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भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट

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समकक्ष अर्थव्यवस्था द्वारा पोर्टफोलियो निवेश स्थिति (पीआईपी) (पूर्व में सीपीआईएस) – भारत

पीआईपी के तहत क्या रिपोर्ट करें?

उत्तर: यदि इकाई के खातों को जमा करने की नियत तारीख से पहले ऑडिट नहीं किया जाता है, तो उन्हें गैर-लेखापरीक्षित (अनंतिम) खाते के आधार पर सर्वेक्षण में रिपोर्ट करना चाहिए।

एनबीएफसी के बारे में आपके जानने योग्य संपूर्ण जानकारी

B. भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाएं

रुपये 500 करोड़ से कम की जमाराशि स्वीकार न करने वाली, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के विनियमन निम्नानुसार होगे:

(i) यदि उन्होंने किसी भी सार्वजनिक निधि का स्वीकार नही किया है और उनका कोई ग्राहक इंटरफ़ेस नहीं है, तो वे किसी भी विनियमन या तो विवेकपूर्ण या कारोबार परिचालन जैसे उचित-व्यवहार-संहिता, केवाईसी, आदि, के अधीन नहीं होगे।

(ii) ग्राहक इंटरफ़ेस होने के मामले में, यदि वे किसी भी सार्वजनिक निधि का स्वीकार नही कर रहे हैं, तो वे कारोबार परिचालन नियमनों; उचित-व्यवहार-संहिता, केवाईसी, आदि के अधीन होंगे।

(iii) यदि वे किसी भी सार्वजनिक निधि का स्वीकार करते हैं, तो वे सीमित विवेकपूर्ण नियमों के अधीन होंगे, ग्राहक इंटरफ़ेस न होने के मामले में वे कारोबार परिचालन नियमनों के अधीन नहीं होगे।

(iv) जिन कंपनियों में सार्वजनिक निधि का स्वीकार किया जाता है और ग्राहक इंटरफ़ेस मौजूद हैं, ऐसी कंपनियां सीमित विवेकपूर्ण विनियमों और कारोबार परिचालन नियमनों दोनों के अधीन होंगी।

आवास ऋण

  1. ऋण की सोर्सिंग के समय, बैंकों के लिए आवश्यक है कि वे लागू ब्याज दर, शुल्क/प्रभार और आपके हित को प्रभावित करने वाले किसी अन्य मामले के बारे में जानकारी प्रदान करें और इन्हें आमतौर पर बैंकों के उत्पाद विवरणिका में प्रस्तुत किया जाता है। पूर्ण पारदर्शिता अनिवार्य है।

  2. अनुरोध किए जाने पर बैंक आपको आपके द्वारा निष्पादित सभी ऋण दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियों के साथ-साथ ऋण दस्तावेज में उद्धृत सभी अनुलग्नकों की एक-एक प्रति प्रदान करेंगे।

कोई बैंक वैध कारण बताए बिना आपके ऋण आवेदन को अस्वीकार नहीं कर सकता है।

लक्षित दीर्घकालिक रिपो परिचालन (टीएलटीआरओ)

ऑन टैप टीएलटीआरओ / प्रत्यावर्तित टीएलटीआरओ / टीएलटीआरओ 2.0 के लेनदेन से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर: बैंक विकल्पों में से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं। हालाँकि, बैंक का अनुरोध आवेदन की तारीख के अनुसार धन की उपलब्धता के अधीन होगा, अर्थात, रू.1,00,000 करोड़ की कुल राशि का लाभ पहले से ही प्राप्त कर किया होगा, तो ऐसी स्थिति में धन की गारंटी नहीं दी जा सकती है।

