) वित्तीय वर्ष के दौरान लोड की गई कुल राशि ₹1,20,000/- से अधिक नहीं होगी;
सी) किसी भी समय बकाया राशि ₹10,000/- से अधिक नहीं होगी;
डी) लोडिंग/पुनः लोडिंग बैंक खाते/क्रेडिट कार्ड/पूर्ण-केवाईसी पीपीआई से होगी; तथा
ई) 24 दिसंबर 2019 को मौजूदा लघु पीपीआई (नकद लोडिंग सुविधा के साथ) को, पीपीआई धारक द्वारा चाहने पर, ऐसे पीपीआई में परिवर्तित किया जा सकता है।
उत्तर. 'पूर्ण-केवाईसी' पीपीआई की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
ए. इनकी प्रकृति पुनः लोड करने योग्य होगी;
बी. बकाया राशि किसी भी समय ₹2,00,000/- से अधिक नहीं होगी;
सी. एक महीने के दौरान कुल क्रेडिट अथवा डेबिट के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है; तथा
डी. उनका उपयोग वस्तुओं और सेवाओं की खरीद, नकद आहरण और निधियों के अंतरण के लिए किया जा सकता है।
Ans. In case of non-bank issued PPIs, cash withdrawal is permitted upto a limit of ₹ 2,000/- per transaction within an overall monthly limit of ₹ 10,000/- per PPI across all channels (agents, ATMs, PoS devices, etc.).
उत्तर. उपर्युक्त पीपीआई के अलावा, पीपीआई की निम्नलिखित दो श्रेणियां हैं:
ए. उपहार पीपीआई; तथा
बी. मास ट्रांजिट सिस्टम के लिए पीपीआई (पीपीआई-एमटीएस)।
उत्तर. उपहार पीपीआई की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
ए. ऐसे प्रत्येक पूर्वदत्त उपहार लिखत का अधिकतम मूल्य ₹10,000/- से अधिक नहीं होगा;
बी. ये पुनः लोड करने योग्य नहीं होंगे;
सी. कैश-आउट अथवा निधि अंतरण की अनुमति नहीं होगी। तथापि, पीपीआई धारक की सहमति प्राप्त करने के बाद निधि को 'स्रोत खाते को वापस' (वह खाता जहां से उपहार पीपीआई लोड किया गया था) अंतरित किया जा सकता है;
डी. पीपीआई धारक द्वारा अनुरोध किए जाने पर पुन: सत्यापित किया जाएगा (जिसमें नए लिखत जारी किए जाने के माध्यम से, शामिल है); तथा
ई. उपहार पीपीआई का उपयोग करने वाले लेनदेन के लिए प्रमाणीकरण का अतिरिक्त कारक (एएफए) / दो कारक प्रमाणीकरण (2एफए) अनिवार्य नहीं है।
उत्तर. पीपीआई-एमटीएस की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
ए. ये पीपीआई एमटीएस परिचालकों द्वारा जारी किए जाते हैं;
बी. एमटीएस के अलावा, इन पीपीआई का उपयोग केवल उन व्यापारियों के पास किया सकता है जिनकी गतिविधियां ट्रांजिट सिस्टम के परिसर में की जाती हो अथवा उससे संबद्ध/संबंधित हो;
सी. इनकी प्रकृति पुनः लोड करने योग्य होती है;
डी. अधिकतम बकाया राशि किसी भी समय ₹3,000/- से अधिक नहीं हो सकती;
ई. कैश-आउट अथवा रिफंड अथवा निधि अंतरण की अनुमति नहीं है;
एफ. पीपीआई धारक द्वारा कभी भी अनुरोध किए जाने पर पुन: सत्यापित किया जाएगा (जिसमें नए लिखत जारी करने के माध्यम से, शामिल है); तथा
