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गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म

Ans: NBFC-P2Ps may adopt any suitable mechanism for verifying/ identifying the bank accounts of the participants with applicable safeguards, solely to ensure that the accounts belong to the respective lender or borrower registered on the platform to adhere to Para 9 of the MD. NBFC-P2Ps shall remain responsible for ensuring that such mechanisms are compliant with the provisions of the Digital Personal Data Protection Act, 2023, and all other applicable laws, guidelines, or instructions issued by the Reserve Bank of India or any other competent authority from time to time.

उत्तर: विद्यमान एमएलटीजीडी प्रभावित नहीं हैं और मास्टर निदेश में उल्लिखित मौजूदा प्रावधानों द्वारा अभिशासित होते रहेंगे। यह जमा तब तक चलेंगी जब तक परिपक्वता से पहले नहीं निकाला जाता (मास्टर निदेश - स्वर्ण मुद्रीकरण योजना, 2015 के पैरा 2.2.2. (ई), 2.2.2. (एफ) और 2.2.2. (जी) में प्रावधानों के अनुसार) ।

सामान्यतः निम्नलिखित संस्थाएं आईओआरएस में भागीदारी कर सकती हैं: वित्तीय संस्थान, फिनटेक कंपनियां, रेगटेक प्रदाता, स्टार्ट-अप या अन्य नवप्रवर्तक जो विभिन्न वित्तीय क्षेत्रों से संबंधित उत्पाद/सेवाएं प्रदान करते हैं।

हालाँकि, पात्रता मानदंड मुख्य रूप से प्रधान विनियामक के आरएस रूपरेखा द्वारा नियंत्रित किए जाएंगे (इसका विवरण एफ़एक्यू के प्रश्न 2 के अंतर्गत प्रदान किया गया है)

उत्तर: उल्लंघनकर्ता शमन हेतु अपना आवेदन ‘निदेश- फेमा 1999 के तहत उल्लंघनों का शमन’ के पैरा 2.1, 2.2, 2.3 और 2.4 में उल्लिखित प्रासंगिक दस्तावेजों/ संलग्नकों सहित भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रस्तुत कर सकता है।

उत्तर. "भुगतान निर्देश" को किसी भी साधन, प्राधिकरण या किसी भी रूप में आदेश के रूप में परिभाषित किया गया है, जो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से, किसी व्यक्ति द्वारा भुगतान प्रणाली में एक भागीदार को भुगतान करने के लिए या ऐसी प्रणाली में एक भागीदार से उस प्रणाली में दूसरे भागीदार को भुगतान करने के लिए है।

भुगतान निर्देश को या तो मैन्युअल रूप से यानी चेक ड्राफ्ट, भुगतान आदेश आदि जैसे किसी उपकरण के माध्यम से या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संप्रेषित किया जा सकता है, ताकि किसी व्यक्ति द्वारा ऐसी प्रणाली में या दो प्रतिभागियों के बीच भुगतान किया जा सके।

उत्‍तर: ई₹ पायलट सीमित पैमाने पर नियंत्रित रोल-आउट है, जिसका उद्देश्य ई₹ की तकनीक, वास्तुकला, मापनीयता, अनुप्रयोग, सुविधाएँ, उपयोग-मामले और स्वीकृति का परीक्षण करना है। इस पायलट का उद्देश्य ई₹ का निर्माण, वितरण, उपयोग आदि की पूरी प्रक्रिया की मजबूती का परीक्षण करना भी है।

सीटीएस में प्रत्येक चेक की तीन छवियां ली जाती हैं – फ्रंट ग्रे स्केल, फ्रंट ब्लैक एंड व्हाइट और बैक ब्लैक और व्हाइट। ग्राहकों को लिखित जानकारी की स्पष्ट छवि सुनिश्चित करने के लिए चेक लिखने के लिए छवि-अनुकूल रंगीन स्याही का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, ग्राहकों को सामग्री में बाद में धोखाधड़ीपूर्ण परिवर्तन से बचने के लिए स्थायी स्याही का उपयोग करना चाहिए। हालांकि, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने चेक लिखने के लिए किसी विशेष स्याही के रंग को निर्धारित नहीं किया है।

