विदेशी मुद्रा प्रबंधन (ऋण लिखत) (चौथा संशोधन) विनियमावली, 2025
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भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा प्रबंधन (ऋण लिखत) (चौथा संशोधन) विनियमावली, 2025 सं.फेमा.396(4)/2025-आरबी. — विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप-धारा (2) के खंड (ए) और धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा प्रबंधन (ऋण लिखत) विनियमावली, 2019 (अधिसूचना सं फेमा.396/2019-आरबी दिनांक 17 अक्टूबर, 2019) (इसके पश्चात इसे 'मूल विनियमावली' कहा गया है) में निम्नानुसार संशोधन करता है, अर्थात्: – 1. लघु शीर्षक और प्रवर्तन (i) इन विनियमों को विदेशी मुद्रा प्रबंधन (ऋण लिखत) (चौथा संशोधन) विनियमावली, 2025 कहा जाएगा। (ii) ये विनियम शासकीय राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी होंगे। 2. मूल विनियमावली की अनुसूची 1 में संशोधन (i) मूल विनियमावली की अनुसूची 1 के पैराग्राफ 1 में, उप-पैराग्राफ ‘ई’ को , निम्नलिखित से प्रस्थापित किया जाएगा:- “ई. विदेशी मुद्रा प्रबंधन (जमा) विनियमावली, 2016 के विनियमन 7(1) के अनुसार रुपया खाता रखने वाले भारत के बाहर के निवासी व्यक्तियों को अनुमति (ii) मूल विनियमावली की अनुसूची 1 के पैराग्राफ 2 में, खंड (4ए) को निम्नलिखित से प्रस्थापित किया जाएगा:- “(4ए) इस अनुसूची के पैराग्राफ 1 के उप-पैराग्राफ (ई) के अनुसार भारत के बाहर के निवासी व्यक्तियों द्वारा की गई खरीदो के लिए प्रतिफल की राशि का भुगतान, विदेशी मुद्रा प्रबंधन (जमा) विनियमावली, 2016 के विनियमन 7 (1) के अनुसार उनके रुपये के खाते में धारित निधियों में से किया जाएगा।“ (डिम्पल भांडिया) फुटनोट:- मूल विनियमावली शासकीय राजपत्र में दिनांक 17 अक्टूबर, 2019 को जी.एस.आर. सं. 796 (ई) के तहत भाग II, धारा 3, उप-धारा (i) में प्रकाशित की गयी थी और निम्नानुसार संशोधित की गयी थी :
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