जी. ऐसे पीपीआई के उपयोग से होने वाले लेनदेनों के लिए एएफए / 2एफए अनिवार्य नहीं है।
उत्तर. केवाईसी का अर्थ एमडी-पीपीआई के पैरा 6 में दी गई परिभाषा के अनुसार है। आरबीआई के विनियमन विभाग (डीओआर) द्वारा "मास्टर निदेश - अपने ग्राहक को जानिए निदेश, 2016" में जारी केवाईसी/धन-शोधन निवारण (एएमएल)/आतंकवाद के लिए वित्तपोषण का मुकाबला (सीएफटी) करने संबंधी दिशानिर्देश अन्य बातों के साथ साथ पीपीआई जारी करने वाली सभी संस्थाओं पर लागू होंगे।
उत्तर. पीपीआई जारीकर्ता लिखतों को जारी करते समय धारकों को सभी महत्वपूर्ण नियमों और शर्तों को स्पष्ट और सरल भाषा में प्रकट करेंगे। इन प्रकटीकरण में निम्नलिखित शामिल होंगे:
ए. लिखत के उपयोग से जुड़े सभी प्रभार और शुल्क; तथा
बी. वैधता अवधि की समाप्ति और लिखत की वैधता समाप्ति से संबंधित नियम और शर्तें।
उत्तर. प्राधिकृत डीलर श्रेणी-I बैंकों द्वारा जारी पूर्ण-केवाईसी पीपीआई, फेमा के तहत अनुमत चालू खाता लेनदेनों, अर्थात वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए, सीमा-पार जावक लेनदेनों में उपयोग किए जा सकते हैं। यह सुविधा केवल पीपीआई धारक के स्पष्ट अनुरोध पर ही सक्षम की जाएगी।
लेनदेन की सीमाएं:
ए. प्रति लेनदेन सीमा ₹10,000/- से अधिक नहीं होगी।
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ए. प्रति लेनदेन सीम ₹10,000/- से अधिक नहीं होगी।
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बी. प्रति माह सीमाा ₹50,000/- से अधिक नहीं होगी।
अनुमत लेनदेन:
विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा) के तहत अनुमत चालू खाता लेनदेन, अर्थात इस तरह के लेनदेनों को नियंत्रित करने वाले मौजूदा मानदंडों के अनुपालन के अधीन वस्तुओं और सेवाओं की खरीद।
लेनदेन जिनकी अनुमति नहीं है:
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ए. उदारीकृत विप्रेषण योजना के अंतर्गत कोई सीमा-पार जावक निधि अंतरण और/अथवा विप्रेषण के लिए।
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बी ऑनलाइन व्यापारियों के खाते की प्रीफंडिंग।
उत्तर. बैंक और गैर-बैंक पीपीआई जारीकर्ता, जो प्राधिकृत सीमा-पार प्रिंसिपल (ओपी) के भारतीय एजेंट हैं, को आरबीआई की मुद्रा अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत आवक विप्रेषण के लाभार्थियों को पूर्ण-केवाईसी पीपीआई जारी करने की अनुमति है। इसका अर्थ यह है कि इस गतिविधि को करने वाली संस्था को एक प्राधिकृत पीपीआई जारीकर्ता के साथ-साथ एमटीएसएस (विदेशी मुद्रा विभाग, आरबीआई द्वारा प्राधिकृत) के तहत एक भारतीय एजेंट होना चाहिए।
व्यक्तिगत आवक एमटीएसएस विप्रेषण से ₹50,000/- तक की राशि को लाभार्थियों को जारी किए गए पीपीआई में लोड अथवा पुनः लोड करने की अनुमति है। ₹50,000/- से अधिक की किसी भी एकल लेनदेन राशि का भुगतान बैंक खाते में जमा करके किया जाएगा।