ग्राहकों को यह भी पता होना चाहिए कि सीटीएस के तहत परिवर्तित / संशोधित चेक स्वीकार नहीं किए जाते हैं। चेक पर कोई परिवर्तन / सुधार नहीं किया जा सकता (अगर आवश्यक हो तो केवल तारीख सत्यापन उद्देश्यों के लिए छोड़कर)। भुगतानकर्ता के नाम, कर्टसी राशि (अंकों में राशि) या लीगल राशि (शब्दों में राशि) में किसी भी बदलाव के लिए ग्राहकों को ताज़ा चेक पत्तियों का उपयोग करना चाहिए। यह बैंकों को धोखाधड़ीपूर्ण परिवर्तनों की पहचान और नियंत्रण में मदद करेगा।

Ans : Yes, in addition to the consent of the beneficiaries, the mandate also provides important information related to bank account details etc. which are useful for the user institution to transfer funds to the right accounts . A model mandate form has been prescribed for the purpose and is available in the ECS Credit Procedural Guidelines.

उत्तर. आरटीजीएस प्रेषण शुरू करने के लिए विप्रेषक ग्राहक को बैंक को निम्नलिखित जानकारी प्रस्तुत करनी होगी:

  1. प्रेषित की जाने वाली राशि

  2. डेबिट करने के लिए खाता संख्या

  3. लाभार्थी बैंक और शाखा का नाम

  4. प्राप्तकर्ता शाखा की आईएफएससी संख्या

  5. लाभार्थी ग्राहक का नाम

  6. लाभार्थी ग्राहक की खाता संख्या

  7. प्रेषक से प्राप्तकर्ता की जानकारी, यदि कोई हो

  8. प्रेषक और लाभार्थी कानूनी इकाई पहचानकर्ता (पात्र लेनदेन के लिए)

  • डबल्यूपीआई शृंखला प्रत्येक 10 वर्ष या अधिक वर्षों (उदा.1981-82, 1993-94 और 2004-05 में डबल्यूपीआई शृंखला के आधार वर्ष में परिवर्तन किया गया)

  • आधार वर्ष में किसी भी संशोधन को आधार वर्षों को जोड़कर निपटाया जाएगा ताकि बॉन्ड जारी करने की तारीख के बाद से अनुक्रमण उद्देश्य के लिए उसी आधार वर्ष के साथ एक सुसंगत डब्ल्यूपीआई श्रृंखला उपलब्ध हो।

Yes. One or more documents can be uploaded along with the application. However each document size should not exceed 1 MB.
अभी की तरह, प्राथमिक सदस्‍य अपने जीएएच के सभी कार्यों के लिए उत्‍तरदायी है। प्राथमिक सदस्‍य अपने जीएएच के सौदों के लिए मार्जिन रखने और उनके निपटान के लिए भी उत्‍तरदायी है। अंतिम निपटान संबंधित प्राथमिक सदस्‍य के रिज़र्व बैंक के साथ रखे चालू खाते में होगा। किसी पात्र तथा प्राधिकृत जीएएच यूजर द्वारा एनडीएस-ओएम वेब पर सौदा करने से पहले, प्राथमिक सदस्‍य यह सुनिश्चित करेगा कि विभिन्‍न ऑपरेशनल रिस्‍क कंट्रोल पैरामिटर वैल्‍युज एनडीएस-ओएम वेब पर सेट कर दिये गये है। इस प्रयोजन के लिए, अपने जीएएच प्रबंध, जोखिम प्रबंधन तथा बिड प्रबंधन नीतियों तथा प्रथाओं के लिए प्राथमिक सदस्‍य एक एप्‍लीकेशन इंस्‍टाल करेगा। एनडीएस-ओएम प्रशासक (सीसीआइएल) प्रबंधन गतिविधियों के लिए प्राथमिक सदस्‍य के लिए एक प्राधिकृत सुपर यूजर (क्‍लाएंट हेड) बनाएगा।
Ans No. It is not necessary for all branches to have computer systems. Branches can send the remittance details to their service branch in paper format (the copies of the EFT Application Forms submitted by the remitting customers accompanied by a Remittance Scroll). The Service branch will make data entry and transmit the funds transfer information electronically to local NCC. But, if a branch has computer facility, it can transmit funds transfer information electronically to its service branch either on a floppy or through a network. This would minimise the data entry work at the service branch.
हां। यदि आपकी जमाराशियां एक से अधिक बैंक में हैं तो जमा बीमा कवरेज की सीमा प्रत्येक बैंक के लिए अलग-अलग लागू होगी।