FAQs on Non-Banking Financial Companies

Ceiling on deposits

A. A company not complying with prudential norms cannot accept public deposits.

रिटेल डायरेक्ट योजना

नो योर कस्टमर (केवाईसी) से संबन्धित प्रश्न

i. अपने पैन कार्ड की स्कैन कॉपी अपलोड करें।

ii. यूआईडीएआई की वेबसाइट से अपने आधार का एक्सएमएल वर्जन डाउनलोड कर अपलोड करें। एक्सएमएल संस्करण डाउनलोड करते समय निर्दिष्ट 4 अंकों के पिन का उपयोग करें।

iii. पता विवरण, अपने हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी, बैंक खाते का विवरण और नामांकित विवरण प्रदान करें।

iv. उस समय की उपलब्धता के आधार पर बाद में या तुरंत के लिए एक समय स्लॉट चुनकर वीडियो केवाईसी को पूरा करें।

v. आधार से लिंक किए गए आपके मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी का उपयोग करके आधार द्वारा उपयोगकर्ता समझौते के फार्म को प्रमाणित करें।

देशी जमा

II. अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) की जमाराशियाँ

एफसीएनआर (बी) जमाराशियों की प्रतिभूति पर जमाकर्ताओं को दिए गए ऋणों एवं अग्रिमों पर लगायी जानेवाली ब्याज दर तय करने के लिए बैंक स्वतंत्र हैं। वे यह दर अपनी बेंचमार्क मूल उधार दर से असंबद्ध रखकर निर्धारित कर सकते हैं, चाहे चुकौती रुपये में हो या विदेशी मुद्रा में।

फेमा 1999 के तहत विदेशी देयताओं और परिसंपत्तियों (एफएलए) पर वार्षिक रिटर्न

एफएलए रिटर्न जमा करने के लिए पात्र संस्थाएं और आवश्यकताएं

उत्तर: नहीं, तुलन पत्र या लाभ और हानि खातों को एफएलए रिटर्न के साथ जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

दिनांक 31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी 2024 की प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड पर लगाए गए कारोबारी प्रतिबंध

पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा जारी फास्टैग

नहीं। 15 मार्च 2024 के बाद आप पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा जारी किए गए अपने फास्टैग को टॉप-अप या रिचार्ज नहीं कर पाएंगे। यह सुझाव दिया जाता है कि आप किसी भी असुविधा से बचने के लिए 15 मार्च 2024 से पहले किसी अन्य बैंक द्वारा जारी नया फास्टैग खरीद लें।

भारत में सरकारी प्रतिभूति बाजार – एक प्रवेशिका

16.1. प्राथमिक नीलामी में एक बार आबंटन प्रक्रिया पूरी होने पर सफल सहभागियों को सरकार को अदा करने के लिए निमित्त राशि सूचित की जाती है जो उन्हें समायोजन के दिन देनी होती है ।दिनांकित प्रतिभूति नीलामी के लिए समायोजन चक्र टी+1 है जबकि खजाना बिलों के लिए टी+2 है ।समायोजन के दिन सहभागियों के निधि खाते उनकी निमित्त राशि से नामे डाले जाते हैं तथा उन्हें आबंटित की गई प्रतिभूतियों की राशि उनके प्रतिभूति खाते (एसजीएल खाते) में जमा कर दी जाती है।द्वितीयक बाजार16.2. सरकारी प्रतिभूतियों से संबंधित लेन-देन भारतीय रिज़र्व बैंक के पास अनुरक्षित सदस्य के प्रतिभूति/चालू खातों के माध्यम से प्रतिभूतियों की सुपुर्दगी और भुगतान निवल आधार पर किया जाता है। भारतीय समाशोधन निगम लिमि. (सीसीआइएल) निपटान की तारीख को दायित्व नवीयन की प्रक्रिया से प्रत्येक कारोबार के लिए केद्रीय प्रति पक्ष बन कर कारोबार का समायोजन करता है अर्थात वह क्रेता के लिए विक्रेता और विक्रेता के लिए क्रेता बन जाता है।16.3 सरकारी प्रतिभूतियों में प्रत्यक्ष रूप से द्वितीयक बाजार लेन-देन टी+1 आधार पर समायोजित किए जाते हैं । तथापि सरकारी प्रतिभूतियों में रिपो लेन-देन के संबंध में बाजार सहभागियों के पास पहला चरण टी+0 अथवा टी+1 पर, उनकी आवश्यकता के अनुसार, समायोजित करने का विकल्प रहेगा।

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 10, 2022

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