उत्तर. किसी अन्य भुगतान लिखत का उपयोग करके विफल/वापस किए गए/अस्वीकृत/रद्द किए गए लेनदेनों के मामले में धन वापसी को पीपीआई में क्रेडिट नहीं किया जाना चाहिए।
उत्तर. पीपीआई जारीकर्ता एक औपचारिक, सार्वजनिक रूप से प्रकट ग्राहक शिकायत निवारण ढांचा लागू करेंगे, जिसमें ग्राहकों की शिकायतों को देखने के लिए एक नोडल अधिकारी, एस्केलेशन मैट्रिक्स और शिकायत समाधान के लिए टर्न-अराउंड-टाइम शामिल हैं। ढांचे में, कम से कम, निम्नलिखित शामिल होंगे:
ए. सरल भाषा में पीपीआई जारीकर्ता की ग्राहक सुरक्षा और शिकायत निवारण नीति की जानकारी का प्रसार;
बी. पीपीआई जारीकर्ता के ग्राहक सेवा संपर्क विवरण का स्पष्ट उल्लेख, जिसमें वेबसाइट, मोबाइल ऐप और कार्ड पर शिकायत निवारण के लिए नोडल अधिकारी का विवरण शामिल है;
सी. पीपीआई जारीकर्ता के एजेंटों द्वारा उचित साइनेज और ऊपर (बी) के अनुसार ग्राहक सेवा संपर्क विवरण का प्रदर्शन;
डी. ग्राहक द्वारा दर्ज शिकायत की स्थिति को ट्रैक करने की सुविधा के साथ-साथ दर्ज की गई शिकायतों के लिए विशिष्ट शिकायत संख्या प्रदान करना;
ई. किसी भी ग्राहक शिकायत का शीघ्रता से समाधान करने के लिए कार्रवाई शुरू करना, प्राथमिकता देते हुए 48 घंटों के भीतर और ऐसी किसी शिकायत के प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर इसका समाधान करने का प्रयास करना;
एफ. वेबसाइट / मोबाइल ऐप पर पीपीआई जारीकर्ता के प्राधिकृत / नामित एजेंटों (नाम, एजेंट आईडी, पता, संपर्क विवरण, आदि) की विस्तृत सूची प्रदर्शित करना; तथा
जी. पीपीआई से संबंधित वेबसाइट/मोबाइल ऐप पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) के उत्तर उपलब्ध कराएं।
उत्तर. बैंकों और गैर-बैंकों द्वारा ज़ारी किए गए पीपीआई के मामले में, ग्राहक शिकायत निवारण के लिए रिजर्व बैंक - एकीकृत ओम्बड्समैन योजना, 2021 का सहारा ले सकते है। यह योजना आरबीआई की वेबसाइट https://cms.rbi.org.in लिंक पर उपलब्ध है।
उत्तर. एक पीपीआई जारीकर्ता ग्राहक को निम्नलिखित तीन प्रकारों में से कोई एक जारी कर सकता है:
ए) ₹10,000 तक के लघु पीपीआई (नकद लोडिंग सुविधा के साथ);
बी) ₹10,000 तक के लघु पीपीआई (कैश लोडिंग सुविधा के बिना); और
सी) पूर्ण-केवाईसी पीपीआई।
उत्तर. ऊपर वर्णित प्रकारों में, यदि कोई पीपीआई जारीकर्ता विभिन्न कारणों (उदाहरण के लिए कई सह-ब्रांडिंग साझेदार, वॉलेट/कार्ड जैसे विभिन्न रूपों में पीपीआई ज़ारी करना) से एक ही ग्राहक को कई पीपीआई जारी कर रहा है, तब पीपीआई ज़ारीकर्ता केंद्रीकृत डेटाबेस/प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) के माध्यम से सीमाओं की निगरानी करेगा।