उत्तर: इस संबंध में परिचालन संबंधी विस्तृत दिशानिर्देश दिनांक 17 मार्च 2020 के ए.पी.(डीआईआर शृंखला) परिपत्र सं.22 तथा समय-समय पर यथासंशोधित माल तथा सेवाओं के निर्यात पर 1 जनवरी 2016 के मास्टर निदेश सं.16/2015-16 में उपलब्ध हैं।

Person going abroad for employment can draw foreign exchange upto USD100,000 from any authorised dealer in India on the basis of self-declaration.

उत्तर: निवासी किसी सीमा के बिना विदेशी सिक्के धारित कर सकते हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक सरकारी लेखाओं के संबंध में सभी जीएसटी संग्रहण के लेखांकन के लिए संग्रहक का कार्य करता है। एजेंसी बैंक जीएसटी पोर्टल पर करदाताओं द्वारा ऑनलाइन किए गए चालन से जो जीएसटी एकत्र करते हैं, उन संग्रहणों का रिपोर्ट भारतीय रिज़र्व बैंक के सरकारी खातों में निपटान के लिए करते हैं। साथ ही, भारतीय रिज़र्व बैंक जीएसटी पोर्टल पर उपलब्‍ध एनईएफटी/आरटीजीएस भुगतान विकल्‍पों का उपयोग करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक में सरकारी लेखाओं में सीधे करदाताओं द्वारा जीएसटी की भुगतान की सुविधा प्रदान करता है।
हाँ, यह भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है। एग्रीगेटर/ फेसिलिटेटर जिसके माध्यम से आवेदन किया जा रहा है, वे फॉर्म प्राप्त करने के लिए निवेशक को सहायता देंगे।

प्रत्येक चेक की तीन छवियां हैं जिन्हें सीटीएस में लिया गया है - फ्रंट ग्रे स्केल, फ्रंट ब्लैक एंड व्हाइट, और बैक ब्लैक एंड व्हाइट। लिखित जानकारी की स्पष्ट छवि की सुविधा के लिए ग्राहकों को चेक लिखने के लिए छवि के अनुकूल रंगीन स्याही का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, ग्राहक को भविष्य में चेक के कपटपूर्ण परिवर्तन को रोकने के लिए स्थायी स्याही का उपयोग करना चाहिए। हालाँकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चेक लिखने के लिए उपयोग किए जाने वाले विशिष्ट स्याही रंगों को निर्धारित नहीं किया है।

ग्राहक को यह भी पता होना चाहिए कि सीटीएस के तहत बदलाव / संशोधन वाले चेक स्वीकार नहीं किए जाते हैं। चेकों में कोई परिवर्तन / सुधार नहीं किया जा सकता है (यदि आवश्यक हो तो तिथि सत्यापन उद्देश्यों के अलावा)। भुगतानकर्ता के नाम, सौजन्यराशि (राशि अंकों में) या कानूनी राशि (राशि शब्दों में) में किसी भी परिवर्तन के लिए, ग्राहकों द्वारा नए चेक का उपयोग किया जाना चाहिए। इससे बैंकों को कपटपूर्ण परिवर्तनों की पहचान करने और उन्हें नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

One can file a complaint with the Banking Ombudsman simply by writing on a plain paper. One can also file it online at (“click here to lodge a complaint”) or by sending an email to the Banking Ombudsman. There is a form along with details of the scheme in our website. However, it is not mandatory to use this format.

मीयादी जमाराशियों के समयपूर्व आहरण के लिए अपनी दंडात्मक ब्याज दरें तय करने के लिए बैंक स्वतंत्र हैं ।
Authorised dealers are permitted to allow advance remittance where the contracts/agreements insist for the same. However, where the amount exceeds US $ 100,000 or its equivalent, a guarantee from a bank of international repute, situated outside India or a guarantee from an authorised dealer in India, if such a guarantee is issued against the counter-guarantee of a bank of international repute situated outside India, should be obtained from the overseas beneficiary. The remitter in India will have to ensure that the overseas beneficiary has fulfilled his obligations under the contract/agreement.
Real estate business means buying and selling of real estate or trading in transferable development rights (TDRs) but does not include development of township, construction of residential/commercial premises, roads and bridges.
Foreign exchange can be purchased from any authorised dealer. Besides authorised dealers, full-fledged money changers are also permitted to release exchange for business and private visits.

