प्रेस प्रकाशनियां
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated February 27, 2026, imposed a monetary penalty of ₹3.10 lakh (Rupees Three Lakh Ten Thousand only) on Maanaveeya Development & Finance Private Limited (the company) for non-compliance with certain directions issued by RBI on ‘Governance’. This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI under section 58G(1)(b) read with section 58B(5)(aa) of the Reserve Bank of India Act, 1934.
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated February 27, 2026, imposed a monetary penalty of ₹3.10 lakh (Rupees Three Lakh Ten Thousand only) on Maanaveeya Development & Finance Private Limited (the company) for non-compliance with certain directions issued by RBI on ‘Governance’. This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI under section 58G(1)(b) read with section 58B(5)(aa) of the Reserve Bank of India Act, 1934.
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 27 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज़ लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'उचित व्यवहार संहिता’ और ‘विनियमित संस्थाओं के लिए आंतरिक ओम्बड्समैन’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹11.50 लाख (ग्यारह लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी (1) (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 27 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज़ लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'उचित व्यवहार संहिता’ और ‘विनियमित संस्थाओं के लिए आंतरिक ओम्बड्समैन’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹11.50 लाख (ग्यारह लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी (1) (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि महबूबनगर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, तेलंगाना (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि महबूबनगर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, तेलंगाना (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि गुंटूर वुमेन को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000 (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि गुंटूर वुमेन को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000 (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि प्रकासपुरम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘शहरी सहकारी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि प्रकासपुरम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘शहरी सहकारी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 13 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, विटा मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, विटा, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध - शहरी सहकारी बैंक’ और ‘उचित उधार पद्धति- ऋण खातों में दंडात्मक प्रभार’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3.10 लाख (तीन लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 13 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, विटा मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, विटा, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध - शहरी सहकारी बैंक’ और ‘उचित उधार पद्धति- ऋण खातों में दंडात्मक प्रभार’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3.10 लाख (तीन लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 16 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा यूको बैंक (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘बचत जमाराशियों पर ब्याज के भुगतान की अवधि', 'लॉकर का किराया' और 'स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों के संबंध में साख सूचना रिपोर्टिंग’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹38.60 लाख (अड़तीस लाख साठ हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 51(1) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 16 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा यूको बैंक (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘बचत जमाराशियों पर ब्याज के भुगतान की अवधि', 'लॉकर का किराया' और 'स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों के संबंध में साख सूचना रिपोर्टिंग’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹38.60 लाख (अड़तीस लाख साठ हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 51(1) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 13 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा मातोश्री महिला सहकारी बैंक लिमिटेड, पारनेर, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹40,000/- (चालीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 13 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा मातोश्री महिला सहकारी बैंक लिमिटेड, पारनेर, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹40,000/- (चालीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा डीसीबी बैंक लिमिटेड (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी गैर-कृषि-अंतिम उपयोगों के लिए स्वर्ण आभूषणों और आभूषणों की गिरवी पर दिए गए ऋण संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹29.60 लाख (उनतीस लाख साठ हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा डीसीबी बैंक लिमिटेड (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी गैर-कृषि-अंतिम उपयोगों के लिए स्वर्ण आभूषणों और आभूषणों की गिरवी पर दिए गए ऋण संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹29.60 लाख (उनतीस लाख साठ हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: मार्च 06, 2026