उदाहरण के लिए, किसी विशिष्ट पीपीआई ज़ारीकर्ता द्वारा विभिन्न व्यवस्थाओं/फॉर्म फैक्टर के तहत किसी ग्राहक को ज़ारी किए गए सभी पूर्ण-केवाईसी पीपीआई के मूल्य को मिलाकर किसी भी समय ₹2,00,000/- की सीमा की गणना की जाएगी। इसी तरह, एमडी-पीपीआई के पैराग्राफ 9.1 (i) में उल्लिखित ₹10,000 की सीमा सभी छोटे पीपीआई (विभिन्न व्यवस्थाओं / फॉर्म फैक्टर के तहत पीपीआई जारीकर्ता द्वारा जारी) के लिए है। एक पीपीआई जारीकर्ता एक ही समय में एक ही मोबाइल नंबर पर दोनों प्रकार के छोटे पीपीआई ज़ारी नहीं कर सकता है।
हालांकि, सीमाओं में एमडी-पीपीआई के पैराग्राफ 10 में उल्लिखित दो श्रेणियां (उपहार पीपीआई और पीपीआई-एमटीएस) शामिल नहीं हैं।
उत्तर. अंतरपरिचालनीयता तकनीकी अनुकूलता है जो किसी भुगतान प्रणाली को अन्य भुगतान प्रणालियों के संयोजन में उपयोग में लाने में सक्षम बनाती है। 16 अक्तूबर 2018 के परिपत्र के माध्यम से पीपीआई में अंतरपरिचालनीयता की अनुमति दी गई है और इसे 19 मई 2021 के परिपत्र के माध्यम से अनिवार्य कर दिया गया है।
उत्तर. बैंक पीपीआई जारीकर्ता ग्राहक संरक्षण - अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों की सीमित देयता विषय पर आरबीआई के परिपत्र डीबीआर.सं.लेग.बीसी.78/09.07.005/2017-18 दिनांकित 6 जुलाई 2017 अथवा डीसीबीआर.बीपीडी.(पीसीबी/आरसीबी).परि.सं.06/12.05.001/2017-18 दिनांकित 14 दिसंबर 2017 द्वारा निर्देशित होंगे।
उत्तर. इस एमडी के प्रयोजन के लिए, इलेक्ट्रॉनिक भुगतान लेनदेन निम्नलिखित हो सकते हैं-
ए. रिमोट/ऑनलाइन भुगतान लेनदेन: ऐसे लेनदेन जिनमें वास्तविक पीपीआई को लेनदेन के स्थान पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होती है, जैसे वॉलेट, कार्ड नॉट प्रेजेंट (सीएनपी) लेनदेन, आदि; तथा
बी. फेस-टू-फेस/निकटता भुगतान लेनदेन: ऐसे लेनदेन जिनमें लेनदेन के स्थान पर भौतिक पीपीआई की उपस्थिति की आवश्यकता होती है, जैसे एटीएम, पीओएस उपकरण आदि पर लेनदेन)।
उत्तर. इस ढांचे के तहत संरक्षण पाने के लिए, ग्राहक (पीपीआई धारक) के लिए एसएमएस अलर्ट के लिए पंजीकरण करना अनिवार्य है।
उत्तर. ऊपर उल्लिखित दिनों की संख्या की गिनती गैर-बैंक पीपीआई जारीकर्ता से सूचना प्राप्त करने की तारीख को छोड़कर की जाएगी।
उत्तर. अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक भुगतान लेनदेन के मामले में ग्राहक के दायित्व को साबित करने का भार गैर-बैंक पीपीआई जारीकर्ता पर होता है।
ये अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा केवल सूचना और सामान्य मार्गदर्शन उद्देश्यों के लिए जारी किए जाते हैं। इनके आधार पर की गई कार्रवाइयों और/अथवा लिए गए निर्णयों के लिए बैंक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा। स्पष्टीकरण अथवा व्याख्या के लिए, यदि कोई हो, किसी व्यक्ति को बैंक द्वारा समय-समय पर जारी प्रासंगिक परिपत्रों और अधिसूचनाओं द्वारा निर्देशित हो सकते है।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 11, 2022