बैंकों को अपने संग्रह काउंटरों पर चेक ड्रॉप बॉक्स सुविधा और पावती सुविधा दोनों प्रदान करने की आवश्यकता है। यदि ग्राहक बैंक शाखा के काउंटर पर चेक प्रस्तुत करते समय इसकी मांग करता है तो कोई भी बैंक शाखा ग्राहक को पावती देने से इंकार नहीं कर सकती है।

उ. हाँ. मैंडेट के तहत दी गई खाता जानकारी/विवरण में कोई परिवर्तन होने पर हिताधिकारी को उसे ईसीएस क्रेडिट देने वाली संस्था को संबंधित परिवर्तन करने हेतु इस अनुरोध के साथ अवगत कराना है कि उसे इस योजना के तहत क्रेडिट प्राप्त होता रहे. यदि इनपुट फ़ाइल गंतव्य बैंक शाखा के पास उपलब्ध खाता विवरण से किसी भी कारण से मेल न खाये तो गंतव्य शाखा उसे ((अपने पूलिंग केन्द्र सेवा शाखा के नाम से ज्ञात के माध्यम से ) प्रायोजक बैँक को ईसीएस केन्द्र के माध्यम से क्रेडिट वापस कर देगा.
नहीं। यह स्पष्ट किया जाता है कि एडीएफ के तहत आवश्यकता यह सुनिश्चित करने तक सीमित है कि बैंकों के स्रोत सिस्टम में उपलब्ध डेटा बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के रिज़र्व बैंक को प्रस्तुत किया जाता है। बैंकों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले आरबीआई द्वारा निर्धारित सभी विवरणियां, विवरण और रिपोर्ट एडीएफ परियोजना के अंतर्गत आते हैं।
Eligible investors cannot participate directly. They have to necessarily come through a Bank or Primary Dealer (PD) for auction.

उत्तर. लागू प्रकार के लेन-देन के लिए प्रश्न संख्या 2 के उत्तर को संदर्भित किया जा सकता है।

प्रधान मंत्री गरीब कल्याण जमा योजना 2016 हेतु कराधान एवं निवेश व्यवस्था की धारा 199सी की उप धारा 1 के तहत घोषणा करने वाले व्यक्ति द्वारा किए जाने वाला जमा घोषित अप्रकटित आय के 25% से कम न हो। जमा 100 के गुणकों में किया जाना है।
उ : फैक्टरिंग अधिनियम, 2011 की धारा 19 के तहत प्रत्येक फैक्टर इस तरह के असाइनमेंट की तारीख से या ऐसी रजिस्ट्री की स्थापना की तारीख से तीस दिनों की अवधि के भीतर, जैसा भी मामला हो, वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्रचना एवं प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (2002 का 54) की धारा 20 के तहत स्थापित होने वाली केंद्रीय रजिस्ट्री के साथ अपने पक्ष में प्राप्तियों के असाइनमेंट के प्रत्येक लेनदेन का विवरण दर्ज करने के लिए बाध्य है।

उत्तर: हां, जिस व्यक्ति के पास बैंक खाता नहीं है, वह एनईएफटी के माध्यम से किसी अन्य एनईएफटी सदस्य बैंक के साथ लाभार्थी के बैंक खाते में धन भेज सकता है। यह किसी भी बैंक की निकटतम एनईएफटी सक्षम शाखा में अतिरिक्त विवरण जैसे कि पूरा पता, टेलीफोन नंबर आदि प्रस्तुत कर, नकद जमा करके किया जा सकता है। इस तरह के नकद प्रेषण, हालांकि, प्रति लेनदेन अधिकतम 50,000 तक सीमित रहेंगे।

One may lodge his/ her complaint with the office of the NBFC Ombudsman under whose jurisdiction, the alleged NBFC branch is situated. (Click here for address and area of operation of the NBFC Ombudsman).

For complaints relating to types of services with centralized operations, complaints may be filed before the NBFC Ombudsman within whose territorial jurisdiction the billing address of the customer is located.

One may lodge complaint with the Office of the Ombudsman for Digital Transactions within whose jurisdiction the branch or office of the System Participant complained against, is located (For jurisdiction of the Ombudsman please click here). For complaint arising out of services with centralized operations, complaints can be filed with the office of the Ombudsman for Digital Transactions within whose territorial jurisdiction the billing / declared address of the customer is located.
  • निवेशक प्राधिकृत बैंकों और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसएचसीआईएल) के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।

  • वे एक आवेदन फॉर्म भरेंगे और उक्त अन्य दस्तावेज़ के साथ प्रस्तुत करेंगे और बैंक कॉ भुगतान करेंगे।

  • धन की प्राप्ति पर, बैंक निवेशक को आरबीआई के वेब आधारित प्लेटफॉर्म (ई-कुबेर) पर पंजीकृत करेंगे और और सत्यापन पर, धारिता प्रमाणपत्र जनरेट करेंगे।

उत्तर: हाँ, तथापि, आईडीएफ की इक्विटी और ऋण के लिए प्रायोजक एनबीएफसी / आईएफसी और गैर-प्रायोजक एनबीएफसी / आईएफसी का एक्सपोजर गैर-बैंकिंग वित्तीय (जमाराशि स्वीकार या होल्डिंग नहीं करने) कंपनी विवेकपूर्ण मानदंड (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2007 के पैरा 18 में दिए गए मौजूदा ऋण एकाग्रता मानदंडों द्वारा शासित होगा।

उत्तर: हाँ, इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड के जरिये प्राप्त विदेशी मुद्रा अर्जन, जिसके लिए विदेशी मुद्रा में प्रतिपूर्ति की गयी है, सामान्य बैंकिंग चैनल के जरिये विप्रेषण के रूप में माना जा सकता है तथा उसे विदेशी मुद्रा अर्जक विदेशी मुद्रा (ईईएफसी) खाते में जमा किया जा सकता है।

उत्तर: बैंक टीएलटीआरओ योजना के तहत प्राप्त राशि के लिए पुनर्खरीद मार्ग के माध्यम से बेची जाने वाली प्रतिभूति को किसी अन्य निर्दिष्ट प्रतिभूति के साथ बदल सकते हैं। बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि टीएलटीआरओ की परिपक्वता तक उनके टीएलटीआरओ वित्तपोषण को हमेशा निर्दिष्ट प्रतिभूति द्वारा समर्थित किया जाये।
अमरीकी डॉलर में मूल्यांकित चेकों की वसूली की समय-सीमा वसूली की व्यवस्था के अनुरूप होगी। ग्राहक के खाते में जमा किए जाने की तारीख का निर्धारण वसूलीकर्ता बैंकों के नोस्ट्रो खाते में जमा (राशि की उपलब्धता की तारीख) किए जाने की तारीख और कूलिंग अवधि के आधार पर किया जाएगा। आम तौर पर, अमरीकी डॉलर में मूल्यांकित चेकों की वसूली के लिए बैंकों को 15 से 30 दिन का समय लगता है और वह वसूली व्यवस्था और स्थान, जहॉं वह लिखत देय हो, के अनुरूप 45 दिन तक बढ़ भी सकता है। वसूली में लगने वाले समय में, यूएसए में बैंकिंग व भुगतान प्रणालियों की विविधता और चेकों से संबंधित लेनदेनों को नियंत्रित करने वाले कानूनों का विशेष महत्व होता है। वसूली की पद्धति के आधार पर बैंकों को सूचित किया गया है कि वे अपनी अमरीकी डॉलर में मूल्यांकित चेक वसूली नीति में अमरीकी डॉलर में मूल्यांकित चेकों की वसूली की अवधि का उल्लेख करें।
उत्तर : हां, प्राथमिक बाजार में बाजार लिखतों की सदस्यता को एनपीपीएल से परे एक्सपोजर निर्धारित करने के लिए माना जाएगा।

12 मई 2017 को भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किए गए विनिर्दिष्ट बैंक नोट (अधिहरण किए गए नोटों को जमा किया जाना) नियम, 2017 के अनुसार, जहां विनिर्दिष्ट बैंक नोटों का विधि प्रवर्तन अभिकरणों द्वारा अधिहरण किया गया है या अभिग्रहण किया गया है या 30 दिसंबर, 2016 को या इससे पूर्व किसी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, तो ऐसे विनिर्दिष्ट नोटों को अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1) के अधीन किसी बैंक खाते में जमा करने के लिए या वैध मुद्रा में उनके मूल्य में विनिमय के लिए निम्नलिखित शर्तों के अधीन रहते हुए दिया जा सकेगा, अर्थात :

(a) अधिहरण किए गए विनिर्दिष्ट बैंक नोटों को किसी व्यक्ति को लौटाया जाता है जो उस न्यायालय के समक्ष लंबित मामले में एक पक्षकार है, तब व्यक्ति न्यायालय के निर्देश को प्रस्तुत करने पर ऐसे विनिर्दिष्ट नोटों को जमा करने या विनिमय करने का पात्र होगा, जिनकी क्रम संख्या –

  1. को उस विधि प्रवर्तन अभिकरण द्वारा, जिसने उनका अधिहरण किया था या न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है, नोट कर लिया गया है; और

  2. का न्यायालय के निदेश पर वर्णन किया गया है;

(b) विनिर्दिष्ट बैंक नोटों का केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार के पक्ष में न्यायालय के किसी आदेश द्वारा समपहरण किए जाने की दशा में वह सरकार न्यायालय के निदेश को प्रस्तुत करने पर ऐसे विनिर्दिष्ट बैंक नोटों को जमा करने या उनका विनिमय करने की हकदार होगी; या

(c) विनिर्दिष्ट बैंक नोटों को 30 दिसंबर 2016 को या उससे पूर्व न्यायालय के आदेश द्वारा किसी अन्य व्याकति की अभिरक्षा में रखे जाने की दशा में वह व्यक्ति न्यायालय के निदेश को प्रस्तुत करने पर ऐसे विनिर्दिष्ट बैंक नोटों को जमा करने या विनिमय करने का हकदार होगा, जिनकी क्रम संख्या–

  1. को उस विधि प्रवर्तन अधिकरण द्वारा, जिसने उनका अधिहरण किया था या न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था, नोट कर लिया गया है; और

  2. का न्यायालय के निदेश पर वर्णन किया गया है ।

ये नियम 30 दिसंबर 2016 के पश्चात अधिहरण किए गए या अभिग्रहण किए गए विनिर्दिष्ट बैंक नोटों पर लागू नहीं होंगे ।

विनिर्दिष्ट बैंक नोट (अधिहरण किए गए नोटों का जमा किया जाना) नियम 2017 के अनुसार अधिहरण किए गए विनिर्दिष्ट बैंक नोट स्वीकार करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के विनिर्दिष्ट कार्यालय निम्न हैं-

अहमदाबाद, बैंगलुरू, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चण्डीगढ़, चेन्ने, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना तथा तिरूवन्नतपुरम

हां, बैंकों के लिए यह आवश्यक है कि अंतर्निहित एफ़सीएनआर(बी) जमाराशि के समय से पूर्व आहरण किए जाने पर स्वैप को रद्द करने के लिए आरबीआई से संपर्क करें। आरबीआई तथा बैंक, दोनों के परिचालनगत तथा आपसी सुविधा के लिए एक बार जमाराशियों की एक निर्धारित राशि का समयपूर्व आहरण किए जाने पर स्वैप को रद्द किया जाए।

उत्तर: हां, तथापि बीओ के लेनदेन को अपने नामित आईएनआर खाते तक सीमित होना चाहिए और उसे एजेंट के विदेशी मुद्रा खाते के माध्यम से कोई लेनदेन नहीं करना चाहिए।

उत्तर. आरटीजीएस में सदस्यता के प्रकारों का विवरण आरटीजीएस प्रणाली से संबंधित विनियमावली के अध्याय 4 में वर्णित है। गैर-बैंक पीएसपी के द्वारा किए जा रहे लेनदेनों के प्रकार के आधार पर उनके लिए आरटीजीएस में सदस्यता के प्रकार को रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित किया जाएगा।

उत्तर. फैक्टशीट में शामिल बीमा शुल्क केवल क्रेडिट लिंक्ड बीमा उत्पाद के लिए हैं क्योंकि ये शुल्क सूक्ष्मवित्त ऋण से संबंधित हैं। यदि किसी उधारकर्ता ने ऋण नहीं लिया होता तो उसे इन शुल्कों को वहन नहीं करना पड़ता। फैक्टशीट में केवल सूक्ष्मवित्त ऋणों के मूल्य निर्धारण से संबंधित जानकारी होनी चाहिए ताकि इसे सुव्यवस्थित रखा जा सके। अन्य गैर-क्रेडिट उत्पादों से संबंधित प्रकटीकरण निदेश के पैरा 7.1.51 के तहत उल्लिखित फैक्टशीट से पृथक प्रदान किए जाने चाहिए। सभी गैर-ऋण उत्पाद (वित्तीय उत्पाद जैसे निवेश उत्पाद, बीमा उत्पाद आदि के साथ-साथ गैर-वित्तीय उत्पाद जैसे सौर लालटेन, सिलाई मशीन आदि) केवल उधारकर्ता की स्पष्ट सहमति के साथ प्रदान किए जाने चाहिए और आरई को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उधारकर्ता को दिए गए ऋण और अन्य गैर-क्रेडिट उत्पादों के बीच कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। कोई भी ऋण उत्पाद के लिए पूर्व शर्त के रूप में किसी भी गैर-ऋण उत्पाद की बिक्री नहीं की जाएगी। आरई को प्रमुखता से प्रदर्शित2 करना चाहिए कि सूक्ष्मवित्त उधारकर्ताओं द्वारा किसी भी गैर-क्रेडिट उत्पाद की खरीद विशुद्ध रूप से स्वैच्छिक आधार पर है। आरई के बोर्ड द्वारा अनुमोदित उचित व्यवहार संहिता, जैसा कि निर्देशों के पैरा 7.1.13 के तहत उल्लेख किया गया है, में भी इस पहलू को शामिल करना चाहिए।

उत्तर: ट्रेड्स में, एफ़यू को या तो एमएसएमई विक्रेता या खरीदार द्वारा बनाया जा सकता है। यदि एमएसएमई विक्रेता इसे बनाता है, तो इस प्रक्रिया को फैक्टरिंग कहा जाता है; यदि इसे कॉर्पोरेट्स या अन्य खरीदारों द्वारा बनाया जाता है, तो इसे रिवर्स फैक्टरिंग कहा जाता है।

एक सीईआरटी-इन एम्पैनल्ड ऑडिटर की सिस्टम ऑडिट रिपोर्ट (एसएआर) में अन्य बातों के साथ-साथ डेटा स्टोरेज, डेटाबेस का रखरखाव, डेटा बैकअप बहाली, डेटा सुरक्षा इत्यादि शामिल होना चाहिए।

उत्तर. पीपीआई जिन्हें जारी करने से पहले आरबीआई के अनुमोदन / प्राधिकरण की आवश्यकता होती है, उन्हें दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:

  • ए. लघु पीपीआई (अथवा न्यूनतम-विवरण पीपीआई) : ये पीपीआई बैंकों और गैर-बैंकों द्वारा पीपीआई धारक के न्यूनतम विवरण प्राप्त करने के बाद जारी किए जाते हैं। इन पीपीआई का उपयोग स्पष्ट रूप से पहचाने गए व्यापारी स्थानों / प्रतिष्ठानों के समूह में वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए किया जा सकता है, जिनका जारीकर्ता (अथवा भुगतान एग्रीगेटर / भुगतान गेटवे के माध्यम से अनुबंध) के साथ पीपीआई को भुगतान लिखतों के रूप में स्वीकार करने के लिए एक विशिष्ट अनुबंध है। ऐसे पीपीआई से निधियों के अंतरण अथवा नकद आहरण की अनुमति नहीं है।

  • बी. पूर्ण-केवाईसी पीपीआई : पीपीआई धारक के संबंध में अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) पूरा करने के बाद बैंकों और गैर-बैंकों द्वारा ये पीपीआई जारी किए जाते हैं। इन पीपीआई का उपयोग वस्तुओं और सेवाओं की खरीद, निधियों के अंतरण अथवा नकद आहरण के लिए किया जा सकता है।

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 11, 2022

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